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BiG News (वीडियो) जाबाज़ विकास की दिलेरी ने बढ़ाया पटना पुलिस का वैभव,हथियार बन्द लुटेरे को बेहिचक लिया दबोच

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  • दौड़ाते हुए पहुचा था केक शॉप पर तो देखा लुटेरा कट्टा लिए निकल रहा था बाहर
  • लुटेरे ने तानी दी बन्दूक कहा – गोली मार देंगे फिर भी नही डरा जांबाज सिपाही
  • 2009 बैच के आरक्षी विकास दुबे की दिलेरी को पटना पुलिस द्वारा किया जाएगा सम्मानित

पटना Live डेस्क। बिहार पुलिस की जांबाजी और गौरवशाली परंपरा के लंबे इतिहास में एक और नाम जुड़ गया है। यह नाम है 2009 बैच के आरक्षी विकास दुबे का। जक्कनपुर थाना में वर्ष 2019 के जुलाई महिने से बतौर क्वीक मोबाइल सिपाही तैनात विकास ने बुधवार की शाम अपने अदम्य साहस और जान की परवाह किये बगैर एक दुःसाहसी लुटेरे को उस वक्त धर दबोचा जब वो जक्कनपुर थाने के सामने स्थित एक बड़े ब्रांड के केक शॉप को लूटकर हथियार लहराते बाहर निकल कर फरार होने ही वाला था।

इस पूरे घटना क्रम में सबसे अहम बात यह है कि जाबाज विकास को जैसे ही लूट की सूचना मिली वो उन्ही कपड़ो में दौड़ पड़ा जो उसने पहन रखे थे। यानी विकास ने जब हथियार बन्द लुटेरे को दबोचने की कोशिश की तो वो सिविलियन कपड़ो में था उसके बदन पर वर्दी नही थी। उधर, लुटेरे ने विकास को अपनी ओर बढ़ता देख अपना गन उसपर तानते हुए कहा – गोली मार देंगे, फिर भी विकास ने बेहिचक लुटेरे की बंदूक की नाल पकड़ ली और अपनी सर्विस पिस्टल उसपर तान दी। विकास की इस दिलेरी ने लुटेरे को कुछ पलों के लिए नर्वस कर दिया और यही वो पल था जब विकास ने आव देखा न ताव उसे मय हथियार दबोच लिया। तबतक विकास का एक अन्य क्विक मोबाइल आरक्षी राजकुमार भी पिस्टल लिए आ पहुचा। फिर अन्य पुलिसकर्मी भी पहुच गए और लुटेरे को कब्जे में कर लिया।

विकास दुबे की इस जांबाजी को देखकर सभी ने उसकी इस दिलेरी और कर्तव्य के प्रति उसके ज़ज़्बे को सलामी देने लगे। वही, विकास की बहादुरी और दिलेरी को देखते हुए सिटी एसपी जितेंद्र कुमार ने न केवल जमकर सराहा बल्कि कर्तव्य के प्रति उसके जुनून को उचित सम्मान देने की घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि मूल रोहतास जिले के डेहरी ऑन सोन के रहने वाले विकास दुबे ने 2009 में बिहार पुलिस में बतौर आरक्षी नियुक्ति पाई। तदुपरांत 2 साल की प्रशिक्षण अवधि में बाद वर्ष 2011 में पटना में सर्वप्रथम तब पटना के एसएसपी रहे मनु महाराज के सुरक्षा में तैनाती पाई। तब से लेकर वर्ष 2019 के जुलाई महिने तक बतौर विभिन्न अधिकारियों के अंगरक्षक तैनात रहे। फिर पिछले वर्ष 2019 के जुलाई महिने में जक्कनपुर थाने में तैनात किए गए।

विकास दुबे शादी शुदा है और 3 बच्चों के पिता है। जब खाकीं में इंसान ने पूछा कि जब लुटेरे ने हथियार तान कर आपको गोली मारने की धमकी दी तब बेहिचक आप ने उसकी पिस्तौल की नाल पकड़ ली क्या आप को डर नही लगा। तब जाबाज सिपाही विकास ने कहा – मरने से क्या डरना? जब वर्दी पहनी तो शपथ लिया ही कि अपने कर्तव्यों और आम लोगो की सुरक्षा करना ही मेरा काम ही चाहे जान कुर्बान क्यो न हो जाये।

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