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Fact Finding – क्या पटना में सच में गैंगरेप हुआ है? या फिर मामला कुछ और है? वो OYO होटल का कमरा, पीड़िता और आरोपी का CDR खोलेगा राज़, कथित पीड़िता के छोटा भाई की भूमिका पर है सवाल

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अबतक आपने पढ़ा …

Fact Finding – क्या पटना में सच में गैंगरेप हुआ है? या फिर मामला कुछ और है? हालात और सुबूत कुछ और ही इशारा कर रहे है.

Fact Finding-2 (वीडियो) क्या पटना में सच में गैंगरेप हुआ है? या फिर मामला कुछ और है? हालात और सुबूत कुछ और ही इशारा कर रहे है..

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क्रमशः से आगे …..

पटना Live डेस्क। पटना पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी के जरिए कथित गैंगरेप मामले में सभी चारो आरोपियों और कमरा देने वाले अग्नि को दबोच लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी ख़ातिर पुलिस ने न केवल ताबड़तोड छापेमारी की बल्कि परिजनों पर डाले गए दबाव की पुलिसिया टैक्टिकट्स ने असर दिखाया और शुक्रवार को जहां आरोपी विपुल कुमार और मनीष कुमार ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दोनो आरोपी कुम्हरार स्थित एक ही मोहल्ले के रहने वाले है। मनीष कुमार सीएनएलयू का छात्र है।वही पिता अरविंद कुमार हाइकोर्ट में अधिकारी है। विपुल बीएन कॉलेज का छात्र है। वही विपुल के पिता LIC एजेंट है। वही,अन्य बाकी बचे दोनो नामज़द पालीगंज के निवासी अमन भूमि और मूल रूप से छपरा के निवासी अश्विनी सिंह राजपूत को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

                  कथित गैंगरेप के चारो आरोपियों को फुलवारी जेल में निरुद्ध कर दिया गया है। पुलिस का अनुसंधान जारी है। लेकिन ज्यो ज्यो मामले की जांच आगे बढ़ रही है। त्यो त्यो इस कथित गैंगरेप की कहानी में कई पेंच स्पष्ट झलक रहे है। वही, दूसरी तरफ पीड़िता और आरोपी युवक विपुल का एक 57 सेकेंड का ऑडियो क्लीप वायरल हुआ है। उक्त वायरल ऑडियो में पीड़िता के बातचीत के लहजा बहुत कुछ कहता प्रतीत हो रहा है तो दूसरी तरफ विपुल के परिजनों से बातचीत में कहे गए शब्दो की पुष्टि भी होती है कि मेरा बीट उससे बात नही करना चाहता था, फिर भी वो कॉल करके परेशान करती थी।

पीड़िता और विपुल – एक ही कॉलेज के छात्र

तथाकथित सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता और विपुल कुमार बीएन कॉलेज के ही छात्र है। मिली जानकारी के अनुसार दोनो की जान पहचान इसी वर्ष शिक्षक दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। दरअसल, विपुल को फोटोग्राफी का शौक है। टीचर्स डे के दिन पीड़िता और विपुल के बीच बातचीत की शुरुआत की वजह बनी फोटोग्राफी। खैर,एक बार बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो फिर मोबाइल से होता हुआ मोहब्बत में तब्दील होने में वक्त ही नही लगा। फिर दोनो को अक्सर एक साथ कॉलेज में और बाइक पर घूमते हुए कइयों ने देखा। दोनो की दोस्ती के गवाह कॉलेज के सैकड़ो छात्र और छात्राएं है। वक्त बीत रहा था दोस्ती परवान चढ़ रही थी, कॉलेज के बाहर भी मिलना जुलना शुरू हुआ। नज़दीकियां और बढ़ने लगी तो फिर अकेले में मिलने की चाहत भी, तो फिर सहारा मिला OYO के होटल बुकिंग सॉफ्टवेयर से। एक कमरा बुक किया गया।

 

 

OYO होटल बुकिंग सॉफ्टवेयर खोलेगा  सच

पीड़िता और विपुल की दोस्ती मोहब्बत में तब्दील हो चुकी थी। दोनो एक दूसरे से कसमें वायदे और फ्यूचर प्लानिंग तक करने लगे। दरअसल,वर्त्तमान दौर की युवा पीढ़ी जो फिल्मों में फ़ास्ट एंड फ्यूरियस और खाने में फास्टफूड पसंद करती है। तभी तो मोबाइल से शुरू होती मोहब्बत जल्द ही दो जिस्म एक जान हो जाती है और सामाजिक मापदंडों और नैतिका के पैमाने को दकियानूसी बाते कहकर ख़ारीज कर दिए जाते है।

