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Super Exclusive(वीडियो) मुज़फ़्फ़रपुर नवरुणा मामले में कल सीबीएए द्वारा हिरासत में लिए गए वार्ड पार्षदक़ रोते हुए कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचे स्पेशल कोर्ट

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मनोज कुमार, ब्यूरो कॉर्डिनेटर

पटना Live डेस्क। मुज़फ़्फ़रपुर नवरुणा मामले में कल सीबीआई द्वारा हिरासत में लिए गए वार्ड पार्षद रोते हुए कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचे स्पेशल कोर्ट। उल्लेखनीय है कि बिहार में अबतक के सबसे हाई प्रोफाइल अनसुलझे मामलों में से एक मुजफ्फरपुर में वर्ष 2012 में हुए नवरुणा हत्याकांड में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए तकरीबन पांच साल पुराने मामले में साढ़े 3साल से मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पहली गिरफ्तारी की है। उनकी गिरफ्तारी पटना के सीबीआइ दफ्तर में पूछताछ के बाद की गई।पहले उन्‍हें सीबीआइ ने पूछ ताछ के लिए हिरासत मे लिया था।कांड के आइओ कुमार रौनक ने राकेश कुमार सिन्हा की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हालांकि,पार्षद की गिरफ्तारी के बाबत और कुछ बताने से इन्कार कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि पप्पू को हिरासत में लेने के लिए सीबीआइ की विशेष टीम रविवार की रात से ही शहर में थी। दोपहर में जैसे ही वे घर के पास के मंदिर के निकट पहुंचे, सीबीआइ अधिकारियों ने उन्‍हें कब्जे में ले लिया। बाद में इसकी सूचना घर वालों को दी गई।


सनद रहे कि कई माह पहले पूछताछ व कई टेस्ट के बाद अचानक शांत पड़ी सीबीआइ ने 30 अगस्त को पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी व राकेश कुमार सिन्हा उर्फ पप्पू के आपराधिक इतिहास की मांगएसएसपी विवेक कुमार से की थी।तभी से यह आशंका व्यक्त की जा रही थी सीबीआइ जल्द ही कोई न कोई बड़ा कदम उठाएगी।
नवरुणा अपहरण कांड की जांच कर रही सीबीआइ के 30 अगस्त को पत्र से शहर में हड़कंप मचा है। कांड की जांच कर रही सीबीआइ शहर के पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी और वार्ड के पार्षद राकेश सिन्हा पप्पू का आपराधिक रिकॉर्ड मांगा था। इसके लिए एसएसपी को पत्र देकर इन दोनों का आपराधिक रिकार्ड शीघ्र ही उपलब्ध कराने को कहा है। एसएसपी विवेक कुमार ने नगर डीएसपी सहित जिले के सभी डीएसपी व थानेदारों को वायरलेस मैसेज देकर इन दोनों के विरुद्ध दर्ज मामलों की सूची सौंपने का निर्देश दिया था।

पांच माह पहले विजेंद्र से हुई थी पूछताछ

नवरूणा कांड की जांच कर रही सीबीआइ पांच माह पहले  21 मार्च को पटना स्थित कार्यालय में पूछताछ की थी।।इसके पूर्व सीबीआइ नोटिस देकर उन्हें 16 मार्च को पटना स्थित कार्यालय बुलाया था। लेकिन उक्त तिथि को आवश्यक कार्य को लेकर वे वहां नहीं पहुंच सके थे।बाद में 21 मार्च को वहां पहुुंचे विजेंद्र चौधरी से सीबीआइ ने डेढ़ घंटे तक नवरूणा अपहरण कांड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर पूछताछ हुई थी।

नोटिस लेने से इनकार किया था वार्ड पार्षद ने

वार्ड पार्षद राकेश सिंहा उर्फ पप्पू को भी नोटिस दिया गया था। लेकिन उन्होंने  लेने से इनकार कर दिया तो उनके दरवाजे पर चिपका दिया गया था। वार्ड पार्षद  पप्पू से सीबीआइ इसके पूर्व भी कई बार पूछताछ कर चुकी है। इनका लाइ डिटेक्टर टेस्ट भी करा चुकी है। सीबीआइ उनके नार्कों व ब्रेन मैंपिंग टेस्ट कराने को लेकर नोटिस दिया था।उन्होंने जांच से इनकार कर दिया था।

निगम चुनाव में दिये गये शपथ पत्र में नहीं है चर्चा : मुजफ्फरपुर,वार्ड चुनाव में नामांकन के दौरान दिये गये शपथ पत्र में पार्षद राकेश सिंन्हा पप्पू ने नगर थाने का डोसियर होने से संबंधित तथ्यों को छिपा लिया था. दिये गये शपथ पत्र में उन्होंने सदर थाने में मारपीट से संबंधित दर्ज मामले का ही जिक्र किया था. जबकि पूर्व में ही उन पर लूट,डकैती सहित अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज हैं.

पूर्व विधायक पर दर्ज हैं आधा दर्जन मामले

पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी पर चुनाव व राजनैतिक मामलों को लेकर जिले के कई थानों में कुल छह मुकदमे दर्ज हैं. चुनाव के दौरान दिये गये शपथ पत्र में भी उन्होंने दर्ज मुकदमों का जिक्र किया है. विजेंद्र पर नगर, कटरा, मिठनपुरा, काजीमुहम्मदपुर थाने में चुनाव आचार संहिता सहित अन्य मामलों में मुकदमा  दर्ज है.

नगर थाने के डोसियर नंबर ए-193 हैं वार्ड पार्षद राकेश : सीबीआइ के पत्र के बाद एसएसपी विवेक कुमार वार्ड पार्षद राकेश सिन्हा पप्पू व पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी का आपराधिक इतिहास जिले के सभी थानों से मांगा है. राकेश सिंहा पप्पू का पुराना आपराधिक इतिहास है. नगर थाने में इनके नाम से डोसियर संधारित है. डोसियर नंबर ए-193 में ये नामित हैं. डोसियर के अनुसार वर्ष 1986 में इनपर लूट से संबंधित कांड संख्या-231/86 दर्ज है. लूटा गया सामान भी इनके पास से बरामद होने की चर्चा रिकॉर्ड में है. इसके बाद वर्ष 1987 में नगर थाना में ही इन पर डकैती से संबंधित कांड संख्या-438/87 दर्ज हुआ था. पुलिस के अनुसार डाका कांड में लूटा गया समान भी इनके यहां से बरामद हुआ था. इसके अगले ही साल वर्ष 1988 में रेल पुलिस इनके विरूद्ध कांड संख्या -48/88 दर्ज किया था.

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