बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

BiG News – पाक पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ राजद्रोह के दोषी करार, विशेष अदालत ने सुनाई फांसी की सजा

39
  • देशद्रोह केस में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ को फांसी की सजा
  • इमरजेंसी लगाने के जुर्म में हुआ सजा का ऐलान
  • 31 मार्च, 2014 को दोषी ठहराए गए थे मुशर्रफ
  • परवेज मुशर्रफ अभी पाकिस्तान से बाहर दुबई में हैं।

पटना Live (इंटरनेशनल)डेस्क।पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से एक बड़ी खबर आ रही जहाँ पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को फांसी की सजा सुनाई गई है। पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार पेशावर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वकार अहमद सेठ की अध्यक्षता में विशेष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को ऐसी सजा सुनाई।फिलहाल, परवेज मुशर्रफ दुबई में हैं। 3 नवंबर, 2007 को देश में इमरजेंसी लगाने के जुर्म में परवेज मुशर्रफ पर दिसंबर 2013 में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था।मुशर्रफ को 31 मार्च, 2014 को दोषी ठहराया गया था। आज यानी 17 दिसम्बर 2019 को परवेज़ मुशर्रफ़ को फांसी की सज़ा दी गई।

इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने लाहौर हाईकोर्ट (एलएचसी) में एक याचिका दायर कर इस्लामाबाद की एक विशेष अदालत के समक्ष मुकदमे की लंबित कार्यवाही पर रोक लगाने का आग्रह किया था। उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला है।

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, वकीलों- ख्वाजा अहमद तारिक रहीम और अजहर सिद्दीकी की ओर से दायर याचिका दायर में एलएचसी से विशेष अदालत में कार्यवाही बढ़ाने पर तब तक रोक लगाने के लिए कहा गया जब तक कि एलएचसी की ओर से मुशर्रफ की पूर्व की लंबित याचिका पर फैसला नहीं हो जाता।

याचिका में, मुशर्रफ ने एक विशेष अदालत के गठन को चुनौती दी थी, जिसमें देशद्रोह और गैर कानूनी काम के आरोपों के तहत उनपर मुकदमा दायर किया गया था।मुशर्रफ ने यह नई याचिका इससे पहले इसी महीने तीन सदस्यीय विशेष अदालत की ओर से की गई उस घोषणा के बाद दायर की गई।

मुशर्रफ के खिलाफ 3 नवंबर, 2007 को इमरजेंसी लागू करने के लिए और दिसंबर 2007 के मध्य तक संविधान को निलंबित करने के लिए दिसंबर 2013 में मामला दर्ज किया गया था।

पाक सरकार को नोटिस

लाहौर हाईकोर्ट (एलएचसी) ने सोमवार को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के आवेदन पर पाकिस्तान सरकार को एक नोटिस जारी किया, जिसमें पूर्व में इस्लामाबाद में एक विशेष अदालत के समक्ष लंबित राजद्रोह मामले की कार्यवाही पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था।

डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मुशर्रफ ने अपने आवेदन में एलएचसी को विशेष अदालत के समक्ष लंबित कार्यवाही की घोषणा करने और उसके खिलाफ सभी कार्रवाई करने, उच्च राजद्रोह की शिकायत शुरू करने से लेकर अभियोजन पक्ष की नियुक्ति और ट्रायल कोर्ट के गठन को असंवैधानिक करार दिया।

Comments are closed.