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अगले साल तक देशभर में ‘टोल फ्री’ होंगे हाईवे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया ऐलान

15 फरवरी, 2021 से FASTag अनिवार्य हो गया है। अगले एक साल के भीतर पूरे देश से टोल प्लाजा पूरी तरह से हट जाएगा।

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पटना Live डेस्क। देश भर में ट्रैफिक की समस्या अनगिनत समस्याओं में से एक सबसे बड़ी समस्या है। इससे निजात पाने के लिए राज्य सरकारों से लेकर केंद्र सरकार हर मुमकिन कोशिश में जुटी है। इसी कड़ी में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को टोल प्लाजा को लेकर बड़ा ऐलान किया।लोकसभा में मंत्री नितिन गडकरी ने कहा “देशभर के हाईवे में लोगों को टोल प्लाजा से सामना करना पड़ता है, जिससे काफी समय और ईंधन बर्बाद होता है। इससे छुटकारा दिलाने के लिए नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में ऐलान करते हुए कहा कि अगले एक साल के भीतर पूरे देश से टोल प्लाजा पूरी तरह से हट जाएगा।”

हालांकि इसका यह मतलब नहीं होगा कि टोल देना ही नहीं पड़ेगा। अब गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा जिसकी मदद से टोल शुल्क का भुगतान हो सकेगा।

आपको बता दें कि 15 फरवरी 2021 से FASTag अनिवार्य हो गया है।राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित किसी भी टोल से गुजरने वाले किसी भी वाहन को एक वैध FASTag नहीं होने पर दोगुना टोल चुकाना पड़ता है। सरकार ने कहा है कि पुराने वाहनों में मुफ्त में FASTag लगाया जाएगा,जबकि नए वाहनों में पहले से ही फिट होंगे। मालूम हो कि FASTag इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली है, जिसे 2016 में शुरू किया गया था।

गुरुवार को नितिन गडकरी ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान कई स्थानों पर शहरी इलाकों के भीतर टोल बनाए गए जो गलत और अन्यायपूर्ण है। इन्हें हटाने का कार्य एक साल में पूरा हो जायेगा। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदन के सदस्यों गुरजीत औजला, दीपक बैज और कुंवर दानिश अली ने पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी उनकी ओर से दी गई।

टोल प्लाजा खत्म होंगे लेकिन टोल देना पड़ेगा

दरसअल, दराज़ल अब एंट्री पॉइंट पर कैमरा लगा होगा और जीपीएस के माध्यम से जहां से एंट्री किए हैं और जहां तक जाएंगे उतना ही पैसा कटेगा। उन्होंने कहा कि शहरों के भीतर टोल पहले बनाए गए। यह गलत है और अन्यायपूर्ण है। एक साल में ये टोल भी खत्म हो जाएगा। इस तरह के टोल में चोरियां बहुत होती थीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की योजना है कि अगले एक साल में सभी टोल प्लाजा खत्म कर दिया जाएगा। टोल प्लाजा खत्म होगा लेकिन टोल देना होगा।

उन्होंने कहा कि अब गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा जिसकी मदद से टोल शुल्क का भुगतान हो सकेगा और इसके बाद शहर के अंदर इस तरह के टोल की जरूरत नहीं होगी। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 90 फीसदी जमीन अधिग्रहण किए बिना हम परियोजना अवार्ड नहीं करते। जमीन का अधिग्रहण करने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाती है।

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