खैर आरोपी विपुल ने आखिरकार मिलन की चाहत में OYO होटल बुकिंग सर्विस के तहत राजधानी के आरपीएस मोड़ के समीप एक होटल जिसका कोड -27037 है में कमरा बुक किया और फिर पहली बार पीड़िता और विपुल एक कमरे में मिले। इस मिलन के दौरान दोनों ने कमरे में घण्टों एक दूसरे में खोए रहे। इस दौरान तमाम वायदे और कसमें खाई गई और फिर उन पलो को यादगार बनाने की भी कवायद की गई। इस बात की तस्दीक RPS मोड़ पर स्थित होटल से भी की जा सकती है।कहते है तस्वीरें झूठ नही बोलती है ख़ैर

कथित पीड़ित और विपुल के CDR खोलेगे राज़

वही, घटना वाले दिन यानी 9 दिसम्बर को पीड़िता के दोनो मोबाइल नम्बरो का महज CDR निकाल लिया जाए तो दूध का दूध पानी हो जाएगा ये कहना है विपुल के माँ और पिता जी का। साथ ही दूसरी तरफ उनका कहना है कि 9 दिसम्बर को कथित पीड़िता ने ही उनके बेटे को ताबड़तोड तकरीबन 15-20 कॉल किये थे जैसा कि विपुल ने बताया अपने घर वालो से। वही, दूसरी तरफ विपुल के संग सरेंडर करने वाले मनीष कुमार के परिजन भी कथित गैंगरेप पर न केवल गंभीर सवाल उठाए है बल्कि उनका भी तर्क है कि CDR निकाल ने से सच लगभग सामने आ जायेगा।

मनीष को क्यो ढाई बजे बुलाया?

गैंगरेप में आरोपी मनीष के घर वालों ने भी गैंगरेप को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।मनीष के घर वालों का कहना है कि छात्रा ने 9 दिसंबर की सुबह लगभग 8 बजे मनीष को कॉल किया था। जबकि छात्रा ने अपने एफआईआर में लिखा है कि उसने 1 बजकर 14 मिनट पर अपनी केयर टेकर निशु उर्फ अनुराधा को फोन कर बताया कि कुछ लोगों ने गलत इरादे से उसे कमरे में बंद कर रखा है।

फिर छात्रा ने मनीष को कॉल करके 2.30 बजे उक्त कमरे पर क्यों बुलाया ? मनीष के घर सवालों का यह कहना है कि यह तो महज एक तथ्य है। ऐसे तमाम तथ्य है जो पुलिस की जांच की दिशा बदल सकते है बस जरूरत है पुलिस द्वारा अनुसंधान के मापदंडों का अमल किया जाए है।

पीड़िता के छोटे भाई ने की थी पिटाई

कथित गैंगरेप मामले में को लेकर दर्ज मामले के सच तलाशने के दौरान पटना Live टीम को जानकारी मिली कि घटना वाले दिन पीड़िता के सगे छोटे भाई ने अपनी बड़ी बहन को ताबड़तोड कई फ़ोन किये थे। दरअसल, छोटे भाई को किसी माध्यम से अपनी बहन की लड़को से दोस्ती के बाबत जानकारी मिली थी इसी वजह से वो अपनी बहन को ताबड़तोड फ़ोन कर रहा था लेकिन पीड़िता जवाब नही दे रहा थी। लेकिन जब जवाब नही मिला तो उसने एक sms किया और तमाम बातें पिता को बताने की धमकी दी थी।

वही, कुछ चश्मदिदों का कहना है कि सड़क पर दोनो भाई बहन के बीच जमकर बहसबाजी हुई थी। वही पीड़िता के बाबत कुछ ऐसी जानकारिया लोगो के जेहन में कैद है जो उसकी कम उम्र में ही स्वछंदता को बयान करती है।

4 लड़को की जिंदगी का सवाल 

देश की बेटियों बहनों पर तसद्दुत का चरम देखकर आवाम का गुस्सा भड़क उठा है। बलात्कार की सज़ा मौत से कम नही होने की मांग सरकार भी कबूल चुकी है। लेकिन क्या महज एक आरोप पर जिसकी अभी तस्दीक भी नही हुई है कि बिना पर 4 युवको और उनके परिजनों को रेपिस्ट और उनके परिजन कह कर सामाजिक अदृश्य बहिष्कार किया जाना न्यायसंगत है ? जरूरी है सही पुलिस की सही जांच और अनुसन्धान की ताकि कथित पीड़िता को इंसाफ मिल सके या फिर युवको का सच सामने आ सके ?

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