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BiG Breaking ( Exclusive वीडियो) पटना में गुण्डई का चरम,FIR दर्ज होने के बाद भी “गुण्डों ने छात्र” को जमकर पीटा,अपनी पढ़ाई छोड़ खौफजदा युवक राजधानी से पलायन करने को मजबूर

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पटना Live डेस्क।बिहार में बहार है सुशासन की सरकार है लेकिन कानून के राज में नीतीश कुमार के नाक के नीचे गुण्डई का कहर बरपा किया जा रहा है। हालात का अंदाज़ा इस बात से लगा सकते है कि पटना में आकर अपने बेहतर भविष्य ख़ातिर पढ़ाई करने वाले एक छात्र को बिलावजह पहले तो लोकल लड़के के एक गैंग ने जमकर मारापीटा ताकि वो उनके गलत धंधों की खेप अपने कमरे में रखे और जब छात्र नही माना तो उसकी एक दिसम्बर की रात को जमकर पिटाई करते हुए गले से गोल्ड चेन और पैसे छीन लिया गया। गुण्डई का शिकार युवक बदहवाश हालात में पीरबहोर थाने पहुचा पर FIR दर्ज करने के बजाय लड़के से तमाम प्रश्न करते हुए उलटा उसे ही कमरा बदल लेने की सलाह देकर टीला दिया गया। डरा सहमा छात्र किसी तरह कमरे पर लौटा और फिर 2 दिसम्बर को तमाम आरजू मिन्नत कर FIR करवाने ख़ातिर थानेदार से मिला और तमाम गुण्डई कह सुनाया तो महज मामूली मारपीट की धाराओं में FIR दर्ज कर लिया गया।

खैर, यह पटना पुलिस की ना तो पहली लापरवाही है ना तो आखरी लापरवाही है। सिलसिला पुराना है और काफी लंबा और अंतहीन है। तभी तो बिहार पुलिस के मुखिया के ये अल्फ़ाज़ सोशल मीडिया की सुर्खियां बनते है कि अपराध तो भगवान भी नही रोक सकते है। खुद सुन लीजिए

खैर,छात्र के मनुहार गुहार और गिड़गिड़ाने का थोड़ा असर हुआ ना से हा तो हुआ मामला दर्ज तो हुआ लेकिन पीरबहोर पुलिस ने ग़ज़ब ही ढा दिया पीड़ित को ही पीड़ा देना शुरू कर दिया।

दरअसल,पीरबहोर थाने में पीड़ित छात्र ने जिन स्थानीय दबंग लड़को को मारपीट और छिनतई में नामज़द आरोपी बनाया है जिनके नाम है मो. अली उर्फ पटेल (जो PMCH में नौकरी करता है) फेकन उर्फ विकास, राज और मो.मोनू है। ये सभी इलाके के छटे हुए शोहदे है। खुद थाना स्टाफ इनकी कारगुजारियों से वाकिफ है ये पूर्व में कई बार पीरबहोर थाने से विभिन्न मामलों में जेल भेजे जा चुके है। वही,सूत्रों का दावा है कि ये थाना पुलिस के अवैध उगाही तंत्र के सक्रिय कारिंदे में शुमार है।

सूत्रों से मिली जानकारी के सत्यता के प्रतिशत काफ़ी ज्यादा है तभी तो पुलिस ने ग़ज़ब कर दिया और छात्र को ही बारंबार नेक सलाह तक दे डाला। हद तो देखिए FIR दर्ज करने के बाद पुलिसवाले ही पीड़ित छात्र को सलाह देने लगे कमरा बदल लो। इ सब गुंडा मवाली है कई बार जेल जा चुका है। तुम पढ़ने लिखने आये हो। कहा लफड़ा में पड़ते हो। बाकी तुम्हारे सटिस्फेक्शन ख़ातिर उन सबको समझा दिया जाएगा।

खैर मामला दर्ज होने के बाद महज कुछ घंटे बाद ही दर्ज मामले के बाबत उक्त दबंगो को मालूम हो गया। सो पीड़ित को ढूढने लगे और 4 दिसम्बर की रात उसे धरदबोचा जब वो मखनिया कुआँ के करतार कोचिंग के समीप से गुजर रहा था।

बकौल पीड़ित छात्र FIR होने के बाद भी उ लोग धमकी देता रहा और बुधवार की शाम में हमको मखनिया कुआं में नशे में धुत्त पटेल और उसका साथ का 6-8 लड़के फिर घेर कर हथियार के बल पर एक गली में खिंचकर जमकर मारा है। सब लोग नशा में लग रहा था – बोला पुलिस के पास गया था न अब कौन बाप बचाएगा ? खूब मारा मेरा गला दबाकर बोला कि आज किस्सा ही ख़त्म कर देते है। किसी तरह हम अंधेरे में हाथपांव मारकर खुद को बचाने की कोशिश किये। चुकी सब लोग नशे में था हम उ लोग को किसी तरह धक्का देकर भाग कर अपना जान बचा सके। सुनिए गुण्डई के शिकार दूसरी बार पीटे गए छात्र की जुबानी खौफ़ की कहानी …

दरअसल, सूबे में अपराध तो भगवान भी नही रोक सकते है DGP साहब,लेकिन कम से कम इस छात्र को तो पटना से पलायन करने से आप रोक ही सकते है? सवाल बड़ा है पर एक जिंदगी के भविष्य का दारोमदार आपके जवाब पर निर्भर है आपके प्रयास पर निर्भर है…

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