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BiG News|संकट में सुपर कॉप IG अमित लोढ़ा पर डीजीपी सिंघल ने की अनुशासनिक कार्रवाई की सिफ़ारिश

1998 बैच के बिहार कैडर के IPS अमित लोढा के मगध रेंज में बतौर IG रहते व्यक्तिगत लाभ के निर्णयों को लेकर लगे बेहद गंभीर आरोपो की जाँच के बाद मिले साक्ष्य,डीजीपी की सिफारिश हो अनुशासनिक कार्रवाई

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पटना Live डेस्क। 1998 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी व वर्त्तमान में बिहार पुलिस मुख्यालय के राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो में आईजी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। डीजीपी बिहार पुलिस एस के सिंघल ने आईपीएस अमित लोढा की मुश्किलें बढ़ाते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की सिफ़ारिश कर दी है। दरअसल, मगध रेंज के पूर्व आईजी अमित लोढ़ा पर गलत तरीके से पैसे कमाने का आरोप है। जहां उन्होंने आईजी होने के दौरान 6-7 मामलों में गलत फैसले लेने की वजह से आरोपी को फायदा मिला था।साथ ही इन गलत फैसलों के जरिए IG द्वारा व्यक्तिगत लाभ उठाए जाने के बेहद गंभीर आरोप लगे है।

               बिहार कैडर के 1998 बैच के आईपीएस अफसर अमित लोढ़ा राजस्थान के रहने वाले हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौटने के बाद इनकी तैनाती बतौर आईजी मगध रेंज की गई थी। तैनाती के दौरान IG अमित लोढ़ा के खिलाफ गंभीर आरोप लगे तो बीते 2 फरवरी 2022 को नीतीश सरकार ने कार्रवाई करते हुए मगध क्षेत्र (गया) के IG अमित लोढ़ा को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए उन्हें बिहार पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया और फ़िर लगभग ढाई महीने तक वेटिंग फ़ॉर पोस्टिंग रखने के बाद स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) में तैनाती दी गई।

जाँच मिले थे साक्ष्य

आईपीएस अधिकारी पर लगे बेहद गंभीर आरोपो की विभिन्न स्तरों पर जांच की कवायद भी हुई। इनके खिलाफ लगे शुरुआती आरोपों की जांच कर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंप दी। कुछ दिनों पहले सौंपी गयी इस रिपोर्ट के बाद ही इनसे शोकॉज किया गया। ईओयू ने इनसे जुड़े विभागीय आरोपों और गलत तरीके से पैसे कमाने से जुड़े मामलों की जांच की। इस रिपोर्ट में आईजी रहने के दौरान ही पद का दुरुपयोग करने और कई गलत निर्णय लेने से संबंधित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले थे।

अनुशासनिक कार्रवाई की सिफ़ारिश

                    विभिन्न स्तरों पर जांच और रिपोर्ट्स की बिना पर डीजीपी बिहार पुलिस एस के सिंघल द्वारा आईपीएस अमित लोढा पर के निर्णयों व कार्रवाईयों को अनुशासनहीनता का प्रमाण माना गया है। साथ ही इस बात को भी उल्लेखित करना जरूरी है की DGP द्वारा बतौर आईजी मगध लोढा के निर्णयों को अपने पद की गरिमा के विपरीत किया गया आचरण माना गया है। तदुपरांत डीजीपी द्वारा आईजी(SCRB) अमित लोढा पर अनुशासनिक कार्रवाई (Disciplinary Action) की सिफ़ारिश कर दी है। 

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