बड़ी खबर – राजद सुप्रीमो को चारा घोटाला के एक मामले में मिली फौरी राहत, सज़ा पर टला फैसला

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पटना Live डेस्क। बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव को फौरी राहत मिली है। चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में रांची की सीबीआइ कोर्ट का गुरुवार को आने वाला फैसला टल गया है। लालू ने अपने वकील के माध्यम से इस बाबत कोर्ट में अर्जी दी थी इसपर 15 मार्च गुरुवार अपराह्न दो बजे सुनवाई हुई। आवेदन पर फैसला शुक्रवार होगा,तब तक लालू पर आने वाले फैसला स्‍थगित रहेगा। उल्लेखनीय है कि लालू ने घोटाले के दौरान रहे तत्‍कालीन एजी सहित तीन को आरोपित बनाने की मांग करते हुए तब तक के लिए फैसला टालने की अर्जी दी थी।
लालू प्रसाद यादव के द्वारा बुधवार को संयुक्त बिहार के तत्कालीन एजी पीके मुखोपाध्याय, डिप्टी एजी बीएन झा और एजी ऑफिस के सीनियर डायरेक्टर जनरल प्रमोद कुमार को भी आरोपित किए जाने और उनके खिलाफ समन जारी करने को लेकर सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में आवेदन दिया है। साथ ही लालू द्वारा एक अन्य आवेदन अदालत में दाखिल कर कहा गया है कि जब तक आरोपित बनाए जाने से संबंधित आवेदन पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती,तब तक के लिए फैसला को टाल दिया जाए।अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के करने के बाद फिलहाल फैसला टाल दिया है।
गुरुवार को तत्‍कालीन संयुक्त बिहार के दुमका कोषागार से करीब 3.76 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में दर्ज मुकदमा नंबर आरसी 38ए/96 में लालू प्रसाद यादव, डॉ. जगन्‍नाथ मिश्र, पूर्व सांसद डॉ. आरके राणा व जगदीश शर्मा सहित कुल 31 आरोपी हैं। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, जगन्नानाथ मिश्र सहित कुल 31 पर  धोखाधड़ी और अन्‍य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इस मामले में सीबीआइ कोर्ट ने पांच मार्च को सुनवाई पूरी की थी और 15 मार्च को इस मामले में सज़ा सुनाने की तारीख मुक़र्रर की गई थी।
दुमका कोषागार मामले में लालू यादव पर 96 फर्जी वाउचर के जरिए दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच दुमका कोषागार से 3.76 करोड़ की अवैध निकासी का आरोप है। ये पैसे पशुओं के खाने के सामान, दवाओं और कृषि उपकरण के वितरण के नाम पर निकाले गए थे। उस दौरान पैसे के आवंटन की सीमा अधिकतम एक लाख 50 हजार ही थी। जब यह निकासी हुई थी लालू यादव उस समय बिहार के मुख्यमंत्री थे। काननू विशेषज्ञों की राय में लालू पर जिन धाराओं में आरोप लगे हैं, अगर दोष सिद्ध हो गया तो उन्‍हें 10 साल की सजा हो सकती है।
अबतक 3 मामलो में  हो चुकी सजा

लालू यादव चारा घोटाला में दर्ज मामलों में अबतक 3 में दोषी ठहराए जा चुके हैं। लालू को चाईबासा कोषागार के दो मामलों मामले में पांच-पांच साल तथा देवघर कोषागार मामले में साढ़े तीन साल की सजा मिल चुकी है। दुमका कोषागार में घोटाला मामले में सजा का एलान आज होना था। डोरंडा कोषागार से जुड़ा चारा घोटाले का पांचवा मामला सबसे बड़ा है, जिसमें करीब 139.35 करोड़ की अवैध निकासी का आरोप है।
लालू यादव वर्त्तनमान में झारखंड की राजधानी रांची के होटवार सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। वही सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार चारा घोटाला के तमाम मामलो में प्रतिदिन लगातार तेज सुनवाई हो रही है। इसी का नजीजा है कि चारा घोटाला के मामलों में एक के बाद एक लगाातर फैसले आ रहे हैं। दुमका कोषागार मामले में कुल 31 अभियुक्तों पर सज़ा का फैसला होना है। उल्लेखनीय है कुल लालू यादव पर चारा घोटाले में कुल 7 मामले दर्ज हुए है।