Big News(वीडियो) SSP मुजफ्फरपुर हरप्रीत कौर ने MP पप्पू यादव की सियासी नौटंकी का दिया करार जवाब, बिंदुवार तथ्यों के आधार पर जमकर धोया

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पटना Live डेस्क। बिहार कैडर की 2009 बैच की आईपीएस अधिकारी और वर्त्तमान में बतौर एसएसपी मुजफ्फरपुर में तैनात एसएसपी हरप्रीत कौर बिहार के बाहुबली सियासतदानों में शुमार मधेपुरा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को करार जवाब दिया है। न केवल एसएसपी मुजफ्फपुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बल्कि बाकायदा सोशल मीडिया के जरिये भी बेहद मजबूती से तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष साबित किया है। साथ ही साथ उन्होंने अकाट्य सुबूतों के साथ ही सांसद के उक्त दिन के कार्यक्रम की उनके ही लेटर हेड पर उनके द्वारा जारी तय रूट के बाबत भी जानकारी साझा किया है।
अमूमन, सोशल मीडिया से दूर रहने वाली बिहार कैडर की बेहद जांबाज महिला आईपीएस अफसरों में शुमार हरप्रीत कौर ने तकरीबन ढाई साल के बाद अपने फेसबुक एकाउंट के पेज पर कुछ लिखा है जो उनके सांसद द्वारा ताबड़तोड़ किये जा रहे बयानबाजी और व्यक्तिगत टिप्पणी से मर्माहत होने को इंगित करता है। एसएसपी ने इंग्लिश और हिंदी दोनों भाषाओं में अपने मन की पीड़ा और उद्गार को लिखा है। पहले उन्होंने इंग्लिश में लिखा और फिर तमाम तार्किकता के साथ उन्ही बातों को हिंदी में लिखा है जो इस प्रकार है …

नमस्कार
माननीय सांसद पप्पू यादव जी लगातार मीडिया में रोते हुए यह आरोप लगा रहे हैं कि उनके ऊपर बंद के दौरान मुजफ्फरपुर जिले में हमला हुआ,उनकी गाड़ी तोड़ दी गई,उनका मोबाइल तोड़ दिया गया,उनके समर्थकों के साथ मारपीट की गई। इस संदर्भ में मैं अपनी बात रखना चाहती हूँ। जब उन्होंने अपनी बात मीडिया में रखी तो कुछ मीडिया के लोगों ने हमसे संपर्क किया और पुलिस का पक्ष जानना चाहा तो मैंने कहा कि अगर इस तरह की कोई घटना हुई है तो माननीय सांसद महोदय को पुलिस में FIR दर्ज करवानी चाहिए।


मुजफ्फरपुर पुलिस को सांसद साहब और बंद समर्थकों के बीच हुए बातचीत का एक वीडियो मिला था,जो हमने मीडिया को दिया,जिसमें किसी भी तरह की हमले जैसी स्थिति नहीं मालूम चल रही थी। जबकि आजतक भी सांसद साहब के द्वारा इस संदर्भ में कोई F.I.R दर्ज नही करवाया गया है। न ही उनके आरोपों की पुष्टि के लिए उनके साथ हुई कथित मारपीट व तोड़फोड़ के सम्बन्ध में कोई साक्ष्य पुलिस या मीडिया के समक्ष रखा गया है। माननीय सांसद महोदय का यह आरोप है कि उन्होंने मुझे कॉल किया और मैंने फोन नहीं उठाया जबकि हकीकत यह है कि उस समय वरीय पदाधिकारी के द्वारा पुलिस लाइन का निरीक्षण चल रहा था और जैसे ही हमें यह मैसेज मिला कि वह बात करना चाहते हैं तो तुरन्त हमने खुद सांसद महोदय से बात की और डीएसपी को घटनास्थल पर रवाना किया।
6 तारीख को माननीय सांसद साहब का मधुबनी जिले में कार्यक्रम था और मुज़फ़्फ़रपुर में कोई भी कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं था।उनका आरोप है कि मुजफ्फरपुर पुलिस ने उनको एस्कॉर्ट नहीं दिया,यह बिल्कुल ही गलत है,क्योंकि उनके उस दिन मुजफ्फरपुर आने की कोई भी लिखित या मौखिक सूचना पुलिस के पास नहीं थी। उनका प्रस्तावित कार्यक्रम मुजफ्फरपुर में 9 और 10 तारीख को है।सांसद महोदय मीडिया में आकर बेहद आपत्तिजनक और तथ्यहीन आरोप लगा रहे हैं कि मैं उनकी हत्या की साजिश में शामिल हूँ। इस संदर्भ में उनकी जानकारी के लिए कहना है कि पुलिस का काम आम लोगों को सुरक्षा देना है न कि किसी की हत्या करवाना।
हम एक पुलिस अधिकारी हैं जो कि ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपना काम कर रहे हैं. हमारी उनसे क्या दुश्मनी है भला। फिर भी लगातार सांसद महोदय इस तरह के निराधार आरोप लगा रहे हैं। दूसरी सबसे बड़ी बात है कि अपनी पद यात्रा के दौरान वह लगातार “नारी बचाओ आंदोलन” चला रहे हैं और स्वयं को महिलाओं के हितों के “रक्षक” बता रहे हैं और दूसरी तरफ एक महिला अधिकारी के संबंध में मीडिया में ऐसी टिप्पणी कर रहे हैं कि ”एस एस पी मुजफ्फरपुर अपने चहेते पत्रकारों को लव लेटर लिख रही हैं।” जबकि मेरे द्वारा सिर्फ तथ्यों के आधार पर वस्तु स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की गई थी उस दिन मीडिया में।

और फिर वो सवाल पूछा …

एक सांसद महोदय के द्वारा इस तरह की असंसदीय और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल एक महिला के लिए किया जाना कितना उचित है ? और एक तरफ सांसद महोदय नारी सम्मान की बात करते हैं और दूसरी तरफ एक महिला पुलिस अधिकारी के संबंध में मीडिया में लगातार अपमानजनक, असंसदीय और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।‘                         वही, रविवार की शाम मुजफ्फरपुर एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया कर्मियों के सामने न केवल पप्पू यादव के उस लेटर को भी दिखाया बल्कि बिंदुवार तमाम सांसद के बयानों का जवाब भी दिया। आप भी सुने आखिर क्या बोली आईपीएस महिला अधिकारी जिनकी बहादुरी से प्रेरित होकर विगत दिनों एक फ़िल्म का निर्माण बिहार निवासी और हिंदी सिनेमा जगत के नामचीन निर्देशकों में शुमार प्रकाश झा ने एक फ़िल्म का निर्माण किया था …