बड़ी खबर(वीडियो) पूर्णिया नव्या अपहरण कांड के साढ़े 6 घंटे का लेखा जोखा-किशनगंज SP की बेहद कारगर भूमिका, 2बाइक,2एसयूवी,2कट्टा,6कारतूस और 4 अपहरणकर्ता

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सहयोग – पवन वर्मा, पूर्णिया

पटना Live डेस्क। बिहार के पूर्णिया जिले में सोमवार की दोपहर दो बजे गुलाबबाग सुनौली चौक के पास से अपहरण हुई स्कूली बच्ची नाव्या को पुलिस ने बिहार -बंगाल के सीमावर्ती जिले किशनगंज के सीमा पार पश्चिम बंगाल के होटवार चौक के निकट से सकुशल बरामद कर लिया है। वहीं अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कोर्पियो, एक रिनॉल्ट कपनी की कार, 2अपाचे बाइक, 2कट्टा,6 गोली और 4 अपहरणकर्ता गिरफ्तार कर लिए गए है। वही एक अन्य अपराधी की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।
दरअसल पूर्णिया में बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े गुलाबबाग मंडी के गल्ला व्यापारी सुरेंद्र जैन की इकलौती बेटी 7साल की नव्या को अगवा कर लिया। बदमाशों ने घटना को उस वक्त अंजाम दिया जब नाव्या स्कूल बस से उतरकर अपने घर जारही थी। नव्या के अपहरण की सूचना ब्राइट कैरियर स्कूल में उसके साथ पढऩे वाले बच्चे ओम शंकर ने दी। दोनो स्कूल में दूसरी क्लास में पढ़ते है। ओमशंकर एवं नव्या एक ही बस से स्कूल जाते-आते है। बच्ची के अगवा कर लिए जाने की सूचना आग की तरह शहर में फैल गई और फिर देखते ही देखते घटना के विरोध में तमाम शहर के व्‍यवसायियों ने गुलाबबाग मंडी बंद कर सड़क जाम कर दिया। इस वारदात से आक्रोशित व्यापारियों की मांग है कि पुलिस तत्काल घटना में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर मासूम को मुक्त कराए।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा ने तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर जानकारी ली और जिले की सीमा को सील करने का निर्देश दिया।
पूर्णिया पुलिस ने अपहृत और अपहरण कांड के बाबत जब शुरुआती तफ्तीश शुरू की तो पहले चश्मदीदों से पुलिस को जानकारी मिली कि करीब दो बजे के आस पास एक सफेद कार से बेख़ौफ़ अपराधियों ने बच्ची का अपहरण कर लिया और फरार हो गए। नव्या स्कुल से छुट्टी के बाद बस से घर जाने के लिए सुनौली चौक के पास उतरा करती है। ओमशंकर के साथ हर दिन की तरह सोमवार को भी नव्या स्कूल बस से दोपहर में अपने घर के पास गली के सामने उतरी थी।जहा पर दोनो बच्चों को बस ने उतारा वहां से उनके घर की दूरी महज सौ मीटर है। इसी दौरान बस से उतर कर घर की ओर जाते समय ही बच्ची का अपहरण कर लिया गया। अपराधी सफेद रंग की कार पर सवार थे और बच्ची को अगवा कर कार से कुरसेला बाईपास की तरफ अपराधी ले गये।यह अहम जानकारी थी अपराधियों के भागने की दिशा पुलिस को मिल गई।                                              CCTv से मिला अहम सुरागघटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा ने तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर जानकारी ली और जिले की सीमा को सील करने का निर्देश दिया। एसपी पूर्णिया ने फिर घटना स्थल के आसपास नज़र दौड़ाई तो उनकी आँखें चमक उठी। फौरन चौराहे के समीप लगे CCTv  को खंगाला गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैद हो गई थी।
फुटेज में खुलासा हुआ है कि जिस गली होकर बस से उतरने के बाद नाव्या घर जाती थी उस गली में पहले से ही एक सफेद कार खड़ी थी। नाव्या के कार के पास पहुंचते ही अपराधियो ने उसके साथ चल रहे ओम शंकर को धक्का देकर दूर हटा दिया और नव्या को कार डाल भाग गए।साथ ही सीसीटीवी फुटेज से ये बात भी साफ हो गई कि गाड़ी किस कंपनी की है क्या कलर है पर गाड़ी पर कोई भी नंबर नही था।मासूम ओमशंकर ने बताया नव्या को ले गए              ओम ने बताया कि एक व्यक्ति कार से उतरा और नव्या को उठा कर कार में बिठाते हुए भाग गये। सूचना मिलने के बाद घर में कोहराम मच गया। परिजन और पड़ोसी दौड़ते हुए सड़क पर आये लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और नव्या को लेकर अपहरणकर्ता फरार हो चुके थे। बदहवाश परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई।                                             अपहरण की साज़िश और पुलिस को चकमा पूर्णिया पुलिस ने फुटेज से मिले अहम सुराग की बिना पर अंदाज़ा लगाया कि नव्या के अपहरण में प्रयुक्त कार बिल्कुल नही है या ज्यादा से ज्यादा एक महीने पुरानी है। फिर क्या था गाडी की फोटो शेयर करते हुए पुलिस ने मुखबिरों के नेटवर्क को एक्टिवेट किया और बायपास की तरफ लगे सीसीटीवी को खंगाला तो जल्द ही बेहद अहम सुराग मिला फिर क्या था। उक्त रिनॉल्ट कार के मालिक की पहचान मुक्कमल की और फिर पहचान पुख्ता होते ही पुलिस ने शहर के खुश्कीबाग चौहान टोला के बलराम चौहान को धर दबोचा। शुरू में इधर उधर घूमने के बाद जब पुलिस अपना रौद्र रूप दिखाया तो बलराम चौहान ने सबकुछ बात दिया और इस कांड का सच कुबूलते हुए अपनी भूमिका भी बताई।
फिर क्या था पुलिस की विभिन्न टीमों ने उसकी निशान –देही पर पूर्णिया सिटी के चांद,अफजल और सद्दाम उर्फ रूस्तम के ठिकानों पर नज़र गड़ाए रही और फिर एक एक कर उनके अपने ठिकानों पर पहुचने के बाद धर दबोचा। गिरफ्तार अपराधियों के कब्जे से पुलिस ने दो कट्टा, 6 कारतूस मिले और दो अपाचे बाइक जब्त की गई।अपराधी पुलिस के कब्जे में थे। अपहरण का भेद खुल चुका था। पर मासूम नव्या अबतक पुलिस की पहुच से दूर थी।लेकिन अब पुलिस के पास अहम जानकारी थी कि तमाम प्रयासों और नाकेबंदी के बाद अपराधी नव्या को लेकर जिले से बाहर निकलने में कामयाब हो गए थे। क्योकि पुलिस को चकमा देने खातिर भी प्लानिंग कर रखी थी और अगवा करने के बाद किस ठिकाने पर ले जाना है इसका भी इंतजाम किया था। दरअसल, शातिर अपराधियों ने जिस पहली रिनॉल्ट गाड़ी से बच्ची का अपहरण किया था उसे पुलिस को चकमा देने के लिए शहर के बाहर निकलते ही चेंज कर दिया और एक अन्य एसयूवी निश्चित जगह पर लगा रखी थी उसपर सवार हो गए। वही पहली गाड़ी को लेकर बलराम वापस शहर लौट आया। तो अन्य मासूम नव्या को लेकर स्कोर्पियो मे सवार होकर अपने पूर्व निर्धारित अड्डे की ओर चल पड़े। नव्या को अपहरण के बाद किशनगंज के ठिकाने पर ले जाने की प्लानिंग अपहर्ताओं ने कर रखी थी। पूर्णिया पुलिस की अब मालूम था कि नव्या को लेकर अपराधी किंशनगंज के अपने ठिकाने की ओर रवाना हो चुके है। इस जानकारी को किशनगंज के SP कुमार आशीष से साझा करते हुए सहयोग मांगा गया।

