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Super eXclusive – एक IPS का भगीरथ प्रयास,एक सिपाही जो था और है भी को देश में पहली बार असाधारण पेंशन के रूप में मार्च से मिलेगा पूरा वेतन

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  • 2007 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी है।
  • असाधारण पेंशन ख़ातिर किया भगीरथ पहल और प्रयास
  • यूपी पुलिस के नियमावली में संशोधन के आदेश के बने प्रणेता

पटना Live डेस्क। कहते है आसमा में भी सुराख़ हो सकता है बशर्ते एक पत्थर तबियत से उछाला जाए, शायद इसी कहावत को चरितार्थ करते है 2007 बैच के उत्तरप्रदेश कैडर के आईपीएस अमित पाठक। वर्त्तमान में मुरादाबाद के एसएसपी के तौर पर तैनात अमित किसी परिचय के मोहताज नही है। देश भर में इस आईपीएस अधिकारी की पहचान एक बेहद संवेदनशील और जांबाज आईपीएस के बतौर ख्यातिनाम है।

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एक भगीरथ प्रयास

उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही के लिए बतौर एसएसपी आगरा रहते आईपीएस अमित पाठक ने एक बेहद बड़ी पहल की थी जिसका फलाफ़ल अब मिलने जा रहा है। न केवल असाधारण पेंशन देने की पहल पूरे देश मे पहली बार यूपी सरकार द्वारा की गई है बल्कि बाकायदा अब यूपी पुलिस के नियमावली में संशोधन के आदेश भी दिए गए हैं।

दरअसल, पुलिस महकमे में नौकरी करने वाला जाबांज सिपाही एक सड़क हादसे के चलते कोमा में चला गया। एसएसपी अमित पाठक ने परिवार के दर्द को समझते हुए डीजीपी को असाधारण पेंशन दिलाने के लिए पत्र लिखा था। पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी ने घोषणा की थी। अब पीड़ित परिवार को असाधारण पेंशन मिल सकेगी।

सड़क हादसे में घायल हुआ था सिपाही

कानुपर में मैनपुरी निवासी जितेंद्र सड़क हादसे में साल 2009 में घायल हुए थे। सिपाही जितेंद्र के साथ सिपाही वरुण मिश्रा भी थे। वरुण की मौत हो गई थी। वरुण के परिवार के सदस्य को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिल चुकी हैंं। लेकिन, जितेंद्र तभी से कोमा में हैं। यानि पिछले 10 साल से जितेन्द्र कोमा (Coma) में है।

परिवार के मुखिया के कोमा में चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पीड़ित परिवार ने हर संभव मदद कर जितेंद्र का इलाज कराया है। जितेंद्र को वेतन भी मिलना बंद हो गया है। जब तक उसकी छुट्टी थी तब तक वेतन भी मिल रहा था। परिवार के सामने आर्थिक संकट है। पीड़ित परिवार ने एसएसपी आगरा अमित पाठक से जुलाई 2018 में अपनी परेशानी बताई थी। परिवार की माली हालत के बाबत जानकर अमित द्रवित हो गए और तय किया कि ख़ाकीवाले इस परिवार की मदद करेंगे। अमित पूर्व निर्धारित संस्थागत नियमावली को बातौर एसएसपी बखूबी जानते थे, लेकिन अपनी लगन और जुनून को भी पहचानते थे। तय किया और पत्राचार शुरू किया। न सिर्फ पत्राचार कर अपने कर्तव्य की इतिश्री मान बैठ गए बल्कि लागतार इसको हक़ीक़त में तब्दील करने के भगीरथ प्रयास में जुटे रहे, नतीजा सामने है। देश भर में एक नई पहल को धरातल पर ले आये है आईपीएस अमित पाठक।

असाधारण पेंशन 

एसएसपी अमित पाठक ने सिपाही के परिवार के दर्द को बखूबी समझा और डीजीपी ओपी सिंह को एक पत्र लिखा, जिसमें असाधारण पेंशन देने की मांग की गई। इस मांग को सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरा किया। उन्होंने घोषणा की कि सिपाही के लिए असाधारण पेंशन के रूप में पूरा वेतन दिया जाएगा। मार्च महीने से परिवार को असाधारण पेंशन उपलब्ध होने लगेगी। पुलिस महकमे में एसएसपी की इस पहल की सभी ने सराहना की है।

कौन हैं अमित पाठक

वर्ष 2007 बैच के आईपीएस अॉफीसर हैं अमित पाठक। इससे पहले एसएसपी विशेष कार्य बल यानि एसटीएफ में तीन साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश किया है। इनमें सोशल मीडिया में सबसे बड़े 3700 करोड़ रुपए के घोटाले का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनसे 650 करोड़ रुपए की बरामदगी की। इसे देश अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी माना गया है।

                    अन्य चर्चित मामलों में बिजनौर में एनआइए अधिकारी तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या का पर्दाफाश किया। हत्यारोपी मुनीर को गिरफ्तार करके भेल भेजा।

बिहार के चर्चित डॉक्टर दंपति अपहरण कांड के राजफाश में भी शामिल रहे। एसटीएफ टीम ने उनके नेतृत्व में डॉक्टर दंपति को सकुशल बरामद किया था। इससे पूर्व एसपी अलीगढ़, फतेहपुर,चंदौली,एटा,एसपी रेलवे गोरखपुर एवं 36 बटालियन पीएसी वाराणसी में रहे हैं।

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