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BIG News-मंगलवार को माँ ने जीता मुखिया का इलेक्शन बुधवार को मिली दारोगा बेटे की डेड बॉडी,मचा हड़कंप

माँ के मुखिया बनने का जश्न मनाने जमालपुर से अपने घर जा रहे थे पखवारे भर पहले ही मुंगेर के हरपुर के पूर्व थानेदार शिवेंद्र पासवान उर्फ संतोष कुमार,ड्राइवर समेत कार गिरी पानी मे,हुई दर्दनाक मौत

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पटना Live डेस्क। बिहार के समस्तीपुर जिले के सातनपुर में बुधवार सुबह एक कार असंतुलित होकर सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में डूब गई। इससे कार में सवार एक दारोगा समेत दो लोगों की मौत हो गयी। हादसा अहले सुबह एनएच-28 पर बहिरा चौर के पास हुई। दारोगा की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड के केरमा गांव निवासी हरेन्द्र पासवान के पुत्र शिवेन्द्र पासवान के रूप में हुई जबकि दूसरा कार चालक था। उसकी पहचान जमालपुर के रहने वाले अमित कुमार, पिता धनेश्वर तांती के रूप में हुई है। बताया गया है दारोगा मुंगेर जिले के जमालपुर थाने में जेएसआई के पद पर पदस्थापित थे। जहां से वे मंगलवार देर रात मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड के केरमा गांव स्थित अपने घर आने के लिए चले थे। आशंका जतायी जा रही है कि रास्ते में चालक की आंख लग गयी होगी, जिससे यह हादसा हुआ।

मामले में उजियारपुर थानाध्यक्ष विश्वजीत कुमार ने बताया कि कार पानी में पूरी तरह डूबी हुई थी। सुबह कुछ लोग पानी के ऊपरी सतह पर कार का पहिया देख कर उन्हें जानकारी दी। इसके बाद वे पुलिस बल के साथ पहुंचे गोताखोर की मदद से मृतकों की लाश कार से निकाली गयी। उन्होंने बताया कि दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि हादसा की सूचना मिलने पर मृत दारोगा के परिजन भी पहुंच गए।

मंगलवार को माँ हुई मुखिया निर्वाचित

बताया जाता है दारोगा शिवेन्द्र पासवान की मां कुसुमी देवी मंगलवार को मुखिया के चुनाव में विजयी हुई थीं। उसी को लेकर वे जमालपुर से अपने घर जा रहे थे। जहां हादसा हुआ वह काफी सुनसान इलाका है। जिससे घटना की काफी देर बाद लोगों को जानकारी मिली। जानकारी मिलने पर घटनास्थल पर पहुंची उजियारपुर पुलिस को पहले एक शव मिला। फिर गोताखोर की मदद से दूसरा शव भी बरामद किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पानी से कार निकाले जाने के बाद नंबर प्लेट पर लगे पुलिस के सिंबल और कार से पिस्तौल मिलने पर पता लगा कि मृतकों में पुलिस कर्मी भी शामिल है। बाद में कार में मिले कागजात के आधार पर शव का शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दी। जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया।

 वही,मृतक के भाई मुकेश पासवान ने बताया कि उसके भाई शिवेन्द्र 2009 बैच के दारोगा थे। कुछ दिनों पूर्व ही उन्हें मुंगेर जिले के हरपुर थानेदार की जिम्मेदारियों से मुक्त कर जमालपुर थाना में बातौर जेएसआई पोस्टिंग दी गई थी। दिवंगत शिवेंद्र की शादी 2012 में हुई थी। उनके 4 व 6 वर्ष के दो पुत्र हैं। मृतक के भाई ने बताया कि मंगलवार को लगभग 1 बजे चुनाव परिणाम संबंधित बातचीत उनसे हुई थी। बताया गया है दारोगा मुंगेर जिले के जमालपुर थाने में जेएसआई के पद पर पदस्थापित थे। जहां से वे मंगलवार देर रात कुढ़नी प्रखंड के केरमा गांव स्थित अपने घर आने के लिए चले थे। आशंका जतायी जा रही है कि रास्ते में चालक की आंख लग गयी होगी, जिससे यह हादसा हुआ।

जीत का जश्न मातम में तब्दील

वही, इस हादसे को लेकर गाँव से लेकर मुंगेर के हरपुर थाना व जमालपुर थाने के सहकर्मियों का एक स्वर में कहना रहा कि दिवंगत शिवेंद्र पासवान उर्फ संतोष कुमार बेहद विनम्र और पारिवारिक शख्सियत थे। अपनी माँ को मुखिया निर्वाचित कराने को लेकर बेहद सक्रिय रहे शिवेंद्र को मंगलवार को माताजी की जीत से आपार खुशी मिली थी।

जीत से उत्साहित शिवेंद्र ने अपने इलाके के लोगो से फ़ोन पर हुई बातचीत में खुशी के इजहार किया था, साथ ही बुधवार को मुलाकात की बात कही थी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। जवान बेटे की असमय मृत्यु से पूरा परिवार तो मर्माहत है कि जो भी उनको जानता था दुःखी मन से यही कह रहा है कि उनकी कमी कभी पूरी नही की जा सकती है।

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