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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिला BJP प्रतिनिधिमंडल, तारापुर से आरजेडी प्रत्याशी का नामांकन रद्द करने की रखी मांग

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पटना Live डेस्क। तारापुर में वोटरों को अपने पाले में करने को लेकर आरजेडी कार्यकर्ताओं द्वारा बांटे जा रहे पम्पलेट के खिलाफ बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौपा है। जिसमें आरजेडी प्रत्याशी अरूण कुमार साह का नामांकन रद्द करने और उनपर कार्रवाई करने की मांग की है। बीजेपी डेलिगेट की माने तो वैश्य चेतना समिति की ओर से आरजेडी प्रत्याशी के समर्थन में लोगों के बीच पम्पलेट बांटा जा रहा है। जिसमें बीजेपी के कई वैश्य नेताओँ की तस्वीर लगी है।
बीजेपी नेताओँ की माने तो तारापुर में आरजेडी प्रत्याशी द्वारा एक खास जाति में भ्रम की स्थित पैदा की जा रही है। उनके द्वारा बीजेपी के एक जाति विशेष से संबंधित नेताओं मसलन डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, मंत्री प्रमोद कुमार, नारायण प्रसाद, पूर्व मंत्री रामनारायण मंडल एवं विधायक संजीव चौरसिया, विजय खेमका, संजय सरावगी, समेत की कई वैश्य नेताओं की फोटो वाला हैंडबिल छपवाकर बांटा जा रहा है। जिसमें अरूण कुमार साह को वोट करने की अपील की गयी है। बीजेपी डेलिगेशन ने आरजेडी प्रत्याशी के इस चाल का विरोध करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से कार्रवाई करने और उनका नामांकन रद्द करने की मांग की है।
इधर दिल्ली में चुनाव आयोग से आरजेडी डेलिगेशन की मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर उपचुनाव में पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाए है। उन्होंने एक ज्ञापन सौप कर इन अधिकारियों को हटाने की मांग करते हुए अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में मतदान कराने की मांग की है।
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर स्लो वोटिंग कराने का आरोप लगाते हुए कहा है कि “लोगों में भय पैदाकर पोलिंग को धीमा करने की तैयारी की जा रही है। हमारी नजर हर अधिकारी और मंत्री पर है। मुख्यमंत्री पर भी है। स्लो वोटिंग की तैयारी हो रही है।’ नीतीश कुमार कौन सा खेला खेलना चाहते हैं? पिछली बार चोर दरवाजे से आए। मुख्यमंत्री डरे हुए हैं। वह पिछले दिनों अपने मरवाने की बात कह कर अपनी ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। जो बयान मुख्यमंत्री ने बयान दिया है, सोची-समझी साजिश के तहत दिया है। पोलिंग को स्लो करने के लिए प्रशासन की पूरी शक्ति लगा दी है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार लोकतंत्र की हत्या करने की साजिश रच रही है। दरभंगा में पदास्थापित दिलीप कुमार झा का नाम लेते हुए कहा- “इनकी पोस्टिंग ज्यादातर समय दरभंगा में रही है। उनके खिलाफ 23 अक्टूबर को चुनाव आयोग में कंप्लेन की गई, लेकिन चुनाव आयोग के निर्देश के बावजूद उन्हें कुशेश्वरस्थान में डेपुटेशन पर नियुक्त कर दिया गया। कोई नोटिफिकेशन भी सरकार ने जारी नहीं किया। उजवा और तिलकेश्वर में प्रभार दिया गया है। इस पुलिस पदाधिकारी पर 25 बूथ की जिम्मेदारी भी दे दी गई।’ हमारी नज़र हर अधिकारियों पर है। हमारी मांग है कि उस अधिकारी पर कार्रवाई हो।

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