खास ख़बर -शरद यादव नीतीश कुमार को ही जेडीयू से बाहर करने की दिशा में बढ़ रहे हैं ?

पटना Live डेस्क। महागठबन्धन के टूटने और नीतीश कुमार द्वारा भाजपा के साथ मिलकर 6ठी बार सूबे की कमान संभाल चुके है। लेकिन शरद यादव के बगावती तेवर के बाद जदयू में शरद गुट को हाशिये पर डालने की कवायद जारी है।नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा से निकाले गए जेडीयू नेता शरद यादव पार्टी नही छोड़ेंगे बल्कि वह खुद पार्टी पर कब्जा जमाने की सोच रहे हैं। यह चर्चा अब जोर पकड़ने लगी है। ख़बरों की माने तो जेडीयू अब दो खेमों में बंटती हुई दिख रही है। शरद यादव के करीबी अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि शरद यादव के साथ देश के 14 राज्यों के अध्यक्ष हैं।

महज 5 दिन में शरद गुट के 2 विकेट गिरे

उल्लेखनीय है कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में चल रही खींचतान का विस्फोटक असर दिखने लगा है। पांच दिनों के अंदर नीतीश खेमे ने शरद यादव गुट पर दूसरा वार किया है। पार्टी ने राज्य सभा सांसद अली अनवर अंसारी को पार्टी के संसदीय दल से सस्पेंड कर दिया है। जदयू महासचिव के सी त्यागी ने इसका एलान किया। त्यागी ने बताया कि अली अनवर ने विपक्षी दलों की बैठक में हिस्सा लेकर पार्टी विरोधी काम किया है। इससे पहले मंगलवार (8 अगस्त) को पार्टी महासचिव पद से अरुण श्रीवास्तव को बर्खास्त कर दिया गया था। श्रीवास्तव पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने गुजरात राज्यसभा चुनावों में पार्टी के एक मात्र विधायक छोटू भाई वासवा को पार्टी नेतृत्व के फैसले से अवगत कराने में कोताही बरती थी और पार्टी विरोधी काम किया था।

चुनाव आयोग में दावे की तैयारी


यही नही शरद गुट के अरुण श्रीवास्तव का दावा है कि पार्टी के दो राज्यसभा सांसद भी उनके साथ हैं। उनका यह भी कहना है कि पार्टी के ऑफिस बैरियर के लोग भी शरद यादव के साथ हैं और शरद जल्द ही चुनाव आयोग में दावा ठोककर अपने ग्रुप को असली जेडीयू घोषित करने की मुहिम में उतर सकते हैं। ख़बरों के अनुसार जेडीयू में शरद यादव के पक्ष में 14 राज्यों के अध्यक्षों ने पत्र के माध्यम से निष्ठा जताई है। उनके साथ अली अनवर और एक अन्य राज्यसभा सांसद भी हैं। वहीं, पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार को केवल बिहार इकाई का समर्थन हासिल है।
उल्लेखनीय है कि दावा करने वाले अरुण श्रीवास्तव गुजरात राज्य के पार्टी महासचिव थे और राज्यसभा चुनाव के दौरान जेडीयू विधायक के कांग्रेस प्रत्याशी को वोट देने के बाद उन्हें नीतीश कुमार ने पद से हटा दिया था। अरुण श्रीवास्तव ने जेडीयू की पहचान बिहार तक सीमित होने के कुमार के बयान को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी की हमेशा से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक दल समता पार्टी का जेडीयू में विलय किया, तो उस समय यादव पार्टी प्रमुख थे।