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BiG News-Gulf Countries से 3 लाख इंडियंस ने घर वापसी ख़ातिर किया आवेदन,10 हजार कोरोना संक्रमित, 84 की अबतक मौत 

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  • खाड़ी देशों (Gulf Countries) में तकरीबन 90 लाख भारतीय रहते है।
  • केवल यूएई से लगभग 2 लाख भारतीयों ने वापस आने के लिए कराया रजिस्ट्रेशन, साइट कई बार हुई क्रैश
  • खाड़ी देशों (Gulf Countries) से आने का किराया लगभग होगा 15 हजार रुपए होगा।
  • खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के वतन वापसी की तैयारियों में जुटी सरकार, 7 मई से शुरू होगा अभियान

पटना Live डेस्क। विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी की तैयारियों के बीच खाड़ी देश से आई एक खबर ने सरकार की परेशानी को बढ़ा दिया है। रोजी-रोटी की तलाश में खाड़ी देशों में नौकरी करने गए 10 हजार भारतीय Corona virus से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 84 लोगों की अबतक मौत भी हो चुकी है। वहीं इन देशों से भारत आने के लिए लाखों की संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।

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वही, खाड़ी देशों में  फंसे भारतीयों की स्वदेश वापसी को हरी झंडी देते हुए भारत सरकार ने एक मेगा प्लान तैयार कर लिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया 7 दिन में 64 फ्लाईट के जरिए 14800 लोगों को लाने की योजना बनाई है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, करीब एक करोड़ चालीस लाख भारतीय विदेशों में रह रहे हैं। फिलहाल सबको लाना मुमकिन नहीं है। इसलिए इमरजेंसी आधार पर अभी पंद्रह हजार लोगों को ही लाया जा रहा है।

खाड़ी देशों से तीन लाख लोगों ने किया आवेदन

मंत्रालय ने बताया कि केवल खाड़ी देशों (Gulf Countries) से लगभग तीन लाख लोगों ने वापस आने के लिए रजिस्ट्रेशन किया है, करीब 90 लाख भारतीय इन देशों में रहते हैं। विदेश मंत्री खुद इस पूरे अभियान की अगुआई कर रहे हैं। विदेशों से आ रहे भारतीयों को अलग-अलग राज्यों में पहुंचाने के लिए विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव या संयुक्त सचिव स्तर के एक-एक अधिकारी नोडल ऑफिसर के तौर पर एक-एक राज्य के साथ संपर्क में रहेंगे।

केवल यूएई से लगभग 2 लाख ने कराया रजिस्ट्रेशन

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में 2 लाख से अधिक भारतीयों ने कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिये जारी लॉकडाउन के बीच घर लौटने के लिये आनलाइन पंजीयन प्रक्रिया के तहत भारतीय मिशनों में आवेदन दिया है। बता दें कि भारतीय मिशनों ने विदेशो में लॉकडाउन के कारण फंसे भारतीयों के लिये पिछले सप्ताह आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू किया था।

यूएई में 30 हजार से ज्यादा की नौकरी खत्म

कोरोना महामारी के कारण यूएई में 40 हजार से ज्यादा भारतीय लोगों की नौकरी खत्म हो चुकी है। यूएई के वाणिज्य दूतावास के अनुसार, अनुमानत: 20 प्रतिशत आवेदकों की नौकरी जा चुकी है जबकि 55 फीसदी अकेले केरल से हैं। करीब दस फीसदी आवेदक ऐसे हैं जो यात्रा एवं पर्यटक वीजाधारी हैं जो भारत में जारी लॉकडाउन के कारण यहां फंस गये हैं। बड़ी तादाद में लोगों के वापस लौटने के लिये पंजीयन कराने के कारण वाणिज्य दूतावास की वेबसाइट कई कई बार क्रैश हो चुकी है।

पहले चरण में 15000 भारतीयों को लाया जाएगा

नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि एयरइंडिया कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन के चलते विदेश में फंसे करीब 15000 भारतीय नागरिकों को देश वापस लाने के लिए सात से 13 मई तक 64 उड़ानों का परिचालन करेगी। उन्होंने बताया कि निजी भारतीय एयरलाइन्स भी 13 मई के बाद इस अभियान में शामिल हो सकती हैं।

लंदन और ढाका से आने वालों को देना होगा इतना

उन्होंने कहा कि इन उड़ानों का लाभ उठाने वाले लोगों को शुल्क वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि लंदन-दिल्ली उड़ान पर यात्री से 50,000 रूपये शुल्क लिया जाएगा जबकि ढाका-दिल्ली उड़ान पर उसे 12,000 रूपये देना होगा।

इन देशों से लाए जाएंगे भारतीय

एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपीन, बांग्लादेश, बहरीन, कुवैत और ओमान समेत 12 देशों से भारतीयों को वापस लाने के लिए 64 उड़ानों को संचालित करेगी।

किस देश से कितनी फ्लाइट

मंत्री ने बताया कि भारत विदेश से भारतीयों को वापस लाने के लिए सात मई से 13 मई तक संयुक्त अरब अमीरात के लिए 10, अमेरिका और ब्रिटेन के लिए 7-7, सऊदी अरब-सिंगापुर के लिए 5-5 और कतर के लिए 2 उड़ानें भेजेगा। उन्होंने बताया कि इसी तरह मलेशिया और बांग्लादेश के लिए 7-7, कुवैत और फिलीपीन के लिए 5-5 तथा ओमान एवं बहरीन के लिए 2-2 उड़ानें भेजी जाएंगी।

विदेश से आने वालों को सरकार देगी काम

MEA के अनुसार कई ऐसे मामले भी हैं, जहां लोगों के पार्थिव शरीर तक विदेशों में हैं।दो मामले तो ऐसे हैं, जिसमें विडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए अंतिम संस्कार किया गया है। मंत्रालय ने कहा की खाड़ी देशों से आने वाले बहुत से ऐसे लोग हैं जो बेहद कुशल श्रेणी में हैं, लेकिन उनकी नौकरी चली गई है। इन्हें वापस आने पर सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों में अवसर दिया जाएगा।

खाड़ी देश से आने का किराया 15 हजार रुपए

खाड़ी देशों से आने का किराया लगभग 15 हजार रुपए होगा. खाड़ी देशों में करीब 10 हजार भारतीय पॉजीटिव पाए गए थे,जिनमें से 84 लोगों की मौत हो गई है।विदेशों में जाकर भारतीयों को लाने वाले हवाई जहाज के क्रू-मेंबर का भी पहले Covid-19 टेस्ट कराया जाएगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि बहुत से लोग जो लौटने के इच्छुक थे, लेकिन वे तमाम तरह की शर्तों को देखकर फिलहाल नहीं आने का मूड बना रहे है।

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