BiG Breaking (Exclusive) गुजरात मे साढ़े तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या का मुख्य आरोपी “सूरत का शैतान’ बक्सर से गिरफ्तार 

पटना Live डेस्क। गुजरात मे बिहारवासियों के खिलाफ बुझचुके गुस्से की राख में फिर आग धधकाने वाला और साढ़े तीन साल की मासूम से दुष्कर्म कुकर्म के बाद उसकी दरिंदगी की इंतहा पार करते हुए निर्मम हत्या कर सूरत से फरार हुए दुष्कर्मी हत्यारे आरोपी अनिल को शुक्रवार की देर रात बक्सर पुलिस की मदद से गुजरात पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी अनिल यादव को बक्सर के इटाढ़ी प्रखंड के लोधास गांव से गुजरात क्राइम ब्रान्च की टीम ने उसे उसके गांव स्थित घर से उसवक्त धर दबोचा जब वो सो रहा था।

गुजरात के साबरकाठा में डेढ़ साल की मासूम के साथ दुष्कर्म का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सूरत में साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला सामने आने से एक बार फिर लोगो का आक्रोश चरम पर पहुच गया। दरअसल गुजरात के सूरत शहर के लिम्बायत थाना क्षेत्र में 13 अक्टूबर को साढ़े 3 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म और कुकर्म के बाद दरिंदगी की इंतहा पार करते हुए मासूम की हत्या करने के सनसनीखेज वारदात के खुलासे में बिहार निवासी का नाम आया तो अनहोनी और पुनः हिंसा न भड़क जाए की आशंका ने सूरत पुलिस के होश उड़ा दिए थे। पुलिस को आशंका थी कि कही आरोपी के बाबत खुलासे से फिर से हिंसा का दौर न शुरू हो जाए। सूरत में एक साढ़े तीन वर्षीय मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य और घिनौनी वारदात में अनिल यादव का नाम सामने आया था। हालांकि, गुजरात पुलिस आरोपी के गिरफ्तारी को लेकर काफी गोपनीयता बरत रही है।                                    सूरत के गोडादरा क्षेत्र में 13 अक्टूबर दिन रविवार रात घर के बाहर खेलते हुए लापता हुई साढ़े तीन साल बच्ची के साथ बलात्कार करने के बाद उसका गला घोंट कर उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने शक के दायरे में आए आरोपित युवक की खोज में अलग अलग टीमें रवाना की थी।

मामले की जांच कर रहे सहायक पुलिस आयुक्त विनय शुक्ल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिर्पोट में रविवार रात दस बजे से बारह बजे के दौरान बच्ची की मौत की वजह से गला घोंटने की वजह से होने की बात बताई गई है। साथ ही बच्ची से बलात्कार की भी पुष्टी की गई है। उन्होंने बताया कि आशंका है कि आरोपित अनिल यादव (20) ने रविवार रात साढ़े आठ बजे बहला फुसला कर उसका अपहरण किया। वह उसे इमारत के भूतल पर स्थित उसके कमरे में ले गया। जहां पर उसने उसके साथ बलात्कार उसके बाद पकड़े जाने के डर से उसने गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव प्लास्टिक के एक थैले में डाल दिया और अपने कमरे को ताला लगा कर फरार हो गया। मुुल रूप से बिहार के रहने वाले अनिल यादव की खोज के लिए पुलिस ने बिहार में उसके मूल निवास समेत अन्य संभावित स्थानों पर अलग अलग टीमें रवाना की गई। पुलिस मकान मालिक व अनिल के साथ रहने वाले उसके मित्रों से उसके बारे में पूछताछ कर जानकारी जुटा रही थी।                         जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम के दौरान पीडि़त महाराष्ट्रीयन परिवार के साथ बड़ी संख्या में लोग स्मीमेर अस्पताल पर जुट गए। उन्होंने आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। अस्पताल परिसर में उन्होंने मासूमों की सुरक्षा को लेकर नारेबाजी की तथा नराधमों को फांसी देने की मांग भी की। पुलिस महकमें के आलाधिकारियों के समझाने तथा दो दिन के अंदर आरोपित को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिए जाने पर वे शव लेने के लिए तैयार हुए।              स्मीमेर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सोमवार दोपहर दो बजे बच्ची के शव को गोडादरा स्थित उसके निवास पर लाया गया। वहां एक दो घर छोड़ कर एक रिश्तेदार के घर के सामने गमगीन माहौल में अंतिम विधी की गई। शाम चार बजे वहां से शमशान यात्रा निकाली निकाली गई। जिसमें एक हजार से अधिक लोग शामिल हुए। घर से करीब ३-४ किलोमीटर दूर लिम्बायत के रावनगर शमशान में उसे दफन किया गया।

शव यात्रा में दिखा आक्रोश                घर पैदल निकली शव यात्रा में लोगो का नराधम के प्रति जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। हाथों में तरह तरह के बैनर लेकर चल रहे लोग बच्ची को न्याय दिलवाने की मांग कर रहे थे। आरोपित अनिल यादव मुर्दाबाद के नारे लगा कर उसे फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे। लिम्बायत थाने के सामने पहुंचने पर लोगो ने कुछ देर रुक कर नारेबाजी की उन्होंने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ तो नारे नहीं लगाए लेकिन आरोपित को गिरफ्तार कर फांसी की सजा देने की मांग जरुर की।