Exclusive( पुलिस के आरोप पत्र की कॉपी) सिवान के खाद व्यवसायी की नृशस हत्याकांड में भाजपा जिला अध्यक्ष की गिरफ्तारी तय, वारंट का इंतज़ार

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विजय राज, संवाददाता

पटना Live डेस्क। भाजपा के जिला अध्यक्ष मनोज सिंह की गिरफ़्तारी खातिर पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र के साथ आवेदन दिया है। साथ जो तथ्य पुलिस ने अपने जांच प्रतिवेदन में सम्मिलित किया है। उसका लब्बो लुआब यह है कि पूर्व एमएलसी मनोज सिंह और एक अन्य आरोपी के विरुद्ध जांच में पाए गए उल्लेख्य सत्य प्रतीत हो रहे है।अतः इनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया अपना कर काण्ड में गिरफ्तार एक मुख्यारोपी पप्पू सिंह जिसके बयान पर पुलिस ने अपहृत खाद व्यवसाई का 10 टुकड़ो में कटा शव बरामद किया था,इसीने अपने बयान में पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के मामले में महती भूमिका निभाने का सनसनी खेज खुलासा किया था।पुलिस के आवेदन के बाद यह तय हो चुका है कि जांच के दौरान इस नृशस हत्याकांड में मनोज सिंह की संलिप्तता के ठोस सबूत पुलिस को मिले है।अब यह यो तय है कि मनोज सिंह की गिरफ़्तारी होनी है बस इंतज़ार वारेंट का है।


उल्लेखनीय है कि पचरुखी के खाद व्यवसायी हरिशंकर की हत्या के मामले में उनकी पत्नी ज्योति की गवाही 25 मई दिन मंगलवार को एडीजे दो अवधेश कुमार दूबे की अदालत में हुई। गवाही के दौरान हरिशंकर के विधवा के रोने से माहौल गमगीन हो गया। इधर,जज के समक्ष हरिशंकर की विधवा ज्योति ने कहा कि व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के कारण मनोज सिंह ने हत्या करवा दी। पूर्व में भी मृतक के पिता सर्वानंद सिंह गवाही के दौरान पूर्व एमएलसी का नाम ले चुके हैं।परंतु उस वक्त मामले में तब तक पुलिस द्वारा उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया जा सका था।मनोज सिंह के खिलाफ पुलिसिया अनुसंधान जारी था।गवाही के दौरान ज्योति के समक्ष आरोपितों को पेश किया गया। घटना का समर्थन करते हुए ज्योति ने कहा कि जिले के एक बड़े नेता के इशारे पर साजिश के तहत मेरे पति का अपराधियों ने पचरुखी रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म संख्या दो से अपहरण कर उनकी हत्या कर दी।बादमाशो ने एक सिल्वर रंग के बोलेरो गाड़ी से 15 नवंबर 2015 को हथियार के बल पर अपहरण कर लिया था। बाद में अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने जामो थाना के डुमरा गांव के गुलाब राय के खेत से शव का बरामद किया।अनुसंधान में पुलिस को पता चला कि अपहरणकर्ताओं ने हरिशंकर की हत्या फिरौती के लिए की।अपहरण के बाद हरिशंकर को अपराधियों ने जामो थाने के डुमरा में एक मुरगी फार्म में रखा था  जहां बाद में अपहरणकर्ताओं ने नौ टुकड़ों में काट कर उनकी हत्या कर दी। इस दौरान हरिशंकर ने अपहरणकर्ताओं से छोड़ने की दुहाई भी मांगी थी। इस हत्याकांड के मामले में अनिल कुमार सिंह, पप्पू सिंह, अजय कुमार सिंह, प्रिंस कुमार, सविता देवी, परमेंद्र सिंह, अजय सिंह, अरविंद सिंह, नकुल मांझी, मंटू कुमार, कौशलेंद्र प्रताप, महंथ सिंह, झूलन सिंह, गीता देवी व शीला कुमारी आरोपित है।


उल्लेखनीय है कि कारोबार के क्षेत्र में बेहद कम समय में ही अपने सहज सुलभ और आत्मीय बोलचाल के बल पर ऊंचा मुकाम हासिल करनेवाले हरिशंकर सिंह का 15 नवम्बर 2015 को पचरुखी रेलवे स्टेशन से सुबह टहलते वक़्त अपहरण कर लिया गया था। फिर उसके 10 दिन बाद अपहृत व्यवसायी का शव 10 टुकड़ों में पुलिस ने बरामद किया था। हरिशंकर सिंह हत्याकांड में 10 लोगों को आरोपित बनाया गया।नामित होने के बाद अजय राय व पप्पू सिंह न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था।

रिमांड पर आये पप्पू ने उगले थे कई राज

पुलिस रिमांड में पप्पू ने ही पुलिस को दिये बयान में कहा था कि पूर्व एमएलसी के इशारे पर ही अपहरण किया गया था। रिमांड के दौरान पप्पू सिंह ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि हरिशंकर को अपहृत कर जामो बाजार थाना अंतर्गत डुमरा स्थित मुरगी फार्म पर रखा गया था।डुमरा के एक चिकित्सक का नाम लेते हुए पप्पू ने कहा कि पहले बेहोश करने के लिए नशीला बिस्कुट तथा बाद में हरिशंकर को इंजेक्शन लगाया गया। पूछताछ के दौरान पप्पू सिंह के बताने पर डुमरा गांव से खेत में छुपाया गया हरिशंकर का कपड़ा बरामद कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक डुमरा से डेढ़ किलोमीटर दूर खेत में हरिशंकर का सिर छुपाने की बात कही थी। हत्या के बाबत उसने बताया कि बाद में हरिशंकर ने हमें पहचान लिया।दूसरी तरफ पुलिस का भी घटना हाइ प्रोफाइल होने के कारण दबाव बनने लगा। ऐसे में हमलोगों ने हत्या करने की योजना बना ली। इसके बाद हमलोगों ने मिल कर शव को टुकड़े कर पॉलीथिन में रख कर मिट्टी में दबा दिया था।हालांकि रिमांड का समय का समाप्त होने के चलते सिर न बरामद किये जाने की बात कही गई थी।


लेकिन बाद में गिरफ्तार हत्यारों में से एक द्वारा पूर्व एमएलसी सह सिवान भाजपा अध्यक्ष मनोज सिंह का नाम लेने के बाद भी पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में मनोज सिंह का नाम बाहर निकाल दिया था।
लेकिन अब जब केस की गवाही शुरू हुयी है तो मकतूल के पिता और पत्नी द्वारा पुनः सिवान के बीजेपी अध्यक्ष की संलिप्तता का आरोप लगाया जा रहा है।इसी के उल्लेख में इस बार सिवान पुलिस ने अपने अनुसंधान को पूरा कर कोर्ट में प्रस्तुत करते हुए मनोज समेत राज किशोर राय उर्फ साधु की गिरफ्तारी खातिर अनुरोध कोर्ट से किया है।

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