(वीडियो)सौरभ गांगुली 16 साल बाद ट्रेन से कर रहे थे सफर, लेकिन ये सफ़र बन गया खबर, आखिर क्यों पढ़े

पटना Live डेस्क। भारत के सबसे सफलतम कप्तानों में शुरू और दुनिया के उम्दा क्रिकेटरों में शुमार सौरभ गांगुली 16 साल के बाद ट्रेन से सफर कर रहे थे।लेकिन यह रेल सफर दादा के लिए बेहद असहज और काफी कष्टकारी तो रहा है अपमानजनक भी साबित हुआ। हुआ यूं कि एक यात्री सीट पर बैठने को लेकर इस कदर जिद करने लगा कि उनकी लड़ाई हो गई और यह सफ़र ख़बर में तब्दील हो गया। पूर्व क्रिकेटर सौरभ गांगुली इस वक्त पश्चिम बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। एक कार्यक्रम में ट्रेन से जाने का प्रोग्राम था। जब कुछ सहयात्रियों ने दादा को महान क्रिकेटर बताते हुए सीट छोड़ने को कहा तो संबंधित यात्री भडक उठा। बोला कि सौरभ जी स्टार भले होंगे, मगर हमने मेहनत से सीट पाई है, यू नहीं छोड़ूंगा।।                    दरअसल, शनिवार को सौरव गांगुली बंगाल के सिलीगुड़ी के बेलूरघाट में अपनी स्टैचू का उद्घाटन करने गए थे। इसके लिए उन्होंने सियालदाह से सीएबी के संयुक्त सचिव अभिषेक डालमिया के साथ पदाटिक एक्सप्रेस में सफर किया।

ट्रेन से उतर गए बंगाल टाइगर

मामला शनिवार 15 जुलाई का है। जब सौरव गांगुली कोलकाता से बालुरघाट जाने के लिए पदातिक एक्स्प्रेस में बैठे। बालुरघाट में सौरव को एक कार्यक्रम में भाग लेना था जहां उन्हें अपनी एक कांच की मूर्ति का अनावरण भी करना था। गांगुली का रिजर्वेशन एसी फर्स्ट क्लास में था। सौरव जब अपनी सीट पर पहुंचे तो वहां पहले से कोई शख्स बैठा हुआ था। सौरव के साथ बंगाल क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव अभिषेक डालमिया भी थे। दादा ने जब उस शख्स से सीट से हटने को कहा था तो उसने मना कर दिया। देखते-देखते दोनों के बीच सीट को लेकर तीखी बहस हो गई। बहस को बढ़ता देख सौरव गांगुली ट्रेन से उतर गए। गांगुली के साथ ट्रेन में बहस की खबर जैसे ही स्टेशन पर रेलवे के अधिकारियों को लगी वो लोग वहां तुरंत पहुंच गए। बताया जा रहा है कि जो सीट सौरव गांगुली के लिए रिजर्व थी उसी सीट को उस दूसरे शख्स को भी एलॉट कर दिया गया। रेलवे के अधिकारियों ने इस पूरे मामले में अपनी गलती मानते हुए सौरव गांगुली को दूसरी सीट एलॉट की उसके बाद ही ये हाई प्रोफाइल हंगामा शांत हुआ।


उल्लेखनीय है कि इससे पहले साल 2001 में वो ट्रेन में बैठे थे दादा। लेकिन 16 साल बाद ट्रेन से सफर कर रहे दादा के लिए ये लम्हा थोड़ा बुरा रहा। जैसे तैसे सौरव बालुरघाट पहुंचे और वहां पहले से प्रस्तावित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सौरव ने इस घटना का जिक्र कार्यक्रम में भी किया।

दरअसल, शनिवार को सौरव गांगुली बंगाल के सिलीगुड़ी के बेलूरघाट में अपनी स्टैचू का उद्घाटन करने गए थे।इसके लिए उन्होंने सियालदाह से सीएबी के संयुक्त सचिव अभिषेक डालमिया के साथ पदाटिक एक्सप्रेस में सफर किया।

गागुंली ने सुबह मालदा में पदाटिक एक्सप्रेस ली, उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2001 के बाद पहली बार ट्रेन में यात्रा की। यह करीब 16 साल बाद हुआ.’’ इसके बाद उन्होंने बालुरघाट में अपनी प्रतिमा के साथ फोटो लेकर ट्वीट किया, ‘‘यह मेरी तरह दिखता है। ’’