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Super Exclusive|Amit Singh Murder Case| एक थाली में साथ खानेवाले ने दनादन तीन गोलियां मार किया अमित का अंत,आखिर क्यो?

वर्चस्व नही सर्वस्व की जंग में आपनो के हाथों ढेर हुआ कुख्यात अमित सिंह, बेउर जेल में अपनो से दबंगई,मारपीट गालीगलौज और बिहटा बाजार से मोटी रकम बतौर रंगदारी बढ़ता रुआब जमकर अय्याशी से जलन की वजह से तमाम दुश्मनों ने मिलकर बेउर जेल से रची खौफ़नाक साज़िश,पैसे का लालच,जिनको कहता था भैया देवघर जाकर चेचौल के कुख्यात ने ठोकी गोलियां और चुपचाप नौबतपुर लौट आया

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पटना Live डेस्क। पड़ोसी राज्य झारखण्ड में 18 जून को देवघर कोर्ट में ढेर कर दिए गए कुख्यात बिहटा के पसौढा गाँव निवासी अमित सिंह ने महज पांच (05) साल में अपराध की दुनिया में अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया था। जैसा कि अमूमन होता है स्पष्ट भी हैं अपराध की दुनिया में हिस्सेदारी के रूपये को लेकर झगड़ा शुरू होता हैं। जो धीरे धीरे दोस्तों को अलग करता है और फिर शुरू होती है एक दूसरे को टपकाने की जंग। देवघर कोर्ट परिसर में सज़ायाफ्ता अमित कुमार सिंह की हत्या का राज़फाश करते हुए झारखण्ड पुलिस ने इसी उपरोक्त कहानी को ही पुनः एक बार परिभाषित किया है।

देवघर पुलिस का दावा

खुलासे का बेस वही घिसीपीटी कहानी है। हम नही मारते तो वो मरवा देता बाकायदा अमित ने हमे टपकाने ख़ातिर कथित तौर पर 10 लाख रुपए कैश और एक गाड़ी देने की मुनादी कर रखी थी। हमे इसकी भनक लग गई अपने लोगो से और अन्य माध्यमो से तो हम सतर्क हो गए और अनीश और आशुतोष ने तय कर लिया कि अब बचना है तो मारना पड़ेगा। तभी तो कोर्ट परिसर मामले का खुलासा करते हुए देवघर पुलिस ने बताया कि अमित सिंह हत्याकांड को अंजाम देने वाले शार्प शूटर्स मोटरसाइकिल से ही देवघर पहुंचे थे।देवघर पहुंचकर वह लोग अमित सिंह की एक एक हरकत पर बाज़ की तरह नजर गड़ाए थे। साथ ही अमित की सुरक्षा मे तैनात रहा सिपाही मो. ताबिश खाँ भी अपडेट दे ही रहा था। सुबह कोर्ट परिसर में हाजरी देने जाने से पहले भी उसने बात की और तमाम बात फिक्स कर ली गई।

कोर्ट में हाजरी देने के बाद अमित सिंह अपने वकील के अस्थाई शेड रूपी ऑफिस में पहुचा और एक चेयर पर बैठ गया। इसी बीच बकौल देवघर पुलिस अनीश ने बिजली की गति से प्रवेश किया और जब तक कोई कुछ समझता ताबड़तोड़ फायरिंग कर अमित सिंह को तीन गोलियां दागकर उसकी हत्या कर दी। अपने काम को अंजाम देने के बाद फरार होने के पहले 3 फायरिंग कर भीड़ को तीतर बितर किया पिस्टल फेंकी और पहले से स्टार्ट कर खड़े साथी के मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। यह वही बाइक थी जिस बाइक से ये बिहटा से बाबा नगरी और फिर वापस पटना लौट आए।

अनीश व आशुतोष की तलाश

देवघर पुलिस ने बिहटा के कुख्यात अमित सिंह हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा तो जरूर किया है लेकिन यह महज चंदन (राउटर में एयरटेल सिम इसके नाम से) के बयान के बेस पर किया गया है। लेकिन नौबतपुर थाना अन्तर्गत पड़ने वाले चेचौल गाँव निवासी अनीश कुमार और आशुतोष सिंह जब तक पकड़े नही जाते अमित की हत्या की प्लानिंग प्लॉटिंग की हकीकत सामने नही आएगी। यानी दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही उनसे पूछताछ के बाद देवघर पुलिस इस हत्याकांड के पीछे की असली वजह और डार्क सीक्रेट का पर्दाफ़ाश कर पाएगी।

             बहरहाल, इस मामले में चंदन तक देवघर पुलिस राउटर की तकनीकी जांच और सिपाही ताबिश खाँ के बयान से खुलासा हुआ कि अनीश व आशुतोष अमित हत्याकांड को अंजाम देने के लिए एक दिन पहले ही देवघर पहुच गए थे। साथ ही सिपाही मो.ताबिश और सोनू से फोन के जरिए अमित की एक एक हरकत की जानकारी लेते रहे थे। इस पूरे षड्यंत्र में एक नाम और आया है बिट्टू का यह नाम महत्वपूर्ण है।

हर दिन …….. होगा इस खुलासे में चेहरों और शातिरों की हक़ीकत का अपडेट ….तो बने रहिए पटना Live के साथ

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