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Fact Finding सीरीज़-कुछ फर्जीवाड़े बेहद कारगर होते है आपको सीधे IAS बना देते है! अंधा सर्जन बना DM आखिर कैसे जानिए?

कैसे एक बेहद चर्चित अधिकारी की याचिका ने UPSC की निष्पक्षता पर बेहद गंभीर उठाया सवाल, UPSC सेलेक्शन प्रॉसेस के अबतक के इतिहास की सबसे अनोखी शातिराना "करतूत", हद तो ये की फिर एक दिन सारे डॉक्युमेंट्स लापता हो गए! सच जानकर आप सन्न रह जाएंगे! सिस्टम के सड़ांध की सबसे भयावह तस्वीर है एक विजुअली हैंडीकैप सर्जन का DM बन जाना

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पटना Live डेस्क। विगत कुछ वर्षों में देश के तमाम राज्यों समेत हालिया Bihar Public Service Commission (बिहार लोक सेवा आयोग) पेपर लीक काण्ड के जरिए सरकारी भर्ती और भर्ती घोटालों की एक लंबी श्रृंखला लगातार देश के आवाम को सिस्टम के सड़ने का एहसास करा रही है।

                   वही, इन सब के बीच संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा और संबद्ध परीक्षाओं के संचालन की केंद्रीय एजेंसी ने अब तक अपनी एक साफ सुथरी छवि बना रखी थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। दरअसल, यूपीएससी की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाली एक याचिका केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के समक्ष सशस्त्र बल मुख्यालय असैनिक कर्मचारी सेवा (संबद्ध सिविल सेवा) के 2012 बैच की एक अधिकारी ने रखते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाया कि विकलांगता कोटे के तहत दो उम्मीदवारों का चुनाव सुनिश्चित करने के लिए नियमों में बड़े बदलाव किए गए। अपनी उक्त याचिका में याचना करने वाले अधिकारी ने न केवल आरोप लगाया बल्कि तमाम ऐसे खुलासे किए जो आयोग के “निष्पक्षता” व पारदर्शिता के सिद्धान्तों की भ्रूण हत्या करते है।

दामन हुआ दागदार!

संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी जो देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा आयोजित करती है यानी इंडिया एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के अधिकारियों को चुनती है। ये वो अधिकारी होते है जो मुल्क को चलाते है यानी नीतिगत फैसले करते है। देश के आम आवाम के भाग्यविधाता बन जाते है। लेकिन, जब देश के नीतिगत फैसला लेने वाले ही गलत तरीके से फ़र्ज़ीवाड़ा कर के आईएएस बने हो तो इनसे क्या उम्मीद की जा सकती है? जी हां ! हम आपको मय सुबूत एक बेहद शातिराना ढंग से यूपीएससी (UPSC) के नियमों की अवहेलना कर के अपने हक में इस्तेमाल कर ग़ज़ब का खेल खेला गया है के हर पहलू से अपने इस महाखुलासा सीरीज में बताएंगे। इस पूरे कवायद में सबसे हास्यास्पद है कि एक परीक्षार्थी संघ लोक सेवा आयोग की 4 अटेम्प्ट सामान्य तरीके से देता है और असफल हो जाता है। लेकिन तय कोटा खत्म होते ही पाँचवी बार वर्ष 2012 में वीडी यानी विजुअली हैंडीकैप्ड कोटे से upsc की परीक्षा में शामिल होती है। हद तो देखिए यह ये प्रतिभागी उत्तरप्रदेश में पशु चिकित्सक (सर्ज़न) के तौर पर 2013 अगस्त महिने तक कार्यरत रहा बागपत में। 

खैर,अब तक तो आप भी पटना Live द्वारा किये जाने वाले खुलासे की इस सीरीज के मुख्य किरदार के बाबत कयास और अन्दाज़ा लगाने की कवायद शुरू कर चूके होंगे जिस गड़बड़ झाले के बाबत हम बात कर रहे है वह IAS (आईएएस) बिहार कैडर का है। जी हां आप लगभग सही ढर्रे पर आगे बढ़ चले है। इस खुलासे की मुख्य किरदार एक महिला आईएएस ही है।जो मूलरूप से ताज नगरी आगरा, उत्तरप्रदेश की रहने वाली है। वर्त्तमान में बिहार सरकार ने एडीशनल सेक्रेटरी पथ व निर्माण विभाग के साथ ही निदेशक पटना मेट्रो की दोहरी जिम्मेदारी दे रखी है।

बागपत से बिहार तक

मूल रूप से उत्तरप्रदेश के आगरा जनपद की रहने वाली इस महिला ने वेटनरी साइंस में डाक्टरेट की हुई हैं। बतौर सरकारी वेटनरी डॉक्टर बागपत में वर्ष 2013 के अगस्त महीने तक कार्यरत रही है। साथ ही साथ यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी भी करती रही ताकि आईएएस बनकर देश की सेवा कर सके। लेकिन सफलता मिली वर्ष 2012 में वीडी यानी विजुअली हैंडीकैप्ड कोटे में पर रैंक मिला बेहतरीन। डीओपीटी (DOPT) के रिकॉर्ड के अनुसार, इनके द्वारा सामान्य श्रेणी के तहत सिविल सेवा परीक्षा के लिए अपने सभी 4 (चार) प्रयास किए गए पर सफलता नही मिली। लेकिन वर्ष 2012 में इन्होंने अचानक पांचवीं बार दृष्टिहीन श्रेणी के तहत आवेदन किया और परीक्षा के लिए उपस्थित हुई थी। वैसे ये मोहतरमा एक पशु चिकित्सक के रूप में प्रशिक्षित हैं।

रैंक 39वाँ  वर्ष 2012-13 कैटेगरी-VD

वर्ष 2012-13 के यूपीएसी (UPSC) के फाइनल रिजल्ट में ऑलइंडिया में 39वाँ और 224वा रैंक हासिल करने वाल क्रमशः मूल रूप से यूपी की निवासी है। तो वही दूसरे वाले केरल के मूल निवासी है। दोनों का सेलेक्शन वीडी (विजुअली हैंडीकैप्ड) कोटे में हुआ है। यह तो वो सच है जो दुनिया जानती है। साथ ही इनके रिजल्ट के साथ भी VD शब्द का उल्लेख है। लेकिन कमाल की बात यह है कि मैडम ने खुद का वीडी (विजुअली हैंडीकैप्ड) सर्टिफिकेट इन्होंने बिहार से बनवाया था।  

 

सवाल- क्या अंधा (दृष्टिहीन) शख्स एक प्रशिक्षित  चिकित्सक (सर्जन) हो सकता है?

पार्ट-2

क्रमशः…… देखिए उस चेहरे का हर सच …. वाह! रे सरकार वाह रे सिस्टम वाह रे upsc !

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