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बीजेपी ने शुरु की आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी,प्रदेश के वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ अमित शाह की बैठक,सौंपे गए टास्क

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पटना Live डेस्क. हालांकि लोकसभा का चुनाव साल 2019 में है लेकिन बीजेपी ने अभी से ही अपनी तैयारी शुरु कर दी है..दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बिहार बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ बैठक की है…इस बैठक में साल 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं पर गहन मंथन हुआ है….बिहार में सत्ता में साझीदार बनने के बाद बीजेपी नेताओं की अमित शाह के साथ यह पहली बैठक थी…बैठक के दौरान राज्य में चल रही लोक कल्याणकारी योजनाओं को लेकर चर्चा हुई.. और यह तय हुआ कि सरकारी योजनाओं का लाभ असल लाभार्थी तक शत प्रतिशत पहुंचाया जाए…अमित शाह ने पार्टी नेताओं से यह हिदायत भी दी है कि वो पार्टी मुख्यालय में हरेक सोमवार और मंगलवार को लोगों से मिलें और उनकी समस्याएं सुनें..

बैठक के बाद शाह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बैठक पार्टी संगठन और सरकार से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रही.. हमने राज्य में पार्टी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया..

सत्ता में साझीदार बनने के बाद बीजेपी का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है..और वो इस बार जेडीयू के साथ मिलकर सूबे के चालीस में चालीस सीटें जीतने का ख्वाब देख रही है…जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल कहते हैं कि इस बार एनडीए राज्य में सभी 40 सीटें जीतेगी…लेकिन फिलहाल यह इतना आसान भी नहीं है..सबसे पहले तो जेडीयू के साथ सीटों के बंटवारे में पेंच फंस सकता है….बीजेपी चाहती है कि वो इस बार अपने सहयोगी जेडीयू से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़े..अगर आंकड़ों को देखें तो  साल 2014 लोकसभा चुनावों में एनडीए के खाते में 31 सीटें आयीं… यूपीए के खाते में 6 सीट आयीं, जबकि जदयू ने मात्र दो सीट जीता.. यह तब की बात है, जब नीतीश लालू और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था..विधानसभा चुनाव में पिछली गलती से सबक लेकर तीनों महागठबंधन में लड़े और 243 में से 178 सीट हासिल की..

साल 2009 के चुनाव में बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ा और 32 सीटों पर जीत दर्ज की..उस समय जेडीयू ने 25 जबकि बीजेपी ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था..लेकिन बीजेपी अगले लोकसभा चुनाव के लिए शायद ही 15 सीटों पर माने….हालांकि भविष्य में दोनों पार्टियां सीट बंटवारे को लेकर क्या तय करेंगी यह तो आने वाला समय बताएगा… जानकारी के मुताबिक भाजपा का एक विंग अभी से ही राज्यों में सीटों के आंकलन में जुट गया है.. और वह जब अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौपेंगा, उसके बाद ही सीटों के बंटवारे की बात तय होगी…जानकारी के मुताबिक बीजेपी और जेडीयू के बीच साल 2009 में सीटों के बंटवारे का आधार रहेगा लेकिन परिस्थितियां उलट भी सकती हैं…राजनीतिक जानकारों के मुताबिक चूंकि एनडीए में जेडीयू के अलावे भी लोजपा..रालोसपा और हम पार्टी हैं इसलिए सीटों के बंटवारे में पेंच फंस सकता है…अक्टूबर के अंत या फिर नवंबर से शुरू में अमित शाह बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर होंगे तो विभिन्न वर्गो की कई बैठकें कर संगठन में जान फूंकने की कोशिश करेंगे… जातीय समीकरण की उलझी सियासत को देखते हुए भाजपा के हर मोर्चे को हर महीने का कड़ा टास्क सौंपा जाएगा.. बूथ स्तर पर संगठन मजबूत कर सहयोगियों के साथ लोक सभा और विधान सभा चुनाव के लिए सीटों का फॉर्मूला तैयार किया जाएगा…

 

 

 

 

 

 

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