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BiG News-रातों रात पति को IPS बनाने वाली SDPO कहलगांव रेशू कृष्णा का भी हुआ तबादला,जानिए कहाँ मिली तैनाती …

अचानक एक दिन पति को IPS की वर्दी पहना कर सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर चर्चित हुई भागलपुर के कहलगांव की एसडीपीओ रही रेशू कृष्णा (SDPO Reshu Krishna) का भी हुआ तबादला,बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (महिला) के पुलिस उपाधीक्षक के तौर पर सासाराम में मिली नई तैनाती

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पटना Live डेस्क। गुरुवार का दिन बिहार पुलिस महकमे में तबादलों के नाम रहा।बिहार सरकार, गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा ताबड़तोड़ तबादलों की अधिसूचना जारी की गई। पहले बिहार पुलिस सेवा के (ट्रेनी सहित) डीएसपी रैंक के एक साथ कुल जमा 172 अधिकारियों का बारी बारी 4 लिस्ट जारी कर तबादला किया गया। तदुपरांत बिहार पुलिस मुख्यालय के विभिन्न पदों पर तैनात वरीय 6 आईपीएस अधिकारियों समेत भारतीय पुलिस सेवा के बिहार कैडर के कुल 16 ट्रेनी पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए नई तैनाती दी गई। लेकिन इन तबादलों के बीच भागलपुर जिले के कहलगाँव की एसडीपीओ रही रेशू कृष्ण को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (महिला) के उपाधीक्षक के तौर पर सासाराम में नई तैनाती चर्चा का विषय बन गया है। अमूमन सूबे के पुलिस के विशेष दस्तों में तैनाती को सटिंग पोस्टिंग की संज्ञा दी जाती है।

दरअसल,बिहार की इस डीएसपी के कारनामें से पुलिस महकमे में हड़कंप तो मचा ही बाकायदा इसकी गूंज प्रधानमंत्री कार्यालय(PMO) तक सुनी गई। हुआ यूं कि तत्कालीन कहलगांव एसडीपीओ रेशू कृष्णा (SDPO Reshu Krishna) ने अचानक अपने पति को न केवल रातों-रात आईपीएस (IPS) बना दिया बल्कि बाकायदा आईपीएस यूनिफॉर्म में फ़ोटो क्लिक कर सोशल मीडिया के सबसे लोकप्रिय मंच पर साझा कर दिया। मोहतरमा द्वारा आईपीएस की वर्दी पहने पति संग साझा की गई तस्वीर वायरल हो गई। उल्लेखनीय है की बताया जाता है कि SDPO रेशू कृष्णा के पति कथित तौर पर कुछ भी नहीं करते है।लेकिन रेशू कृष्णा ने अपने पति के साथ जो तस्वीरें साझा की उसमें उनके बेरोजगार पतिदेव बकायदा आईपीएस की वर्दी पहने दिखे ही,साथ ही फोटो में बावर्दी एसडीपीओ पत्नी के साथ फर्जी IPS विक्ट्री साइन भी दिखाते दिखे। साथ ही यह भी दावा रहा कि उक्त महाशय की पदस्थापना पीएमओ में है।

PMO में की गई शिकायत जांच के मिले आदेश

वायरल तस्वीर के बाबत किसी ने शिकायत पीएमओ (PMO) में कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच के आदेश प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किए गए। पीएमओ से बिहार पुलिस मुख्यालय और फिर जांच का जिम्मा भागलपुर की एसएसपी नताशा गुड़िया को मिला। मैडम ने जब सच की तहक़ीक़त की तो उनके पैरों तले जमीन निकल गई।

दरअसल,एक डीएसपी की बेहद शर्मनाक और शातिराना खेल में शामिल होने के तमाम सुबूत मिल रहे थे। जो इस बात की ताक़ीद कर रहे थे कि इस पूरे प्रकरण में कहलगाँव एसडीपीओ की भूमिका बेहद ही संदिग्ध और निर्णायक है। इस शातिराना व संदिग्ध खेल के शुरुआती जांच के दौरन ही स्पष्ट हो गया था कि इस फर्जीवाड़े में मैडम डीएसपी और उनके फर्जी आईपीएस पति की संलग्नता पुरज़ोर और पुरसुकून है।लेकिन महज चंद दिनों में जो सच एसएसपी भागलपुर द्वारा जांचा व परखा गया तो स्पष्ट हो गया कि तस्वीरों में बड़े शान से IPS की वर्दी पहन पोज दे रहा शख्स आईपीएस तो छोड़िए जनाब एक मामूली सिपाही भी नही है।

वहीं इस मामले के शुरू होने के बाद एसडीपीओ और उनके पति ने अपने अपने सोशल मीडिया एकाउंट से वर्दी पहने फोटो को हटा दिया। पर फोटो के हटाने से पहले यह तेजी से वायरल हो चुका था। सेना और पुलिस की वर्दी आम लोगों के पहनने पर प्रतिबंध है। इससे जुड़े सशस्त्र बल अधिनियम साथ ही आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के साथ भारतीय दंड संहिता में कई प्रावधान है। आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 6 में आम लोगों के वर्दी पहनने पर प्रतिबंध लगा हुआ है और इसका उल्लंघन करने पर 3 साल की सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है।।वहीं आईपीसी की धारा 140 में 3 महीने तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। तब से बिहार पुलिस सेवा की इस पदाधिकारी रेशू कृष्ण व इनके पति के सिर पर कार्रवाई की तलवार लटकी है।

अब जब हक़ीक़त बाहर आई तो एसडीपीओ साहिब जो मीडिया में लेडी सिंघम और न जाने क्या क्या कहलाती थी बगले झांकने लगी। तो वही दूसरी तरफ जांच रिपोर्ट मिलने के बाद भी बिहार पुलिस मुख्यालय को न कुछ कहते बन रहा है न कुछ लिखते बना। लेकिन जिस तरह से SDPO की भूमिका इस पूरे प्रकरण में स्पष्ट है इससे साफ पता चलता है कि साज़िश गहरी है। तो वही दूसरी तरफ एसएसपी भगालपुर की जाँच रिपोर्ट के बावजूद बिहार पुलिस मुख्यालय की आश्चर्यजनक खामोशी भी सवालों के घेरे में रही?

लेकिन इसी बीच अचानक गुरुवार को बिहार पुलिस महकमे में हुए ताबड़तोड़ तबादलो की लिस्ट में एसडीपीओ कहलगाँव रेशू कृष्णा का तबादला बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (महिला) दस्ते के पुलिस उपाधीक्षक के तौर पर सासाराम कर दिया गया है।

इस बाबत भी कई सवाल उठ रहे है। वही, जानकारों का मानना है कि गुरुवार को हुए ताबड़तोड़ कुल 172 डीएसपी रैंक के अधिकारियों के तबादलो के बीच रेशू कृष्णा को कहलगाँव से हटाकर सासाराम स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (महिला) दस्ते में भेजना कार्रवाई से बचाने और मुद्दे से ध्यान भटकाने की कवायद का हिस्सा तो नही?

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