बड़ी खबर (वीडियो) PMCH परिसर मजबूर बाप चिलचिलाती धूप गोद मे 8 महीने का बच्चा, ऑक्सीजन मास्क और सिलिडर उठाये रिश्तेदार,यही है सुशासन में सरकारी अस्पताल का हाल

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पटना Live डेस्क। कहते है एक तस्वीर हज़ारो शब्द के बराबर का सच बयान करती है। तो यकीन मानिए यह तस्वीर  सूबे की स्वास्थ्य सेवा की ज़मीनी हकीकत और हालात-ए-शासन की भयावहता की जीती जागती सच्चाई है। देखिए इस तस्वीर को और एक पिता की मजबूरी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत का सच जान कर सन्न हो जाइए। शायद यह तस्वीर देखकर उड़ीसा के दाना माझी की याद आपको आ गई होगी, जो अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता की वजह से अपनी पत्नी की लाश को कंधे पर रखकर घर लौटा था।
बिहार की राजधानी में स्थित सुबे के  सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का हाल बेहाल है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री इसे वर्ल्ड क्लास का हॉस्पिटल बनाने की ताबड़तोड़ घोषणाएं कर रहे है। तमाम तरह की सुविधा होने का दम्भ भरते स्वास्थ्य मंत्री अघाते नही है। लेकिन दावे के उलट ज़मीनी हक़ीक़त का अंदाज़ा इस बात से लगायें जा सकता है अस्पताल परिसर में चिलचिलाती धूप में एक पिता अपने आठ माह के बच्चे को गोद मे उठाये  चलता रहा और पीछे पीछे ऑक्सीजन का सिलिंडर उठाये उसके दो रिश्तेदार उसका साथ निभाते रहे। सैकड़ो हज़ारो लोगो की नज़र इस मजबूर बाप और सरकारी अस्पताल की भयावह हकीकत पर पड़ी तो सिर्फ अफसोस और सुशासन सरकार को उलाहना देकर अपनी भड़ास मिटाने लगे।
यह तस्वीर बिहार के किसी सुदूर जिले के सरकारी अस्पताल का नही बल्कि सुशासन का दावा करने वाली नीतीश कुमार की सरकार के नाक के नीचे PMCH में घटित हुई है। इस तस्वीर में अपने बीमार आठ महीने के बेटे को गोद मे उठाये है। मासुम जिसको ऑक्सीजन मास्क लगा हुआ है। चुकी ऑक्सीजन मास्क लगा है तो ऑक्सीजन सिलिडर भी इससे जुड़ा है। लेकिन चुकी बीमार कलेजे के टुकड़े का जीवन बचाने खातिर मजबूर पिता ने PMCH के शिशु वार्ड में भर्ती कराया है।डॉक्टर साहब ने ईसीजी कराने को बोला तो अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता और हर स्तर पर भ्रस्टाचार का चरम ने मजबूर पिता को पैदल ही बेटे को शिशुवार्ड से इंदिरागांधी हृदय रोग संस्थान तक ले जाने को मजबूर कर दिया। अब वो सच आपको सुनवाते जो आपके कलेजे को चीरकर रख देगा …सुनिए Pmch के डॉक्टर और व्यवस्था की भयावहता का सच …

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