Super Exclusive- पटना के एक थानेदार पर दर्ज है अपने निजी मकान में चकला घर चलाने के मामले में है नेम्ड एफआईआर

पटना Live डेस्क। राजधानी पटना में एक बेहद चर्चित और वीआईपी थाने की कमान संभाल रहे थानेदार पर बेहद संगीन आरोप है। फिर साहब थानेदार है और पूरी ठसक से कहते है नालंदा के हरनौत के न रहने वाले है जी सीएम का गृह जिला के। यह महज आरोप नही है बल्कि  थानेदार साहब के नाम का उल्लेख है राजधानी के थाने कंकड़बाग में दर्ज एफआईआर मे है। फिर भी जनाब बड़े शानो -शौकत के संग थानेदार कुर्सी पर विराजमान है।
हाल ही में थानेदार साहब के थाने से एक युवक को शराब के नशे में धुत्त होने पर पेट्रोलिंग के दौरान पकड़ा गया था।फिर कई घंटे हाजत में रखने मेडीकल के बाद भी “मुद्रा” की कृपा से बाइज्जत छोड़ दिया गया था।मामले का खुलासा पटना Live द्वारा किये जाने पर जबरदस्त कार्रवाई एसएसपी द्वारा की गई और 3 पुलिस कर्मी संस्पेंड किये गए।

Super Exclusive – पटना के एस के पूरी थाने से शराबी को घंटो हाजत में रख मेडिकल होने के बाद भी “मुद्रा” लेकर छोड़ा गया, सिटी एसपी ने की जांच अब गिरेगी गाज

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लेकिन साहब का रुतबा कायम है।अब जरा इस बात का अंदाज़ा आप स्वयं लगाए अगर ये आरोप किसी आम आदमी पर लगते उसका क्या हाल होता पर चुकी साहब वर्दी वाले है। संगीन आरोप के बाद भी मामला फाइलों की भुल भूलैया में हिचकोले और टीचकोले खाता हुआ घिसट रहा है।

घटना 30 अप्रैल 2016 की है जब राजधानी पुलिस ने एक बेहद हाई प्रोफाइल रैकेट का पर्दाफाश किया था। रैकेट हाई प्रोफाइल था। जिसमें लड़कियों की डीलिंग व्हाट्स एप के जरिए की जाती थी। व्हाट्स एप के माध्यम से ग्राहकों को युवतियों के फोटो भेजे जाते थे और ग्राहकों को जब पसंद आता था,तो फिर पैसे की डील होती थी।
इसके बाद ग्राहकों को फोन से बुलाया जाता था। यह खुलासा उस समय हुआ था जब पुलिस ने कंकड़बाग थाने के पूर्वी इंदिरा नगर रोड नंबर एक में स्थित एक मकान में छापेमारी की थी। वह निजी मकान पुलिस के एक अधिकारी का है। छापेमारी में उस वक्त वहां ग्राहक व व्यवसायी रंजीत कुमार (देवीचक,फतुहा) कोअापत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया गया और एक युवती को मुक्त कराया गया। वहीं संचालिका रेणु देवी (रूडी, छतवनी, मोतिहारी) को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। मौके से कंडोम, सिगरेट के पैकेट व शिलाजीत के पैकेट बरामद किये गये थे। इस सेक्स रैकेट का  पर्दाफाश करने ख़ातिर पुलिस ने ग्राहक बन कर सेक्स रैकेट चलने की सूचना का सत्यापन किया था और फिर मामला सत्य पाये जाने के बाद छापेमारी की थी।

लिये जाते थे दो हजार से तीन हजार

इस खुलासे के बाबत बताया गया था कि एक ग्राहक से दो से तीन हजार रुपये लिये जाते थे।इसके अलावा खाने-पीने के लिए अतिरिक्त राशि ली जाती थीसिगरेट, शिलाजीत के लिए भी पैसे लिये जाते थे। दो हजार रुपयों में 1500 रुपये संचालिका खुद रख लेती थी और 500 रुपये युवती को दिया जाता था। मुक्त करायी गयी युवती कोलकाता की रहने वाली थी, और इसे नौकरी दिलाने के नाम पर बहला-फुसला कर लाया गया था और सेक्स रैकेट के दलदल में ढकेल दिया गया था।

चुकी मकान पुलिस अधिकारी का था संचालिका पूरी ठसक के साथ धंधे को चलाया करती रही थी। सेक्स रैकेट का पर्दाफाश होने पर पुलिस ने उस मकान के मालिक पुलिस अधिकारी पर भी नेम्ड एफआईआर किया था। लेकिन मामला आज भी अनुसंधान के नाम पर अपनी मौत का इंतजार कर रहा है।