महज 72 घंटे के अंदर नालंदा एसपी की टीम ने सुलझायी हत्या की गुत्थी, 3 गिरफ्तार

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रजनीकांत,संवाददाता, नालंदा

पटना Live डेस्क। सुबे में सुशासन को ज़मींनी हकीकत में तब्दील करने और सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एपी नालन्दा बखूबी निभा रहे है। अमूमन कहते है अपराध एक फेनोमेंनन है जिसे खत्म नही किया जा सकता है और पर इसे सीमित किया जा सकता है। इसी परिभाषा को तर्क संगत करते हुए नालन्दा एसपी कुमार आशीष के नेतृत्व में पुलिस बखूबी निभा रही है। इसी कड़ी में महज 72 घंटे के अंदर नालंदा पुलिस ने नालंदा पुलिस ने मोहम्मदपुर मुसहरी के मृतक अजय मॉझी के हत्या कांड की गुत्थी सुलझा ली है।

इस बाबत एसपी कुमार आशीष ने बताया कि 7 जून की रात्रि में गिरियक थानार्न्तगत ग्राम मुहम्मदपुर मुसहरी में अजय मॉझी, उम्र-30 वर्ष, पे0-विजेन्द्र मांझी को अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस संबंध में गिरियक थाना कांड दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, राजगीर, पुलिस निरीक्षक, गिरियक एवं थानाध्यक्ष, गिरियक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। हत्याकाण्ड के गहन छानबीन एवं अनुसंधान में यह बात प्रकाश में आया कि मृतक गांजा एवं ताड़ी का  सेवन करता था। मकतूल अव्वल दर्जे का नशेड़ी था। नशे की झोंक में अक्सर किसी न किसी से उलझ बैठता था और गाली-गलौज कर देता था।


वारदात के दिन नशे के चक्कर में अपना दोनो कुदाल बेचने का प्रयास कर रहा था। इसी क्रम में घटना की रात्री दरियापुर के मुखल यादव के दो बेटा सुजित एवं अजित को नशे में गाली-गलौज कर दिया।  नशे की पिनक ने दोनों से उलझ बैठा मकतूल को यह गलती जीवन की आखरी गलती साबित हुई और सुजित कुमार ने अजय मांझी को गोली मार मौत के घाट उतार दिया। साथ ही गोली मारने के पश्चात कुछ दूर पर मृतक को लिटा दिया और फरार हो गया।

एसपी नालन्द द्वारा गठित टीम के द्वारा मुखल यादव के दोनों बेटा को 01 कट्टा एवं 03 जिन्दा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया।  दोनो ने इस घटना को अंज़ाम देने में अपनी संलिप्तता स्वीकार किया है। साथ ही हत्या में प्रयुक्त हथियार को पुलिस के द्वारा बरामद कर लिया गया है। साथ ही इस घटना में सुजित एवं अजित के साथ और दो लोग थे जिनका सत्यापन कर अग्रतर कार्रवाई की जायेगी।वही गिरियक थाना कांड सं0-188/17 के अनुसंधान में यह भी पता चला कि मृतक के गॉव का मनोज मॉंझी के पास भी देशी रायफल है। जिसे गठित टीम के द्वारा उसके घर से बरामद कर गिरफ्तार किया गया। मनोज मॉझी के विरूद्ध अलग से कांड दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
इस तरह मोहम्मदपुर मुसहरी के मृतक अजय मॉझी के हत्या कांड का नालंदा पुलिस के द्वारा महज 72 घंटे भीतर पूर्ण रूप से उद्भेदन कर दिया गया। उद्भेदन में यह बात प्रकाश में आया कि यह घटना नशा पान करने के कारण आपस में झगड़ा झंझट होने के क्रम में हत्या की घटना हुई। गठित टीम के द्वारा किये कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि का पुरस्कार अलग से दिया जायेगा।