बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

Super Exclusive (वीडियो) DGP साहब आपकी अपील सच हो गई फूलों की बारिश के बीच पटना पुलिस ने बदल दी पुरातन तस्वीरें

90
  • आपदा को अवसर में तब्दील कर लेने के DGP बिहार की अपील का हुआ जबरदस्त असर
  • पटना में निस्वार्थ सेवा भाव ख़ातिर थानेदार पर फूलों की बारिश
  • कोरोना के कहर के बीच बिहार पुलिस की छवि हो रही है परिवर्तित।
  • Lockdown फेज वन और टू में बेसहारा और मजदूर तबके ख़ातिर ‘फ़रिश्ता’ बनी पटना पुलिस, भूखों को भोजन मिशन जारी
  • Lockdown के दूसरे दिन से निरंतर चल रहा है ‘कम्युनिटी कीचन’ 

पटना Live डेस्क। Covid-19 जैसे विश्व्यापी आपदा मे चट्टान की तरह अपने कर्तव्यों का निडर होकर निर्वहन कर रहे कर्मवीरों को #Corona_Warriors के खिताब से कृतज्ञ राष्ट्र सलाम कर रहा है। बिहार समेत देशभर में एक तरफ जहां कोरोना वायरस का असर बहुत तेजी से बढ़ जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ देश में ऐसे कर्मवीर भी हैं, जिनकी हिम्मत,हौसले और कर्मों ने इस वैश्विक महामारी को पस्त करने का बीड़ा उठाया है। इनमें मुख्य रूप से पुलिसकर्मियों और चिकित्सकों की भूमिका सबसे अहम है अत्यधिक चुनौतीपूर्ण है। इन अदम्य साहसी कर्मवीरों द्वारा अपनी जान की परवाह किये बगैर मिनिमम सुरक्षा संसाधनों के साथ आमलोगों और घातक #CoronaVirus के बीच दीवार बनकर खड़े हैं। वर्त्तमान समय मे कोरोना वायरस के संक्रमण काल में ‘सोशल ट्रांसमिशन’ न हो इस ख़ातिर जान की परवाह किए बगैर ड्यूटी कर रहे बिहार पुलिस का हर अधिकारी और जवान न केवल ड्यूटी पर मुस्तैद है बल्कि कोविड- 19 के संक्रमण से बचाव कार्य के लिए लगातार प्रयासरत है।

कोरोना वॉरियर्स को हमारा सलाम

कोरोना वायरस और भारतीय जनमानस के बीच दीवार बनकर खड़े अदम्य साहसी ख़ाकीवालों के साथ ही बिहार पुलिस के मुखिया डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय भी कंधे से कंधा मिलाकर न केवल इस आपदा से लड़ रहे है बल्कि एक कुशल और प्रभाविनेतृत्व कर्ता के तौर पर लगातार अपने मातहतों से फ़ोन पर न केवल हालचाल जान रहे है बल्कि उनकी यथासंभव हौसला अफजाई करते हुए निर्बल असहाय और जरुरतमन्दों के बीच सूखा राशन भी वितरित कर रहे है।

दरअसल, इस आपदा की घड़ी को भी डीजीपी बिहार ने पुलिस परिवार ख़ातिर अवसर मानते हुए संदेश जारी करते हुए कहा कि विपदा की इस घड़ी में खाकी की पुरातन छवि को तोड़कर हमे न केवल पीपुल्स फ्रेंडली बनना है बल्कि कोशिश करनी है कि हम आमआदमी का सहारा बन सके। परिवार के मुखिया की यह अपील जबरदस्त असरकारी साबित हुई है। सूबे में पुलिसवालों पर फूलों की बारिश हो रही है।तस्वीरें बदल रही है।खाकी की पुरातन छवि के उलट पटना के पुलिसकर्मी नया आयाम गढ़ रहे है।

छवि बदलाव की कवायद 

भारत सहित कई देशों में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की स्थिति है। जिससे लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। फ़िलहाल कोरोना वायरस का कोई वैक्सीन नहीं है।कोरोना वायरस के कहर से बचने ख़ातिर लॉकडाउन का सबसे अधिक असर से रोजमर्रा मेहनत मजदूरी करने वालों को गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।

बात अगर राजधानी पटना की करे तो लॉकडाउन का सबसे घातक असर गरीबों और बेसहारों पर पड़ा है। मजदूर, रिक्शा चलाने वाले और भीख मांगकर गुजारा करने वाले सैकड़ों लोगों के सामने भूखे रहने की नौबत आ गई है।बच्‍चों को खिलाने तक का इंतजाम नहीं हो पा रहा। जनता कर्फ्यू के बाद lockdown की घोषणा के बाद कदमकुआं थाना क्षेत्र के राजेंद्रनगर ब्रिज के नीचे और स्लम एरिया में दैनिक मजदूरों के सैकड़ो परिवार है जिनके सामने भुखमरी के हालात पैदा हो गए।

