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Super Exclusive – (Viral वीडियो) क्या बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का क्वेश्चन पेपर हो गया था लीक? वीडियोवाला प्रश्नपत्र है बिल्कुल सही बोले तमाम अभ्यार्थी

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  • कई अभ्यर्थियों ने विडियोवाला प्रश्नपत्र बताया सही, बोले 100% यही था प्रश्नपत्र
  • सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कथित क्वेश्चन पेपर  जमकर हो रहा है वायरल
  • सिपाही चयन पर्षद के अध्यक्ष पूर्व DGP बिहार केएस द्विवेदी ने साफ़ इनकार
  • प्रश्‍नपत्र लीक या वायरल नहीं हुआ फिर भी पूरे मामले की जांच की जा रही है क्यो?

पटना Live डेस्क। बिहार के साथ विगत दशक से एक अजीबोगरीब “स्टिग्मा” जुड़ गया है। कोई भी कॉम्पेटिटीव परीक्षा हो प्रश्नपत्र लीक (Question Leak) होने की खबर जरूर मीडिया और सोशल मीडिया पर सुर्खिया जरूर बटोरती है। हद तो ये की 10वीं ,12वीं की बोर्ड एग्जाम तक का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले मार्केट में सर्कुलेट होने लगता है।
ठीक ऐसा ही कुछ एक बार फिर रविवार को सम्पन्न हुए बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का क्वेश्चन पेपर को लेकर हुआ है। सोशल मीडिया पर यह दावे किए जा रहे है कि परीक्षा शुरू होने से महज आधे घण्टे पहले ही यह खबर तेजी से फैली की क्वेश्चन पेपर आउट हों गया, साथ ही एक वीडियो भी साझा किया गया है। उल्लेखनीय है कि वैसे तो प्रश्‍नपत्र लीक की चर्चा शनिवार शाम से ही जोर पकड़ चुकी थी।

चयन पर्षद का प्रश्‍नपत्र लीक से इनकार

पहली बार प्रथम पाली में ही कुछ वक्त पहले प्रश्‍नपत्र लीक होने की चर्चा के बीच पहली पाली की परीक्षा संपन्‍न होने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया था। वही, प्रश्न पत्र लीक की बात पर पुलिस मुख्यालय और सिपाही चयन पर्षद के अध्यक्ष पूर्व डीजीपी के एस द्विवेदी ने बताया कि कहीं से कोई प्रश्‍नपत्र लीक या वायरल नहीं हुआ है। सिपाही चयन पर्षद का दावा है कि 24 सेट में प्रश्न पत्र तैयार किए गए हैं। अगर किसी केंद्र पर कोई केंद्राधीक्षक पेपर आउट करने की कोशिश भी करे,तब भी हेराफेरी आसान नहीं है। पूरे मामले की जांच की जा रही है

 वीडियो का प्रश्न पत्र को छात्रों ने बताया सही 

अभी क्वेश्चन पेपर लीक हुआ है या नही की जांच हो ही रही थी कि अचानक एक वीडियो जिसमे सिपाही भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र सॉल्व करते हुए एक वीडियो जोरदार ढंग से वायरल होने लगा। उक्त वीडियो के प्रश्नपत्र के बाबत जब पहली पाली से निकले तमाम अभ्यर्थियों से सच जानने की कवायद में पूछा गया तो उनका कहना था हा यही था …तभी भीड़ में शामिल एक लड़के ने दूसरे को डांटना शुरू कर दिया – उसके लफ्ज़ थे बोले थे न नीचे जो क्वेश्चन है उसका जवाब डी है.. तू नै माल रहली हल .. हो गेलव न गलत .. खैर आप वीडियो  देखिए ...

वही, वायरल वीडियो के प्रश्नपत्र को सबसे ज्यादा फर्स्ट सिटिंग (प्रथम पाली) के लड़कों द्वारा बताया गया कि यह बिल्कुल सही है। उनमें भी औरंगाबाद में परीक्षा देकर लौटे बहुत सारे स्टूडेंट तो वीडियो के प्रश्नपत्र को बिल्कुल सही बताया।
सोशल मीडिया पर वायरल

दरअसल, बिहार पुलिस में सिपाही के 11 हजार 800 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा रविवार 12 जनवरी 2019 को आयोजित की गई। राज्य भर में 550 सेंटर बनाए गए हैं। हर पाली में करीब 3.25 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने का अनुमान है। 12 जनवरी के बाद परीक्षा 20 जनवरी को आयोजित होगी। परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की गई थी। पहली शिफ्ट सुबह 10 से 12 बजे और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 से 4 बजे की बीच चली।

कदाचार मुक्त परीक्षा के थे कड़े इंतजाम पर 

सीएसबीसी के द्वारा कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए कई स्तर पर सुरक्षा मानकों के इंतजाम किए गए। परीक्षा केन्द्र पर अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी की गई। यह फोटोग्राफी प्रवेश पत्र के साथ की गई। साथ ही बॉयोमैट्रीक तरीके से उंगलियों के निशान भी लिए गए।
साथ ही परीक्षार्थियों से आवंटित परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए ई-प्रवेश-पत्र के साथ अपना एक वैध फोटो पहचान-पत्र जैसे – मतदाता पहचान -पत्र,पासपोर्ट,ड्राइविंग लाइसेंस,पैन कार्ड अथवा आधार कार्ड भी देखा गया।

