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BiG News -पटना में दलाल के जरिए उगाही के आरोप में थानेदार सस्पेंड

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पटना Live डेस्क।राजधानी पटना में एक बार फिर खाकी पर घूसखोरी का कलंक चस्पा हुआ है। एक बार फिर से ख़ाकी वर्दी दागदार हुई है। एक और थानेदार को जाँच करने के बाद घूसखोरी की कवायद के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन की यह कार्यवाई घूसखोरी का ऑडियो वायरल होने और मिली शिकायत की जांच के बाद कि गई है। निलंबन साथ ही वरीय अधिकारी द्वारा थानेदार के खिलाफ बेहद सख्त टिप्पणी भी की है।

दरअसल, जमीन के विवाद में मुकदमा दर्ज करने के एवज में थाने के चालक लालबाबू प्रसाद के जरिये 50 हजार रुपये घूस मांगने वाले गौरीचक के थानेदार नागमणि कुमार को रेंज आईजी ने शनिवार को निलंबित कर दिया। उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि नागमणी कुमार थानेदार के पद पर रहने के योग्य नहीं हैं। उनके इस काम से पुलिस विभाग की छवि को नुकसान हुआ है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, पटना के गौरीचक थानांतर्गत पटनपुर दूबे टोला की रहने वाली एक विधवा महिला के ज़मीन के टुकड़े को स्थानिए दबंगो द्वारा जबरिया दखल करने की कोशिश की जा रही थी। महिला लगातार इसका विरोध कर रही थी। इसको लेकर स्थानिए दबंगों के साथ उसका झगड़ा चल रहा था। दबंगो द्वारा महिला को लगातार परेशान कर रहे थे। इसकी सूचना उसने गौरीचक थाने की पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने महिला की शिकायत अनसुनी करते हुए उसे थाने से डाट डपट कर भगा दिया। जब थाने में उसकी कोई सुनवाई नही हुई तो बाद में महिला ने अपने एक रिश्तेदार से सहायता मांगी तो उन्होंने एक दो बार थाने जाकर बातचीत की।

इसी दौरान थाने में कार्यरत ड्राइवर लालबाबू प्रसाद जो थानेदार का खास था ने केस दर्ज करने के एवज में थाने के चालक ने थानेदार का हवाला देकर रिश्वत की मांग की। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो इस दौरान सामने वाले ने कॉल को रिकार्ड कर लिया। इस कॉल रिकार्डिंग को सीनियर अधिकारियों को सौंप कर आरोपी थानेदार के ऊपर कार्रवाई की मांग की गई। आरोप है कि एक बार थानेदार ने उसे मिलने बुलाया। पर रुपये नहीं देने पर महिला की न तो शिकायत दर्ज की गई बल्कि उल्टा उसे डाट फटकार कर थाने से चलता दिया गया था।

ऑडियो वायरल

बीते दो जुलाई को थानेदार की घुस की मांग संबंधित ऑडियो और अपनी शिकायत को लेकर पीड़िता और उसका संबंधी वरीय अफसरों को आवेदन देकर रिश्वत मांगे जाने संबंधी जानकारी दी थी, जिसके बाद जांच शुरू की गयी। जिसकी जांच ASP सदर और SP सिटी को दी गई थी। वायरल ऑडियो में पैसे के लेनदेन की बात की गई थी। साथ ही पैसे के एवज में मुकदमा दर्ज होने की बात कही गई थी। जांचोपरान्त थानेदार को निलंबित कर दिया गया है।

गौरीचक थाना-5 महिने में दूसरी बार 

वर्ष 2020 के अभी 7 महीने ही बीते है पर अबतक गौरीचक थाने के दूसरे थानेदार पर गाज गिर गई है। उल्लेखनीय है कि इसी साल फ़रवरी महीने में भी गौरीचक थाने में पदस्थापित पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी सख्त कार्रवाई की गई थी। गौरीचक के तत्कालीन थानेदार रहे रमण कुमार को भी निलंबित किया गया था। साथ ही थाने में पदस्थापित नौ पुलिस पदाधिकारियों को लाइन हाजिर कर पूरा थाना ही बदला गया था। साथ ही तात्कालिक निलंबित थानेदार रमण कुमार को आगे 10 साल तक किसी भी थाने का इंचार्ज नहीं बनाने का कड़ा एक्शन लिया गया था। बता दें कि गौरीचक के चिपुरा खुर्द मुसहरी गांव में तोड़ी गई शराब की भट्ठी मामले को प्रमुखता से उठाया गया था।जिसके बाद उनके ऊपर कार्रवाई हुई थी।

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