अब बच नहीं पाएंगे धनकुबेर बने सांसद और विधायक,सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद सरकार सौंपेगी नामों की लिस्ट

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पटना Live डेस्क. अब बच नहीं पाएंगे नेता से सांसद और विधायक बने धनकुबेर..सुप्रीम कोर्ट की ऐसे नेताओं पर टेढ़ी नजर है..अब सुप्रीम कोर्ट की इस मामले में दखल के बाद सरकार ने उन सांसदों..विधायकों की संपत्ति जांच कराने का फैसला किया है…जिन्होंने वायदे तो किए जनता के सेवा की..लेकिन चुनाव जीतते ही जनता को भूल लग गए लाखों-करोड़ो की संपत्ति अर्जित करने में..इलाहाबाद की एनजीओ लोक प्रहरी की दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीडीटी ने सुप्रीम कोर्ट को यह बताया कि सात लोकसभा सांसद और98 विधायकों की संपत्ति की जांच की जा रही है…सीबीडीटी ने यह भी कहा कि इन सभी सांसदों और विधायकों के नाम की सूची मंगलवार को सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी…सीबीडीटी ने कोर्ट को बताया कि आयकर विभाग ने इन नेताओं की संपत्तियों की शुरुआती जांच की है जिसमें पता चला है कि चुनाव जीतने के बाद इन सांसदों-विधायकों की चल-अचल संपत्ति में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है… ये शुरुआती जांच लोक प्रहरी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद हुई है.. लोक प्रहरी ने आरोप लगाया था कि लोकसभा के 26 सांसद, राज्यसभा के 11 सांसद और 257 विधायकों की संपत्ति उनके निर्वाचित होते ही तुरंत बढ़ गई.. एनजीओ ने ये आरोप उन नेताओं के चुनावी हलफनामे के आधार पर लगाया था..

सीबीडीटी ने शीर्ष अदालत को यह भी बताया कि अन्य नौ लोकसभा सांसद, 11 राज्यसभा सांसद और 42 विधायकों की संपत्तियों का आंकलन किया जा रहा है.. इससे पहले जस्टिस जे चेलमेश्वर की पीठ ने सरकार से पूछा था कि क्या सरकारी विभागों ने नेताओं द्वारा सौंपे गए चुनावी हलफनामे और आयकर रिटर्न्स के दस्तावेज के मुताबिक उनकी संपत्तियों की कोई जांच कराई है?

केंद्र सरकार से नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सरकार एक तरफ चुनाव सुधार की बात करती है मगर दूसरी तरफ कोई भी काम समय पर पूरा नहीं करती है… पीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता पी एस नरसिम्हा से कहा, क्या भारत सरकार का यही रवैया है? आजतक आपने इस मामले में क्या किया है? याचिका में एनजीओ ने ना केवल सांसद-विधायकों की संपत्ति और उनकी आय के स्रोत को सार्वजनिक किया जाय बल्कि उनकी पत्नी और बच्चों की संपत्ति और आय के स्रोतों को भी जगजाहिर किया जाय…