Video -मुजफ्फ़रपुर पुलिस की बर्बरता 5 थानों की पुलिस का गाँव में तांडव, दुल्हन और उसकी बहन को इतना पीटा की दोनों अस्पताल में भर्ती

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रंजन पांडेय, संवाददाता, मुजफ्फरपुर

पटना Live डेस्क। मुजफ्फरपुर में अमूमन अपराधियों के सामने बेबस और लाचार पुलिस ने दो लड़कियों पर अपनी बहादुरी का ऐसा मुजाहिरा किया है कि दोनों अस्पताल में गंभीर हालत में इलाजरत है। उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरपुर के गायघाट में गुरुवार रात को शादी की रस्में पूरी हो रही थी।सिंदूर दान हो चुका था और सात फेरे भी पूरे किए जा चुके थे।

इसी दौरान दूल्हे आलोक कुमार के पिता कुनकुन सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि उसके बेटे को अगवा कर जबरदस्ती शादी की जा रही है। पुलिस ने जब शादी रोकने की कोशिश की तो लड़की के परिजनों ने विरोध किया।विरोध होता देख पुलिस के जवान भड़क गए। उन्होंने पहले दूल्हे को भगा दिया फिर लड़की के घरवालों को लाठी से पीटा।


दुल्हन और उसकी बहन की भी पिटाई की गई और पुलिस उन्हें थाने ले आई। कुछ देर बाद गांव के लोग एकजुट होकर थाने पहुंचे और घेराव कर दिया। इस बात से पुलिस का गुस्सा और बढ़ गया। कई थानों से जवानों को बुलाया गया और लड़की के घर पर धावा बोल दिया गया। पुलिस के जवानों ने दुल्हन के घरवालों और गांव के लोगों को भी जमकर पीटा। हद तो ये की पुलिस ने खदेड़-खदेड़ कर गांव की महिलाओं व लड़कियों की पिटाई की, जिससे कई के कपड़े फट गए।  दुल्हन व उसकी बहन को थाने के कमरे में रातभर बंद रखा गया।


फिर शुक्रवार की सुबह दोनों को जेल भेजने की प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया गया। लेकिन यही से पुलिस की बर्बरतापूर्ण पिटाई का खुलासा हो गया जब मुजफ्फरपुर जेल प्रशासन ने पुलिस पिटाई मे घायल लड़की और उसकी बहन कि दयनीय हालत को देखर जेल में रखने से स्पष्ट तौर पर इनकार कर दिया। वही पुलिस के कब्जे में गिरफ्तार दुल्हन ने पुलिस पर मारपीट और छेड़खानी के आरोप लगाए हैं। अपने शरीर के जख्म दिखाती दुल्हन का आरोप है की पुलिस ने न केवल उसके साथ मारपीट की बल्कि उसके शरीर को भी टच किया। दुल्हन ने आरोप लगाया है की पूरे प्रकरण में महिला पुलिस की कहीं उपस्थिति नहीं रही।


मामले के खुलासे के बाद पुलिस द्वारा लड़की की गिरफ्तारी और बर्बर तरीके से पिटाई के मामले पर महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है।महिला आयोग की सदस्य डा.संगीता शाही ने अस्पताल पहुँच कर महिला से की पुछताछ की और पूरे मामले में पुलिस की भूमिका के बाबत दोनों बहनों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस बाबत संगीता ने बताया कि हाथों मे मेहंदी लगी दुल्हन और उनके परिजनों के साथ पुलिस ने बर्बरता पूर्ण काम किया है।बिना किस जांच पड़ताल के पांच थानो की पुलिस ने गांव मे तांडव मचाया है। इससे अमानवीय घटना हो ही नहीं सकती।


गायघाट की पूर्व विधायक वीणा देवी ने सदर अस्पताल मे पीडिता को देखने पहुँची और उसका स्थिति देखने के बाद गायघाट थाना प्रभारी को निलंबित करते हुए कारवाई की मांग की है।