सत्ता की बाजी हार चुकी आरजेडी का सारा ध्यान अब 27 अगस्त की रैली पर

पटना Live डेस्क. सत्ता की बाजी हार चुके लालू प्रसाद और आरजेडी के तेवर अभी भी कड़े हैं. सत्ता खोने की कसक तो दिल में है ही साथ ही पार्टी का सारा ध्यान अब 27 अगस्त की रैली पर है. पार्टी इस रैली के मदद से अपने समर्थकों में नया जोश भरना चाहती है.विधानसभा में बहुमत हासिल करने के बाद फिलहाल नीतीश कुमार सरकार पर कोई खतरा नहीं है. सो लालू प्रसाद अब सारा ध्यान पार्टी की आगामी रैली पर लगाना चाहते हैं. रैली को लेकर पार्टी के बड़े नेताओं की बैठकों का दौर जारी है. लालू प्रसाद रैली के माध्यम से बीजेपी के साथ-साथ जेडीयू के खिलाफ भी जवाबी हमले की तैयारी कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक लालू प्रसाद रैली के लिए बिहार के बाहर के नेताओं से मिलेंगे, तो तेजस्वी बिहार के अलग-अलग जिलों का दौरा कर समर्थन जुटाने का काम करेंगे. पार्टी प्रवक्ता मनोज झा के मुताबिक अगले कुछ दिनों में अगले कदम की रुपरेखा तय हो जाएगी. उन्होंने कहा कि जनता ने महागठबंधन को मैंडेट दिया था लेकिन जेडीयू का बीजेपी से हाथ मिलाना उनके साथ धोखा है. हम रैली में जनता के सामने सच्चाई रखेंगे और झूठ का पर्दाफाश करेंगे. उधर राजद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे ने दावा किया कि 27 अगस्त की राजद की रैली के बाद भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी. गांधी मैदान में आयोजित होने वाली रैली में देश भर के भाजपा विरोधी 18 प्रमुख दलों के नेता शिरकत करेंगे.

अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा की करारी शिकस्त का दावा करते हुए पूर्वे ने कहा कि महारैली से निकले संदेश का असर पूरे देश में होगा और दिल्ली में सामाजिक न्याय की सरकार बनेगी. राजद के प्रधान महासचिव मुन्द्रिका सिंह यादव ने किसानों से रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है.