लेकिन तमाम इतजाम के बावजूद सूबे के तमाम जिलों के परीक्षाकेंद्रों पर संचालित इस परीक्षा के दौरान कई मुन्ना भाई से लेकर वैसे भी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया है जो किसी और कि जगह एग्जाम दे रहे थे। इनको स्कॉलर या इंजन या मुन्ना भाई के तौर पर जाना जाता है। पूरे सूबे में 30 मुन्ना भाई विभिन्न परीक्षा केंद्रों से गिरफ़्तार किये गए। वही बात अगर राजधानी पटना की बात करे तो अबतक लगभग एक दर्जन मुन्ना भाई की गिरफ्तारी की खबर है।

वही, केंद्रीय चयन पर्षद के ओएसडी केके प्रसाद ने बताया कि राज्यभर से 24 परीक्षार्थियों को विभिन्न जिलों से फर्जी छात्रों को गिरफ्तार किया गया। इसमें मुजफ्फरपुर से एक, भभुआ से पांच, पटना से छह, जमुई से एक, नवादा से एक, कटिहार से दो, बेतिया से एक, समस्तीपुर से दो, बेगूसराय से एक, मोतिहारी से एक और रोहतास से तीन फर्जी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, मुजफ्फरपुर में दंपती परीक्षार्थी को बदमाशों ने गोली मार दी है। इसमें महिला गंभीर रूप से जख्‍मी हो गयी है।

क्या दलालों ने फर्जी प्रश्‍नपत्र लीक कर उसे बेचा

प्रश्‍नपत्र के वायरल होने की चर्चा होने से परीक्षार्थी व अभिभावक दिनभर परेशान रहे। इससे प्रशासन में भी हडकम्‍प मच गया। बाद में पहली पाली की परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने लीक प्रश्‍नपत्र को कइयों ने फर्जी बताया तो कईयो ने सही भी बताया। खैर शुरुआती तहक़ीक़ात में इसे अफवाह करार दिया गया। फिर जांच की बातें कही गई कि पता लगाया जा रहा है को कहां से और कैसे अफवाह फैलाया गया। कयास लगाए गए कि शिक्षा व रोजगार के दलालों ने फर्जी प्रश्‍नपत्र लीक कर उसे बेचा है। प्रश्‍नपत्र लीक की चर्चा शनिवार शाम से ही थी।

परीक्षाकेंद्र से भेजा तो मोबाइल कैसे पहुंचा

अगर केंद्र से किसी ने पेपर का फोटो खींच कर वाट्सएप कर दिया तो सवाल यह है कि आखिर कंडीडेट सेंटर पर मोबाइल लेकर कैसे पहुंच गया, ये कैसी जांच की गई थी? कहीं ऐसा तो नहीं कि ट्रेजरी से सेंटर तक पेपर ले जाने के दौरान सेटरों ने ही उसे आउट करा दिया।                       सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर प्रश्नपत्र परीक्षा माफियाओं के हाथ कैसे लग गया जो वाट्सएप पर वायरल हुआ। परीक्षा समाप्त होने के बाद पेपर बाहर ले जाने की इजाजत नहीं होती है। परीक्षा खत्म होने के बाद अभ्यर्थी पेपर और ओएमआर शीट वीक्षक को देकर बाहर आते हैं। क्या सेटरों ने फर्जी कंडीडेट को बैठा दिया या एग्जाम सेंटर मैनेज किया। कहीं ऐसा तो नहीं कि परीक्षा माफियाओं ने कुछ फर्जी कंडीडेट को बैठा दिया जो एग्जाम शुरू होने के फौरन बाद पेपर लेकर चंपत हो गए।

                  अगर ऐसा हुआ तो केंद्राधीक्षक क्या कर रहे थे? कहीं ऐसा तो नहीं कि सेटरों ने किसी परीक्षा केंद्र को ही मैनेज कर लिया जो अक्सर होता रहा है, वहीं से यह सब खेल हुआ है जान पड़ता है।

बड़ा सवाल

उल्लेखनीय है कि बिहार में वर्ष 2017 के अक्टूबर महीने में आयोजित की गई कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र करीब 45 मिनट पहले ही आउट हो गया था। पुलिस ने उस मोबाइल को ट्रेस कर लिया था , जिससे प्रश्नपत्र वायरल हुआ था। यह परीक्षा सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड ऑफ कांस्टेबल द्वारा आयोजित की जा रही थी।

तब सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड ऑफ कांस्टेबल ने प्रश्न पत्र लीक होने से इनकार किया था। बोर्ड के डीजीपी (तात्कालिक) केएस द्विवेदी ने कहा था कि कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का कोईप्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ। केंद्र पर प्रश्न पत्र बांटे जाने के बाद ही बाहर आया। इसके बाद यह वाट्सएप पर वायरल हो गया।

इस बार भी पूर्व डीजी के एस द्विवेदी जो वर्त्तमान में सिपाही चयन पर्षद के अध्यक्ष है। लेकिन फिर भी आयोजन में पूर्व के लीक से सबक क्यो नही लीया ताकि ऐसे बड़े आयोजन पर सवाल न उठते ।

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