राष्ट्रपति पद के लिए सोनिया ने बुलायी बैठक, यूपीए और एनडीए में हो सकता है मतभेद

पटना Live डेस्क । वर्तमान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 24 जुलाई को अपना पद छोड़ देंगे। देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा इसके लिए राजनीतिक दलों में माथापच्ची शुरू हो गई है। दोनों बड़ी पार्टियां कांग्रेस और भाजपा इस मुद्दे पर एकमत होगी ऐसा नहीं लगता है। दोनों तरफ खेमेबंदी शुरू हो गई है। आज सोनिया गांधी शाम में यूपीए के घटक करीब 17 दलों के प्रतिनिधियों से मिलेंगी और किसी एक नाम पर सहमति लेने की कोशिश करेंगी। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिल रही है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी के नाम पर सोनिया सहमति बनाने की कोशिश करेंगी ।

दूसरी ओर भाजपा ने दो दिन पहले ही अपने तीन मंत्रियों की एक टीम बनायी है जो घटक दलों से बात करेगी और पूरे एनडीए में यदि सहमति बनती है तो फिर उनकी बात यूपीए में शामिल दलों से होगी। ऐसा नहीं की एनडीए में शामिल सभी दलों की रायशुमारी किसी एक व्यक्ति पर बन गई है, खासकर शिवसेना का संकेत कुछ अलग ही है।

कुल मिलाकर राष्ट्रपति पद का चुनाव दिलचस्प हो गया है क्योंकि दोनों बड़ी पार्टियों को दूसरी बड़ी रीजनल पार्टियों से सहयोग की जरूरत पड़ेगी, तभी जीत पक्की हो सकती है। वैसे बेहतर तो यह होता कि देश के प्रथम नागरिक के लिए चुनाव का नौबत नहीं आता और एकमत से किसी एकनाम पर सहमति बन जाती।