किशनगंज SP की अहम भूमिकानव्या के अगवा होने पर पूर्णिया पुलिस ने नाकेबंदी की थी पर अपहरणकर्ता बच्ची को जिले से बाहर ले कर निकलने में कामयाब हो गए थे। वो कहा जा रहे है ये जानकारी भी बाद पूर्णिया पुलिस को मिल गई थी। अतः किशनगंज के कप्तान कुमार आशीष ने जिले की नाके -बंदी करवाते हुए सघन वाहन चेकिंग शुरू करवा दी। साथ ही साथ SP किंशनगंज लगातार DIG सौरभ कुमार के संपर्क में रहते हुए वाहन चेकिंग की मिनट दर मिनट मॉनिटरिंग कर रहे थे। फिर सीसीटीवी फुटेज भी पूर्णिया पुलिस द्वारा साझा किया गया। किशनगंज पुलिस कप्तान ने सक्रीयता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटैज के आधार पर बदमाशों और उक्त एसयूवी की तलाश शुरू करवा दी थी। पुलिस ने बच्ची की बरामदगी के लिए जगह-जगह नाकेबंदी कर रखी थी। इसी नाकेबंदी और पुलिस की सक्रीयता से घबराया बदमाश बच्ची को हटवार चौक पर छोड़कर गाड़ी मोड़कर पूर्णिया की ओर भाग गया।दरअसल, अपहरण में शामिल आफताब आखिरी वक्त तक बच्ची नव्या के साथ स्कार्पियो में सवार था। बिहार-बंगाल सीमा पर किंशनगंज पुलिस की नाकेबंदी को देखकर वह घबरा गया और  उसी जगह पर वह बच्ची को छोड़कर वहां से फरार हो गया। पूर्णिया पुलिस फरार आफताब को तलाश कर रही है। इधर, बच्ची को पुलिस कानकी फाड़ी ले आयी। जहां किशनगंज पुलिस को बरामद होने की सूचना देने पर किशनगंज एसडीपीओ अखिलेश कुमार पहुंचकर बच्ची को बरामद कर पुर्णिया पुलिस के हवाले कर दिये।

साढ़े 6 घंटे बाद घर आई नव्या                             नव्या के सकुशल मिलने के बाद डीआईजी सौरभ कुमार एसपी विशाल शर्मा उसे लेकर सीधे गुलाबबाग स्थित उसके घर पहुंचे। बच्ची के घर पहुंचते ही पूर्णिया पुलिस जिंदाबाद के नारे लगने लगे। घर के बाहर लोगों का भारी भीड़ मौजूद थी। लोग मुक्तकंठ से डीआईजी व एसपी की प्रशंसा कर रहे थे। वारदात के महज साढ़े 6 घंटे में बच्ची की बरामदगी पर पूर्णियावासियों ने पुलिस की पीठ थपथपायी।

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