BiG News -Coronavirus के कहर के बीच चीन में अब #Hantavirus से हुई पहली मौत, जानिए कितना खतरनाक है हन्ता

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पटना Live (इंटरनेशनल) डेस्क। पूरी दुनिया अभी चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के कहर से कराह रही है। कोरोना ने दुनियाभर में भारी तबाही मचा रखी है। अमेरिका, फ्रांस, भारत समेत 180 से ज्यादा देशों में इस वायरस से 16,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,87,000 से ज्यादा इंसान वायरस से संक्रमित हैं। लेकिन इसी बीच एक और वायरस(Virus) के फैलने और उससे संक्रमित की मौत ने पुरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वायरस का नाम हंतावायरस ( Hantavirus ) है। चीन के युनान प्रांत में हंतावायरस (Hantavirus In China) से संक्रमित एक युवक की मौत हो गई।

हंतावायरस (Hantavirus In China)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हन्ता वायरस का शिकार होकर मरने वाला युवक चार्टर बस से शैंनडोंग प्रांत की तरफ जा रहा था। इसलिए बस में सवार सभी 32 लोगों का टेस्ट किया जा रहा है। युवक की मौत के बाद हंतावायरस सोशल मीडिया ( Hantavirus ) पर तेजी से ट्रेंड करने लगा है। बता दें कि कोरोना वायरस पहले ही कहर बरपा रहा है और अब इस वायरस ने भी सबकी चिंता बढ़ा दी है।

चूहों के जरिए फैलता है हन्ता वायरस

विशेषज्ञों के मुताबिक यह वायरस बाकी वायरस की तरह हवा से नहीं फैलता है। यह वायरस चूहों में पाया जाता है और चूहों से ही फैलता है। अमेरिकी संस्‍था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिंवेशन (सीडीसी) ने बताया है कि चूहों के संपर्क में आने से यह स्वस्थ इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि ये एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता। इस वायरस से संक्रमित होने पर इंसान को बुखार, सिर दर्द, शरीर में दर्द, पेट में दर्द, उल्‍टी, आदि की शिकायत होती है। अगर इलाज में देरी हो तो जान भी जा सकती है।

कितना खतरनाक होता है हंतावायरस ?

विशेषज्ञों के मुताबिक यह वायरस कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक नहीं है। इसकी वजह ये है कि यह एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता है। ऐसे में इसका खतरा कम होता है। हालांकि, इससे संक्रमित के इलाज में देरी या लापरवाही बरतने पर जान जा सकती है।

अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (सीडीसी) के मुताबिक, यह ऐसे समूह का वायरस जो खासतौर पर चीजों को कुतरने वाले जीवों (रोडेंट्स) से फैलताहै जैसे चूहे और गिलहरी। अमेरिका में इस वायरस को न्यू वर्ल्ड हंता वायरस और यूरोव व एशिया में ओल्ड वर्ल्ड हंता वायरस के नाम से जानाजाता है। यह हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम नाम की बीमारी की वजह है। हंता वायरस के कई प्रकार हैं जो रोडेंट्स की अलग-अलग प्रजातियों सेफैलते हैं। वायरस के वाहक चूहे के यूरिन, मल और लार के संपर्क में आने पर इंसान संक्रमित हो जाते हैं।

यह वायरस तीन तरह से फैलता है-

  • पहला: अगर वायरस का वाहक चूहा किसी इंसान को काट ले, हालांकि ऐसे मामले कम ही सामने आते हैं।
  • दूसरा : किसी जगह या चीज पर मौजूदचूहे का मल-मूत्र यालार के संपर्क मेंइंसान आता है और अपने नाक-मुंह को छूता है।
  • तीसरा : अगर इंसान ऐसी चीज खाता है जिस पर चूहे का मल-मूत्र या लार मौजूद हो।
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