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बड़ी खबर() फर्जी आईएएस ने युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को लगाया लाखो का चूना, गुड़गांव से पति-पत्नी को धर लाई पटना पुलिस

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पटना Liveडेस्क।बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले फर्जी आईएएस ने दोस्ती की आड़ में लाखों रुपये का चूना लगा दिया है।अपने साथ हुये इस फर्ज़ीवाड़े के बाबत पूर्व अध्यक्ष ने राजधानी पटना के कोतवाली थाने में 23 अक्टूबर 2017 को 17.50लाख रुपये की धोखाधड़ी मामला दर्ज कराया। दर्ज शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पटना पुलिस की टीम ने हरियाणा के गुरुग्राम से फर्जी आईएएस और उसकी पत्नी को कोतवाली पुलिस दस्ते ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें मंगलवार को लेकर देर शाम पटना पहुची। बुधवार को पूछताछ करने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार दंपती को कोर्ट में प्रस्तुत किया। एससी/एसटी कोर्ट ने आईएएस दंपती निर्भय सिंह एवं मिथलेश सिंह को बेऊर जेल भेज दिया है।                                                                  वही, बक़ौल दर्ज शिकायत के पूर्व युवा कॉंग्रेस अध्यक्ष ललन कुमार के-मैं राजधानी पटना के लोदीपुर का रहने वाला हूँ। विगत वर्ष 2016 में दिल्ली आने-जाने के क्रम में यूपी के अलिगढ़ के मूल निवासी निर्भय सिंह से दोस्ती हुई। निर्भय ने अपना परिचय बातौर एक वीआरएस यानी स्वैच्छिक सेवानिवृति ले चुके आईएएस के तौर पर दिया। बकौल ललन कुमार के निर्भय सिंह से मुलाकात नई दिल्ली के चाणक्यापुरी स्थित बिहार निवास के रेस्टोंरेट में हुई थी। समय के साथ हमारे ताल्लुक पारिवारिक हो गए। एक दूसरे के घर आना जाना भी हुआ तो निर्भय के माता-पिता से भी मुलाकात हुई। साथ ही अन्य परिजनों से भी मिलना जुलना हुआ।
विगत वर्ष 25 सितंबर 2016 को निर्भय सिंह ने ललन कुमार को फोन कर बताया की मैं पटना आ रहा हूँ।आप से कुछ व्यक्तिगत काम है। 29 सितंबर 2016 को निर्भय सिंह अपनी पत्नी मिथलेश सिंह,पिता योगेन्द्र सिंह के साथ पटना पहुंचे।पटना आने के बाद वह पहले मेरे लोदीपुर स्थित घर आये।फिर कहीं बाहर बैठने की बात कह कर हम सभी कोतवाली थाने के पास स्थित द सोना मेडिकल हॉल में मिले। इस मीटिंग के दौरान निर्भय सिंह की पत्नी मिथलेश सिंह,योगेन्द्र सिंह,सुजीत कुमार सिन्हा उर्फ दीपू  दिलीप कुमार सिंह और पूर्व विधायक गुलाम जिलानी वारसी मौजूद थे।बातचीत में निर्भय सिंह ने कहा कि मुझे दिल्ली में एक रेस्टोरेंट खोलने के वास्ते 40 लाख रुपये की सख्त जरूरत है। साथ ही यह भी वायदा किया कि जल्द से जल्द मैं पैसे लौटा दूंगा। ललन कुमार ने एक घंटे के अंदर अपने दोस्तों से जुगाड़ कर साढ़े ग्यारह लाख रुपये निर्भय सिंह को दिए। निर्भय अपनी पत्नी और पिता के संग दिल्ली वापस लौट गए।
फिर एक माह से भी कम समय यानी  25 अक्टूबर 2016 को निर्भय सिंह अपने भाई अजय सिंह के साथ पुनः एक बार पटना पहुंचे और ललन कुनार से पुनः कर्ज के तौर पर और रूपयों की मांग की तो युवा कांग्रेस नेता ने दोबारा सोना मेडिकल हॉल में और 6 लाख रुपये दिये दिए। इस तरह कुल साढ़े सत्रह लाख रुपये ललन कुमार ने निर्भय सिंह को दिया। लेकिन तय समय पर जब पैसे नही मिले और रूपये की जरूरत पढ़ने पर ललन कुमार ने अगस्त 2017 में निर्भय सिंह से रकम वापसी की मांग की। तो अभी हाथ खाली है तो अभी कुछ दिन रुक जाइये फिर रकम नही देने के बहाने गढ़े जाने लगे कभी निर्भय सिंह नोटबंदी, तो कभी थोड़ा-थोड़ा तो कभी नहीं देने की बात करने लगा। ललन कुमार के प्रयासों से जब सामाजिक दबाव बना तो 25 सितंबर 2017 को निर्भय सिंह ने पटना आकर 17.50 लाख का 3 और 4 अक्टूबर के पांच पोस्ट डेटेड चेक दिया,साथ में अपने लेटर हेड पर लिखित पैसे लेने की बात कुबूल किया।    
लेकिन,5 अक्टूबर को बैंक में रूपये के लिए निर्भय सिंह द्वारा दिये गए चेक जमा किये गए तो सभी के सभी बाउंस कर गए।इस पर ललन कुमार ने निर्भय सिंह,पत्नी मिथिलेश,पिता योगेंद्र सिंह और भाई अजय सिंह को लीगल नोटिस भेजा। तो निर्भय सिंह आग बबूला हो गया और होटल में ललन कुमार एवं उसके दोस्त को गाली गलौज कर रूपये नहीं लौटाने की धमकी देते हुए कहा कि मैं तुमसे देख लूंगा।।                                                फ़रेबी की दोस्ती में धोखा खाएं पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने 23 अक्टूबर को कोतवाली थाने में कांड संख्या 571 /17 दर्ज कराया और निर्भय सिंह ,पत्नी मिथलेश सिंह ,पिता योगेन्द्र सिंह भाई अजय सिंह को नामजद किया। चुकी मामला हाई प्रोफाइल था और एसी/एसटी एक्ट के तहत था। पुलिस ने ताबड़तोड़ करवाई करते हुए आरोपी फ़र्ज़ी आईएएस निर्भय सिंह औरल पत्नी मिथलेश सिंह को गुरुग्राम  के झरसा, मेंदाता हॉस्पिटल के बगल सेक्टर -39 स्थित मकान संख्या -463 में छापेमारी कर दंपती को गिरफ्तार कर लिया। राजधानी पुलिस आईएएस दंपती को गिरफ्तार कर बीते मंगलवार को पटना ले लाई। बुधवार को पूछ ताछ करने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार दंपती को कोर्ट में प्रस्तुत किया। एससी/एसटी कोर्ट ने पति निर्भय सिंह एवं पत्नी मिथलेश सिंह को बेऊर जेल भेज दिया। इधर, तथाकथित आईएएस रहें होने का दावा करने वाले निर्भय सिंह के दावे यानी खुद को पूर्व आईएएस बताये जाने के पीछे का भी सच खंगालने की कार्रवाई भी कोतवाली पुलिस द्वारा की जाने की तैयारी है।

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