Big Breaking — तेजप्रताप ने दिया “साज़िश” करने वालो को करार जवाब -सुन लो जनादेश के डकैतों मेरा परिवार मेरा जान है,मेरा भाई मेरा बाजु है,कलेजा का टुकड़ा है मेरा भाई

पटना Live डेस्क। सोमवार की शाम अचानक एक खबर ने सभी मीडिया संस्थानो की सुर्खियां बटोर ली। दरसल मामला तेजप्रताप यादव के फ़ेसबुक आईडी द्वारा लिखे शब्दों से आग तरह फैला। कथित रूप से उक्त फेसबुक लेख ने लालू परिवार में वर्चश्व की जंग और घमासान के बाबत लालू के बड़े बेटे ने तथाकथित रूप से अपने मन कि बात लिखी थी।
लेकिन फिर कुछ वक्त बीतने के बाद तेजप्रताप ने अपने ऑफिसियल ट्वीटर एकाउंट से दरसल लेकिन इस वायरल खबर के थोड़ी देर बाद ही तेजप्रताप ने विरोधियों को करारा जवाब देते हुए ट्वीट किया।                  

इस ट्वीट में तेजप्रताप ने लिखा है कि दोस्तों आज फिर चाचा ने बीजेपी के साथ मिलकर हमें तोड़ने का कोशिश किया। आज शाम मेरे फेसबुक ID को हैक कर लिया लिया गया और एक पोस्ट करके हमें हमारे परिवार से तोड़ने का प्रयास किया गया।सुन लो जनादेश के डकैतों मेरा परिवार मेरा जान है,मेरा भाई मेरा बाजु है,कलेजा का टुकड़ा है मेरा भाई

फेसबुक आईडी से लिखा गया…

                 तथाकथित रूप से तेज प्रताप यादव ने फेसबुक पर लिखा- अब राजनीति नहीं करूंगा, फिर पोस्‍ट हटा दिया। फिर तेज प्रताप ने एफबी पोस्‍ट में लिखा, ”मेरी मम्मी मेरी एक नहीं सुनती है और उल्टा मुझे ही डांट सुननी पड़ती है जिसके कारण मैं बहुत ही प्रेशर में रहता हूं। अब आप ही बताएं कि क्या इतना “प्रेशर में राजनीति हो सकती है क्या?” यह उदगार  पढ़ते ही मीडिया ने लालू परिवार में मचे घमासान के बाबत खबरों की बाढ़ आ गई। लालू परिवार को लेकर तरह तरह की खबरों के कयास और सूत्रों के हवाले घर मे टूट तक कि कहानियां प्रसारित होने लगी।                    और शुरू हुआ लिखने मिटाने का सिलसिला                  एक फेसबुक पोस्‍ट में,सोमवार (2 जुलाई) को तेजप्रताप ने अपने शुभचिंतकों को विश्‍वास दिलाया कि वे कभी राजनीति नहीं करेंगे। हालांकि करीब डेढ़ घंटे बाद यह पोस्‍ट डिलीट कर दी गई। उन्‍होंने पोस्‍ट में लिखा था कि ओम प्रकाश यादव और एमएलसी सुबोध राय उनके बारे में अफवाहें फैला रहे हैं। तेजप्रताप ने लिखा था कि उन्‍होंने इस बारे में मां राबड़ी देवी, भाई तेजस्‍वी यादव को सबकुछ बताया है, मगर वे उल्‍टे उन्‍हें ही डांट सुनने को मिलती है। तेजप्रताप ने यह भी लिखा कि वह ऐसे “कीड़े-मकौड़े को चुटकी में मसल” सकते हैं किन्तु उनका पैर ”अपनों के कारण” रुक जाता है।

तेज प्रताप ने डिलीट कर दी गई एफबी पोस्‍ट में लिखा था, ”कल मैं अपने विधानसभा क्षेत्र महुआ में टी-पार्टी के जरिये कार्यकर्ताओं की समस्या सुनकर उसे हल करने हेतु गया था। आपको सुनकर हैरानी होगी कि यहां सभी कार्यकर्ता सिर्फ एक ही समस्या लेकर आयए। जानना चाहेंगे कि वो समस्या क्या थी? वो समस्या थी “ओम प्रकाश यादव उर्फ़ भुट्टू” एवं MLC “सुबोध राय” की “शिकायत”। सभी कार्यकर्ताओं का कहना था कि हमें आप से कोई शिकायत नहीं। हम सभी जानते हैं कि आप बहुत अच्छे हैं किन्तु “ओम प्रकाश यादव” एवं “सुबोध राय” आपके खिलाफ गलत-गलत अफवाह उड़ाकर आपके छवि को धूमिल कर रहे हैं। ये दोनों आपको “पागल” और “सनकी” बताते हैं।”

लालू पुत्र ने आगे लिखा, ”अब तो ये लोग “जोरू का गुलाम” बताते हैं और कहते हैं कि तेज प्रताप तो नाम के विधायक है। तेज प्रताप को कुछ भी नहीं आता है। इसके साथ और भी ऐसे-ऐसे शब्द हैं जो मैं आपको नहीं बता सकता हूं। इन झूठे अफवाहों के कारण आपका क्षेत्र ख़राब हो रहा है इसलिए इन “दोनों आस्तीन के सांपों” को अपने क्षेत्र से बाहर कीजिये। मैंने भी अपने कार्यकर्ताओं से यही कहा कि मैं भी अपने मम्मी-पापा को बहुत बार बता चुका हूं कि “ओम प्रकाश यादव उर्फ भुट्टू” एवं “सुबोध राय” मेरे बारे में गलत-गलत अफवाह फैलाकर मेरी छवि धूमिल कर रहा है किंतु मेरी मम्मी मेरी एक नहीं सुनती है और उल्टा मुझे ही डांट सुननी पड़ती है जिसके कारण मैं बहुत ही प्रेशर में रहता हूं। अब आप ही बताएं कि क्या इतना “प्रेशर में राजनीति हो सकती है क्या”? मुझमे “अदम्य साहस एवं क्षमता” है जिससे मैं इन “कीड़े-मकोड़ों” को चुटकी में मसल सकता हूं किन्तु मेरा पैर अपनों के कारण रुक जाता है।”                           तेज प्रताप ने आखिर में ‘राजनीति छोड़ने’ का ऐलान किया। उन्‍होंने कहा, ”यदि यही स्थिति बनी रही तो मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अब “मैं राजनीति नहीं करूँगा”। राजनीति वही लोग करेंगे जो मेरे छवि को धूमिल कर रहे हैं। अब “ओम प्रकाश यादव उर्फ़ भुट्टू ही महुआ से चुनाव लड़ेगा” और विधायक और फिर मंत्री बनेगा।