बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

Super Exclusive (वीडियो)पटना में भतीजे ने मिठाई व्यवसायी चाचा को मरवाई 2 गोलियां आखिर क्यों? जान कर रह जाएंगे आप सन्न

ASP पटनासिटी मनीष कुमार ने वारदात स्थल पर पहुचकर अपनी शुरुआती अनुसंधान में ही "भाप" लिया था पारिवारिक विवाद का सच, महज घंटेभर में साज़िश का कर दिया राजफाश

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पटना Live डेस्क। राजधानी पटना में बुधवार की शाम अगमकुआं थाना क्षेत्र के भूतनाथ में एक मिठाई दुकानदार को ताबड़तोड 2 गोलिया मार दी गई। खून से लतपथ मिठाई व्यवसायी को घायल अवस्था मे नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहाँ उनका इलाज जारी है। घटना की खबर मिलते ही स्थानिए थाना पुलिस पहुची और अपनी जांच प्रारंभ करते हुए घटना के बाबत वरीय अधिकरियों को अवगत कराया। खुरेजी की वारदात की खबर पर पटनासिटी ASP मनीष कुमार भूतनाथ स्थित वरदतस्थल पर पहुचे और अपनी जांच प्रारम्भ करते हुए छानबीन और स्टाफ से बातचीत करने लगे। शुरुआती जांच पड़ताल में ही ASP मनीष कुमार की आंखों ने दुकान पर मौजूद आदित्य और उनके स्टाफ की सकपकाहट को भाव लिया। इधर, वारदात की सूचना पर पहुची मीडिया को वारदात की जानकारी भी देनी थी, सो उन्होंने बताया कि …

फैक्ट फाइंडिंग By टीम पटना Live

भूतनाथ रोड स्थित मिठाई दुकान में फ़ायरींग की घटना और घायल समीर सिंह के बाबत ASP (पटनासिटी) मनीष कुमार द्वारा साझा की गई शुरुआती जानकारी में यह तो स्पष्ट हो गया कि घटना में पारिवारिक विवाद है साथ ही पहले से विवाद हो रहा था। वारदात के बाबत तमाम पहलुओं को जोड़ने के बाद ये तो बात खुल गई कि मामला कही न कही परिवार के लोगो के बीच का ही है। लेकिन सवाल अब भी वही था आखिर क्यों और किसने ? 

खोदा पहाड़ निकला घर का चिराग 

दरअसल, यह घटना परिवार के चिराग के गलत संघति में पड़कर बिगड़ ने के बाद के रिश्तों के संघर्ष की कहानी का खूंरेजी भरा अंत है। शायद अंत कहना मुनासिब न होगा क्योंकि यह घर के चराग से घर मे ही लगी आग की पहली किस्त शायद है। खैर,

                 बात भूतनाथ के मिठाई दुकान की जहाँ खूंरेजी की वरदात हुई है।गोली लगने से घायल शख्स दुकान का ऑनर समीर सिंह के तौर पर आइडेंटिफाइड किए गए है। दरअसल, समीर सिंह के सगे बड़े भाई का नाम आशुतोष सिंह है। बड़े भाई आशुतोष सिंह के दो बेटे है अभिषेक और आदित्य। घटना के वक्त समीर अपने बड़े भाई के बेटे यानी अपने भतीजे आदित्य के संग अपनी शॉप पर मौजूद थे।

                 मिठाई के कारोबार में पूरा परिवार शामिल है।लेकिन समीर सिंह मुख्य भूमिका निभाते है। दरअसल, अशुतोष के दो बेटे में अभिषेक की संघति शुरू से ही गलत लड़को के साथ रही है।वक्त के साथ सोहबत का असर भी अभिषेक पर पड़ा और जरायम पेशा दोस्तो के संग नशेबाजी और गुण्डई अब उसकी आदत बन गई। तो परिजनों ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की पर जब असर न दिखा तो आज़िज़ आकर उसे लगभग परिवार से बेदखल कर उसको उसकी हालत पर छोड़ दिया।

वक्त बीत रहा था इसी बीच एक दिन कदमकुआं थाना द्वारा अभिषेक को आपराधिक वारदात में शामिल होने के आरोप में धर दबोचा गया और चालान कर जेल भेज दिया गया। लेकिन परिजनों ने तो उसकी कोई मदद की न कोई सुध ली वक्त बिता और विगत महिने किसी तरह अभिषेक जमानत पर जेल से बाहर निकलने में कामयाब हो गया।

                       जेल से जमानत पर बाहर निकला तो घर की याद आई और जेल में हुए कष्ट भी कचोट रहे थे। दअरसल भरा पूरा परिवार होने के बावजूद जेल यात्रा में न तो किसी ने पूछा न ही किसी मे मदद की इससे उनके मन मे परिजनों के प्रति गुस्सा था ही और तो और इतने दिन जेल यात्रा के बाद कर्ज़ भी चढ़ गया था सो अलग। पैसे ख़ातिर अभिषेक ने अपने परिवार की मिठाई दुकान के मुनाफ़े में अपनी हिस्सेदारी मांगनी शुरू कर दी। इसको लेकर विगत चार-पांच दिनों से अभिषेक लगातार दुकान पर साथियों संग आकर अपने पिता और चाचा से विवाद करता था। इसकी गवाही आसपास पड़ोस के दुकानदार और लोगबाग करते है। यह सिलसिला लगातार जारी था, परिजनों द्वारा अभिषेक को बिल्कुल भी तवज्जो नही दी जा रही थी। इसका फलाफ़ल यह हुआ कि बुधवार की शाम अभिषेक ने अपने साथियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश के तहत उन्हें हरबे हथियार के संग भेजा और शॉप पर मौजूद अपने चाचा समीर और  बड़े भाई आदित्य से पैसे की मांग करवाई। बातचीत के दौरान मामला बिगड़ गया और फिर गुत्थतम गुत्थी होने लगी।

इसी बीच चाचा समीर को बचाने ख़ातिर उनका भतीजा आदित्य आगे आया तो युवको ने उसपर हेलमेट से वार कर दिया पर तब शोर शराबा होता देख आसपास पड़ोस के लोगों को आता देख अभिषेक के अपराधी दोस्तो ने अचानक ताबड़तोड दो राउंड फ़ायरींग कर दी जो समीर के जबड़े में जा लगी गोली लगते ही अफरातफरी मच गई और फ़ायरींग करने वाले युवक वहाँ से फरार हो गए।

पुलिस ने इस खुरेजी का सच महज घंटे भर में न केवल जान लिया बल्कि अब लगातार अभिषेक और उसके साथियों को धर दबोचने ख़ातिर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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