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BiG न्यूज़- मंदिर में सो रहे 2 साधुओं की कुदाल से काटकर नृशंस हत्या से दहला मधुबनी

होली के दिन 5 लोगो की बेरहमी से हत्या का मामला अभी शांत भी नही पड़ा मधुबनी में मंदिर में सो रहे 2 साधुओं की गला काटकर बेरहमी से हत्या कर लाश को भूसे से ढके जाने की घटना से सकते में आवाम

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पटना Live डेस्क। बिहार का मधुबनी जिला एक बार फिर बेहद नृशंसतापूर्वक हत्याकांड को लेकर सुर्खियों में है। होली के दिन 5 लोगो की जिले में हुई नृशंसता पुर्ण नरसंहार का मामला अभी शांत भी नही हुआ है कि जिले के खिरहर धरोहर नाथ महादेव मंदिर परिसर में दो साधुओं की बेरहमी से हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार मध्य रात्रि की है। मकतूल साधुओं की शिनाख्त बासोपट्टी थाना क्षेत्र के सिरियापुर निवासी 60 वर्षीय हीरा दास व भगवानपुर निवासी पचास वर्षीय आनन्द मिश्र के रूप में हुई है। वारदात के बाद दोनों लाशों को मंदिर परिसर स्थित एक घर में रखकर भूसे से ढक दिया गया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात लगभग 12 बजे अज्ञात अपराधियों ने मंदिर में सो रहे दोनों साधु की कुदाल से काटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को छुपाने के लिए घसीटकर बगल के भूसा घर में कपड़े से लपेट कर दोनों के शरीर व एक सिर को भूसा में छुपा दिया और एक सिर को बगल के चारदीवारी के पास गड्ढे में रखकर ढक दिया। बगल कमरे में चुपचाप देख रहे प्रत्यक्षदर्शी नारायण दास ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही ख़िरहर पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद शव को ढूंढा गया और पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।

बता दें कि धरोहर नाथ मंदिर स्थानीय स्तर पर काफी प्रसिद्ध है और वहाँ विभिन्न मौकों पर पूजा-पाठ के भारी भीड़ उमड़ती है। दोनों साधु का शव पोस्टमॉर्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने अभी तक हत्या के कारणों के बारे में कुछ नहीं बताया है। जाँच चल रही है। दोनों साधुओं के साथ उनका एक सहायक भी रहता था, जिसकी जान बच गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गई।

मृतक साधुओं में से एक का सिर कमरे में तो दूसरे का दीवार के बगल में पाया गया। साधुओं के धड़ों को भूँसे में छिपा दिया गया था। बिछावन और मच्छरदानी खून से लथपथ थे। एक पुजारी नारायण दास ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी, जिन्हें पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। एक स्थानीय व्यक्ति का दावा है कि 4-5 की संख्या में हमलावर थे। ग्रामीणों ने कहा कि दहशत फैलाने और डर पैदा करने के लिए ऐसा किया गया।

एक ग्रामीण ने कहा कि साधु-महात्मा यहाँ नहीं रहें, इसीलिए उनकी हत्या कर दी गई। इनमें से एक पुजारी के बड़े भाई पास के ही बिसौली कुटी पर रहते हैं। घटनास्थल पर पुलिस मौजूद है और वो जाँच कर रही है। हमने इस मामले में पुलिस का पक्ष लेने के लिए खिरहर SHO से संपर्क किया, लेकिन उनका नंबर लगातार व्यस्त आ रहा था। वही मिली जानकारी के अनुसार पुलिस पोस्टमॉर्टम के बाद ही कुछ कह सकेगी।

इलाके में पहले से ही तनाव का माहौल है, क्योंकि इससे पहले की रात बिसौली कुटी के महंत ब्रजमोहन दास के आश्रम पर भी हमला हुआ था। इस बाबत महंत ने बताया कि उनकी थाना प्रभारी से ठीक से बात नहीं हो सकी है और वो आज रामनवमी की पूजा में व्यस्त हैं, इसीलिए अब तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालाँकि, उन्होंने थाने में जाकर पुलिस को इस घटना से अवगत करा दिया है।

महंत ने बताया कि सोमवार की रात उनका सहायक अपने कमरे में IPL का मैच देख रहा था, तभी खिड़की के पास से कुछ फुसफुसाहट की आवाज़ आई। जब उसने करीब जाकर सुना तो बिजली काटने की बातें की जा रही थी। इसके कुछ देर बाद ही अचानक से मठ परिसर की बिजली गुल हो गई। फिर उसके मन में कुछ खटका और उसने बाहर निकल कर देखा तो गाँव में अन्य जगह बिजली थी।

उसने महंत को आकर सारी बातें बताईं, जिन्होंने तुरंत थाने में फोन कॉल कर के खुद पर खतरा होने की जानकारी दी। साथ ही कुछ ग्रामीणों को भी सूचित किया। वो बताते हैं कि जब उन्होंने बाहर निकल कर देखा तो कुछ लोग कपड़ा मुँह पर बाँधे हुए खड़े थे। मठ के अंदर से आत्मरक्षा के लिए इन लोगों ने कुछ चीजें बाहर फेंकी, जिसके बाद वे लोग पीछे हट गए। तब तक कुछ ग्रामीण जुटे और शोर मचाने लगे।

बसौली कुटी के महंत इलाके में ‘लव जिहाद’ और इस्लामी कट्टरपंथ के मामलों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं। इसी साल मार्च में खिरहर थाना क्षेत्र के ही बालाराही शोएब नाम के एक युवक पर नाबालिग हिन्दू लड़की के अपहरण का आरोप लगा था। सितम्बर 2020 में ऐसे ही एक मामले में राष्ट्रीय बाल आयोग को संज्ञान लेना पड़ा था। इन सब मामलों को लेकर वे काफी मुखर रहे थे।

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