बड़ी खबर – तहरीक-ए- तालिबान पाकिस्तान ने ली पूर्व पीएम  बेनजीर भुट्टो की कत्ल की जिम्मेदारी, किताब से हुआ खुलासा

पटना Live (इंटरनेशनल) डेस्क। पाकिस्तान की प्रधानममंत्री रही बेनजीर भुट्टो की 27 दिसंबर 27 दिसंबर 2007 को रावलपिंडी में चुनाव रैली के बाद आत्मघाती हमले में बेनजीर की हत्या की गई थी। अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली थी।
लेकिन अब पहली बार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या की जिम्मेदारी ली है। तालिबान नेता अबु मंसूर आसिम मुफ्ती नूर वली की किताब में इस बारे में रहस्योद्घाटन किया गया है।
प्रतिबंधित आतंकी संगठन पाकिस्तान तालिबान की एक पुस्तक में तालिबान के मारे गए संस्थापक बैतुल्लाह महसूद का उल्लेख करते हुए यह खुलासा किया गया है।किताब में लिखा गया है, ‘बेनजीर भुट्टो की वापसी की योजना अमेरिकियों के इशारे पर बनाई गई थी क्योंकि उन्होंने US को मुजाहिदीन के खिलाफ एक योजना दी थी।’ डेली टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान की उर्दू भाषा की पुस्तक ‘इंकलाब महसूद साउथ वजीरिस्तान..फ्रॉम ब्रिटिश राज टु अमेरिकन इंपीरियलिज्म’

किए गए दावे से पहले बेनजीर की हत्या की जिम्मेदारी किसी भी समूह ने नहीं ली थी। 

पाकिस्तान तालिबान ने भी इस पर चुप्पी साध रखी थी। लेकिन नूर वली की किताब में यह जिम्मेदारी ली गई। डेली टाइम्स ने सोमवार को किताब के हवाले से बताया कि आत्मघाती हमलावर बिलाल उर्फ सईद उर्फ इकरामुल्ला को 27 दिसंबर को बेनजीर पर हमले का काम सौंपा गया था। बिलाल ने पहले बेनजीर पर गोली चलाई जो उनके गले में लगी। उसके बाद उसने बेनजीर की जुलूस में खुद को विस्फोट से उड़ा दिया। किताब में यह भी दावा किया गया है कि अक्टूबर 2007 में कराची में भी बेनजीर पर हमले में तालिबान का हाथ था। इस हमले में 140 लोग मारे गए थे। इस हमले के बावजूद सरकार ने बेनजीर की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे। किताब में कहा गया है कि बेनजीर पर हमले के लिए टीटीपी सरगना बैतुल्ला मेहसूद ने कहा था। बैतुल्ला 2009 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया।

किताब में कहा गया कि बेनजीर अमेरिका के कहने पर 2008 के संसदीय चुनाव के लिए पाकिस्तान लौटी थीं। अमेरिका ने उन्हें मुजाहिदीद-ए-इस्लाम के खिलाफ कार्रवाई की योजना सौंपी थी। बैतुल्ला को इस योजना के बारे में जानकारी मिल गई थी। इसीलिए उसने बेनजीर की हत्या की साजिश रची थी। बीवी साहिबा  की हत्या के मामले में पाककोर्ट ने अगस्त 2017 में जेनरल मुशर्रफ पर आरोप तय किए हैं। लेकिन मुशर्रफ इससे इन्कार करते रहे हैं और टीटीपी को दोषी बताते रहे हैं।