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BiG News-बिहार पुलिस सेवा के 42वीं बैच के चर्चित अधिकारी राकेश दुबे समेत कुल 8 को आईपीएस कैडर में मिली प्रोन्नति,अधिसूचना जारी

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पटना Live डेस्क।वर्ष 2020 के आखरी महीने का पहला दिन बिहार पुलिस सेवा के 42वीं बैच के 8 अधिकारियों के लिए बेहद खुशियों भरी सौगात लेकर आया। असल में पिछले महीने की 14 तारीख (अक्टूबर) को ही संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। उक्त बैठक में बिहार पुलिस के आठ उपअधीक्षकों के आईपीएस बनने का रास्ता साफ हो गया था। बिहार के 6 पुलिस उपअधीक्षक (DySP) अब प्रमोट होकर आईपीएस (IPS) बन गए है। इसके बाबत सेंट्रल होम मिनिस्ट्री की तरफ आज (मंगलवार) नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। बाकी बचे 2 को अभी इंतजार करना होगा।

आधा दर्जन आईपीएस में प्रोन्नत 

आईपीएस कैडर में प्रोन्नत सभी बिहार पुलिस सेवा के 42वीं बैच के अधिकारी हैं। उल्लेखनीय है कि इस बैच के कुछ अन्य अधिकारियों को चार साल पहले ही IPS कैडर में प्रमोशन मिल चुका है जिन पुलिस अफसरों को प्रमोशन मिला है, उसमें सबसे चर्चित और बड़ा नाम राकेश कुमार दुबे का है। एएसपी राकेश कुमार दुबे वर्तमान में वर्त्तमान राज्यपाल के एडीसी की जिम्मेवारी संभाल रहे हैं। इनकी गिनती तेज-तर्रार अफसरों में होती है।ये पटना में एएसपी और डीएसपी टाउन की महती जिम्मेवारी संभाल चुके हैं।

जारी किए गए लिस्ट में दूसरा चर्चित नाम शीला ईरानी का है। वर्तमान में ये पटना नगर निगम में असिस्टेंट कमिश्नर का पद संभाल रही हैं। इनके साथ ही एएसपी विश्वजीत दयाल, विजय कुमार, संजय भारती, चंद्रशेखर प्रसाद विद्यार्थी, हरिमोहन शुक्ला और बलिराम कुमार चौधरी को आईपीएस में प्रमोशन मिला है। एएसपी बलिराम कुमार चौधरी और हरिमोहन शुक्ला पटना सिटी में एसडीपीओ रह चुके हैं।

2 प्रोन्नत अधिकारियों को करना होगा इंतज़ार

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा जारी अधिसूचना में कुल 8 अधिकारी को आईपीएस बनाया गया है। लेकिन इस लिस्ट में शामिल 6 को तो आईपीएस कैडर में प्रोन्नति का तोहफा मिल गया है। यानी कि लंबे समय से प्रमोशन की उम्मीद लगाए बैठे 6 अधिकारियों का सपना अब पूरा होता दिख रहा है।लेकिन दो अन्य अधिकारियों विश्वजीत दयाल और विजय कुमार को अभी इंतजार करना होगा। दरअसल नव प्रोन्नत अधिकारी विश्वजीत दयाल पर जहां उनके खिलाफ चल रहे एक आपराधिक मामले ने उनके त्वरित प्रोमशन में रोड़ा अटका दिया है। वही, विजय कुमार के खिलाफ एक विभागीय मामले के लंबित होने के कारण दोनों अधिकारियों को।प्रोन्नति का लाभ तब तक नहीं मिलेगा जबतक कि दोष मुक्त नही करार दिया जाएगा।

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