भागलपुर: सृजन घोटाले के आरोपी नाजिर की इलाज के दौरान मौत,परिजनों का आरोप,पुलिस ने करवा दी हत्या

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कुणाल शेखर/भागलपुर

पटना Live डेस्क. राज्य के चर्चित सृजन महाघोटाले में गिरफ्तार आरोपी और जिला कल्याण कार्यालय के नाजिर महेश मंडल की अस्पताल में मौत हो गई. उसकी मौत के बाद नाजिर के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. मृतक के परिजनों का आरोप है कि महेश घोटाले में बड़े लोगों के नाम उजागर न कर दे,इसलिए पुलिस ने जेल प्रशासन से मिलकर उनकी हत्या करवा दी. परिजनों का आरोप है कि मृतक को जान बूझकर इलाज से वंचित रखा गया.

जानकारी के अनुसार सृजन घोटाले में 13 अगस्त को गिरफ्तार ज़िला कल्याण विभाग से निलंबित नाजिर महेश मंडल की तबीयत भागलपुर जेल में बिगड़ गई थी. इसके बाद कोर्ट के आदेश पर उन्हें शुक्रवार व शनिवार को भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भेजा गया. दो दिनों के इलाज के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया. महेश मंडल को किडनी खराब होने व डायबिटीज की शिकायत थी.
रविवार की शाम महेश की तबीयत फिर बिगड़ गई. उसे दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
महेश मंडल की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि उसका सही इलाज नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि जिंदा महेश कइयों के गलें की फांस बन सकता था. वह घोटाले के कई राज खोल सकता था. इसलिए साजिश के तहत उसे मार दिया गया.

घटना के बाद अस्पताल में परिजनों और गांव वाले वालों का गुस्सा देख मौके पर आधा दर्जन से ज्यादा थानों की पुलिस को बुलाया गया. दंगा नियंत्रण वाहन एवं रैफ जवानों की भी तैनाती की गई. बाद में लाश का पोस्टमॉर्मटम कराकर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया. उसके बाद परिजन मृतक का शव लेकर जगदीशपुर पिस्ता गांव के लिए रवाना हो गए.