Super Exclusive–(बड़ा खुलासा) ओ तेरी ! कुख्यात दुर्गेश शर्मा की जगह एसटीएफ ने पकड़ा लिया राजीब शर्मा को, खुला राज़ तो दंग रह गई पटना पुलिस भी आखिर क्यों?

पटना Live डेस्क। राजधानी का मोस्टवांटेड और 50 हजार का इनामी बदमाश दुर्गेश शर्मा शनिवार को एसटीएफ ने बख्तियारपुर में गिरफ्तार कर लिया। वह तिनसुकिया एक्सप्रेस से अपनी पत्नी और बच्चे के साथ असम जा रहा था।कई महीनों से दुर्गेश का सुराग लगाने में जुटी एसटीएफ को पता चला कि वह पटना आया हुआ है और राजेंद्र नगर टर्मिनल से तिनसुकिया एक्सप्रेस से अपने परिवार के साथ असम के लिए जा रहा है। इसके बाद आइजी ऑपरेशन कुंदन कृष्णन अपनी टीम के साथ सादे लिबास में राजेंद्र नगर टर्मिनल पहुंचे और तिनसुकिया एक्सप्रेस में सवार हो गए। बख्तियारपुर स्टेशन के पास एसटीएफ ने दुर्गेश को दबोच लिया।

                   लेकिन गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ उस वक्त हतप्रभ रह गई जब उसकी जेब से आधार कार्ड और पैन कार्ड मिला जिसमे उसका नाम राजीब शर्मा पिता अवधेश शर्मा अंकित था। अब इस नए झमेले में एसटीएफ भी भौचक्क रह गई। लेकिन लंबी चौड़ी कवायद के बाद गिरफ्तार हुआ शातिर दुर्गेश ही है यह साबित करना भी जरूरी था। क्योंकि इस कुख्यात ने अपनी पहचान बदलने ख़ातिर सरकारी दस्तावेजों का इंतज़ाम कर लिया था।


उल्लेखनीय है एसटीएफ को भी मालूम था कि यह कुख्यात बहुत शातिर और चालक है। पूर्व में भी यह फर्जी बेल पेपर दिखा कर जेल से निकल फरार हो गया था। बात साल 2011 की है। उस वक्त दुर्गेश शर्मा पटना के बेउर जेल में बंद था। पटना पुलिस की टीम उसे दिल्ली से गिरफ्तार करके लाई थी। जेल से बाहर आने के लिए इसने अपने शातिराना अंदाज में एक फुल प्रूफ प्लान तैयार किया। जेल में बंद अपने आका के आदेश पर इसके गुर्गों ने एक फर्जी बेल पेपर बनवाया। उसी फर्जी बेल पेपर के आधार पर वो जेल से बाहर आ गया।जब तक इस बात का पता जेलप्रशासन  पुलिस और कोर्ट को हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी। कुख्यात दुर्गेश शर्मा अंडर ग्राउंड हो चुका था। तब से पुलिस की टीम उसे तलाश रही थी।
एसटीएफ को पुख्ता यकीन था कि दबोचा गया युवक दुर्गेश ही है। इसी बिना पर उससे पूछताछ कर एसटीएफ ने शनिवार को इसे पटना पुलिस को सौप दिया।

मनु महाराज को देखते ही शातिर दुर्गेश तोते उड़ गए

एसटीएफ द्वारा अपराधी को पटना पुलिस के हवाले कर दिया गया।अपनी कस्टडी में लेकर पटना पुलिस ने पूछताछ करने ख़ातिर आरा समेत राजधानी में 21  मामलों में वांछित  दुर्गेश को कोतवाली थाने लाई। कोतवाली थाने में एसएसपी पटना ने तकरीबन बीती रात 5 घंटे तक दुर्गेश से पूछताछ की। चुकी पटना एसएसपी ने दुर्गेश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज तमाम मुकदमो की फेरहस्ति अपने साथ लाये थे और पिछले वर्ष जनवरी 2016 से दुर्गेश की गिरफ्तारी ख़ातिर चील की तरह इस पर और इसके गिरोह पर नज़रे जमाएं थे। सरकारी दस्तावेज के बदौलत खुद को राजीव शर्मा साबित करने की दुर्गेश की कवायद मनु महाराज के सामने ठीक न सकी और फिर उसने रोते हुए अपना सच कुबूल कर लिया।


मनु महाराज के सामने शातिर दुर्गेश ने तोते की तरह अपने गुनाहों की फेरहस्ति के बाबत सिलसिलेवार ढंग न केवल बताया बल्कि अपने कुबूल नामे में अपने और अपने गिरोह में शामिल अपराधियों के गुनाहों के कच्चे चिट्ठे खोल कर रख दिया। साथ ही शहर में अपने अपराधी नेटवर्क के बाबत एसएसपी के समक्ष दुर्गेश ने कई अहम राज भी उगले। दुर्गेश के क़बूलनामे के आधार पर पटना पुलिस जल्द “ऑपरेशन विश्वास” के तहत विशेष अभियान चलाने की तैयारी में जुट गई है।
सनद रहे कि पूर्व में भी एसएसपी मनु महाराज द्वारा दुर्गेश गिरोह के शार्प शूटरों और गिरोह से जुड़े रंगबाजो और रंगदारी वसूलने वाले अपराधियों को वर्ष 2016 के जनवरी महीने में  ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए गिरफ्तार करते हुए गिरोह की कमर तोड़ दी थी। वही एसएसपी के सामने दुर्गेश के कुबुलनामे और खोले गए राज़ के आधार पर अब स्वयं महाराज ने कमान सभालते हुए इस गिरोह के आतंक से राजधानी को सदा के लिए निजात दिलाने की तैयारी शूरु कर दी है। जल्द ही पटना पुलिस की विशेष टीम छापेमारी अभियान शुरू करेगी ताकि दुर्गेश गिरोह के आतंक का सदा के लिए खत्म किया जा सके।