एक और दारोग़ा थाना परिसर स्थित घर मे 50 हजार घुस लेते चढ़ा निगरानी के हत्थे

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पटना Live डेस्क। बिहार निगरानी विभाग ने घूसखोर सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ जारी मुहिम को बेहद कारगर और प्रभावशाली बना दिया है। साथ ही ख़ाकी वालो के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख अख्तियार को कायम रखा है। इसी कड़ी पश्चिमी चंपारण में पकड़ी गई एक कार को छोड़ने के एवज में पचास हजार रुपये रिश्वत ले रहे बानुछापर के ओपी प्रभारी याकूब अली अंसारी को शुक्रवार की सुबह सबेरे निगरानी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। निगरानी ने याकूब को मुफ्फसिल थाना परिसर स्थित उनके घर से रिश्वत की रकम के साथ धर दबोचा।
मिली जानकारी के अनुसार बानूछापर ओपी के संतकबीर रोड निवासी रंजन कुमार झा ने निगरानी से शिकायत की थी।दरअसल झारखंड में कार्यरत उत्पाद विभाग के एक अधिकारी के पुत्र रंजन कुमार झा को ओपी प्रभारी याकूब अली ने छठ के दिन नशे में धुत्त घाट पर तोड़फोड़ करते हुए गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान रंजन की कार को भी थानाध्यक्ष ने थाना में लाकर रख दिया था। लेकिन जब्ती सूची में कार का जिक्र नही किया ताकि मोलभाव यानी पैसे की उगाही की जा सके। ठीक ऐसा ही हुआ और जब रंजन जमानत पर छूट कर बाहर आए तो अपनी कार को छुड़ाने थाना पहुचे तो थानाध्यक्ष ने उनसे इसके एवज में 50 हजार रुपये बतौर घुस की मांग कर दी। तमाम आरजू मिन्नत के बावजूद भी एसआइ बिना पैसा लिए गाड़ी छोड़ने को तैयार नही थी।
थकर हार कर रंजन ने निगरानी विभाग से इस कि शिकायत की। रंजन की शिकायत का सत्यापन करने के बाद निगरानी की टीम ने रिश्वतखोर दारोग़ा को मय सुबूत दबोच लिया। निगरानी टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी अंजनी कुमार ने बताया कि गिरफ्तार ओपी प्रभारी याकूब अली को निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा। बानूछापर ओपी क्षेत्र के संत कबीर रोड निवासी द्वारा निगरानी में शिकायत दर्ज कराई तो निगरानी की टीम में शामिल डीएसपी के नेतृत्व में अधिकारियों ने मुफस्सिल थाना स्थित आवास पर आकर पहले शिकायत का सत्यापन किया फिर,छापेमारी कर दारोग़ा याकूब अली को गिरफ्तार कर लिया।