तय मानक,सोशल डिसटेनसिंग और भोजन

बेबस और लाचार घर में नन्हे बच्चे हैं और रोज़ कमाने खाने वाले वर्ग के स्पष्ट कहा कि उनके पास खाने को कुछ नहीं बचा है। चावल था वो भी खत्‍म हो गया है। मेहनत मजदूरी का काम भी पूरी तरह से खत्‍म हो गया है। सामान के पैसे तक नहीं हैं। स्थिति बद से बदतर की ओर अग्रसर थी। बात एक दिन की नही थी तो फिर थानाध्यक्ष कदमकुआं पहल की और क्षेत्र के समाजसेवी युवाओं समेत प्रबुद्ध जनमानस से बात कर समस्या के निदान की कोशिश की साथ तयतमाम मानकों और सोशल डिसटेनसिंग का सख्ती से पालन करने की शर्त के साथ बेसहारा के निवाले यानी भूखों को भोजन मिशन की नींव डाली।तय हुआ कम्युनिटी किचन की व्यवस्था के तहत सुबह शाम भोजन की व्यवस्था की जाए और थाने के पुलिसकर्मी फ़ूड पैकेट्स का वितरण करेंगे। मिशन भूख को शुरू किया गया जो आज भी जारी है।

खाकीवाले फरिश्ते

हालात की गम्भीरता ने पटना पुलिस के जवानो ने भी पहल की मदद को आगे आए हैं। जिले के सभी थाने के जवान अपने स्तर से गरीबों को खाना देने का प्रयास कर रहे हैं।राजधानी के कोतवाली,कमदकुआं और कंकड़बाग थाने के थानेदार और जवान गरीबों को खाना देने में आगे हैं। ख़ाकीवालों की दिनचर्या अब कुछ यूं तब्दील हो गई है।

अपने कर्तव्यों के बीच कदमकुआं ‘थानेदार, समेत थाने के तमाम स्टाफ रोज सुबह और शाम पुलिस के जवान खाना बनवाते हैं। उसे पैकेट में बंद कर गरीबों के बीच बांटते हैं। इसके इलावा दिन में चूड़ा, गुड़, बिस्किट और पानी भी अपनी जेब से खरीद कर बेसहारा लाचार और आशक्तों विशेष कर बूढे व बीमारों को देते हैं।

पीपुल्स फ्रेंडली पुलिस का सपना सच मे तब्दील हो रहा है। पुलिस राजेंद्रनगर ब्रिज के नीचे,खद्दा पर, रैबबसेरा, मैला टंकी, प्रेमचंद गोलम्बर समेत इलाके के तमाम बुजुर्गों, बेबसों और अन्य जिलों के दैनिक मजदूरों और इसके आसपास रह रहे गरीबों की मदद कर रही है।

मुहिम जारी है, मिशन उद्देश्य में तब्दील हो गया है। समाजिक संगठनो और प्रबुद्ध नागरिकों का सहयोग मिल रहा है। पुलिस की जिप्सी समेत अन्य वाहन पर खाने के पैकेट मजलुमो और जरुरामन्दों तक लगातार सुचारू ढंग से पहुचा रहे है। वही लागतार अन्य राज्यो और जिलों से आये बीमार और लाचार भोजन कर अपनी भूख मिटा रहे है। खाकी को फरिश्ते में तब्दील होने का गवाह बन रहे है।कदमकुआं थाने का कम्युनिटी किचन लगातार भोजन पकाकर तमाम मानकों और सोशल डिस्टेंनसिंग का अक्षरसः पालन कर रहे है।

कम्यूनिटी किचन में युवावर्ग के 11 युवाओं जिनमे मुख्य रूप से शानू पाठक, चुन्नू यादव,अंकित बंसल, रोहित और अन्य समाजसेवी युवक दो शिफ्ट में भोजन बनवाकर कदमकुआं एसएचओ,एडिशनल एसएचओ, एसआई मुकेश कुमार, एएसआई संतोष कुमार और थाने के तमाम कर्मी ड्यूटी के साथ भोजन का वितरण कर रहे है। साथ ही मास्क,मेडिकेटेड साबुन और अन्य सामग्रियों का वितरण कर रहे है। प्रयास जारी है भूख के विरुद्ध युद्ध जारी है। सूखा राशन भी जरुरतमंद परिवारो के बीच लगातार वितरीत किया जा रहा है।

रविवार को भी कदमकुआं थानाध्यक्ष निशीकांत निशि हर दिन की भांति अपने पुलिसदल के साथ Lockdown को सफल बनाने ख़ातिर थाना क्षेत्र के विभिन्न मुहल्लों में पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान दरियापुर इलाके में कुछ सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने वालों ने उनसे आग्रह किया कि जरूरतमंदो के बीच वो राशन वितरित कर दे। आपदा की स्थिति में जरूरतमंदों की मदद को तत्पर रहने वाले कदमकुआं थानेदार ने सहर्ष इस नेक को शुरु कर दिया और राशन बाटने लगे इसी बीच अचानक उनपर मोहल्ले वालों द्वारा फूलों की बारिश करने लगे।

थानेदार व पुलिस टीम के ऊपर वहां खड़े लोगो के साथ ही घरों की बालकनी से महिलाओं और बच्चों ने फूलों की बारिश करनी शुरू कर दी। छोटे हो या बड़े बूढ़े हो या जवान सभी अपने अपने घरों की खिड़कियों व छतों से फूल बरसाकर स्वागत करने में लगे।आम शहरी द्वारा इस तरह फूल बरसा कर किए गए सम्मान ने उपस्थित खाकी वालो को कुछ पल ख़ातिर भावुक कर दिया।

Comments are closed.