विधानपरिषद नेता पद पर राजद का दावा खारिज,उपसभापित ने किया खारिज,कम संख्या को बताया वजह

पटना Live डेस्क. सूबे में महागठबंधन सरकार के गिरने के बाद राजद के विधानपरिषद के नेता प्रतिपक्ष के पद पर दावे को विधानपरिषद के उपसभापति ने ठुकरा दिया है. आरजेडी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहता था,लेकिन पार्टी के पास उसके लिए जरुरी आठ सीट नहीं है. संवैधानिक नियमों के मुताबिक नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए सदन में उस पार्टी के कम से कम 10 फीसद सदस्य होने चाहिए. इस हिसाब से 75 सदस्यों वाली बिहार विधान परिषद में इस पद के लिए किसी भी दल को आठ सदस्यों की जरूरत है. राजद के पास अभी सिर्फ सात सदस्य ही हैं.

बिहार में महागठबंधन की सरकार के समय विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भाजपा के सुशील मोदी थे. लेकिन, अब वे एनडीए की नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बन गए हैं. इस कारण यह पद खाली हो गया है. दूसरी ओर महागठबंधन की सरकार में शामिल रहा राजद अब विपक्ष में है. राजद ने परिषद में नेता प्रतिपक्ष की खाली सीट पर अपनी दावेदारी जताई है. राजद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे के मुताबिक राबड़ी देवी मौजूदा राजद विधानमंडल दल की नेता हैं. परिषद में भी विपक्ष के रूप में राजद की संख्या सबसे ज्यादा है. ऐसे में राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनाया जाना चाहिए. लेकिन, परिषद में राजद के सदस्यों की संख्या को देखते हुए उसकी दावेदारी खारिज कर दी गई.
इसी फार्मूले के तहत लोकसभा में कांग्र्रेस को भी अभी तक नेता प्रतिपक्ष पद नहीं दिया जा सका है. 545 सदस्यों वाली लोकसभा में कांग्रेस के सिर्फ 44 सदस्य ही जीतकर आए हैं.
विधान परिषद के उपसभापति हारुण रशीद ने गुरुवार को बताया था कि राबड़ी को नेता प्रतिपक्ष बनाने को ले राजद का पत्र उन्हें मिला है. फिलहाल इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. समय आने पर नियमानुकूल विचार किया जाएगा. इसके बाद उपसभापति ने शुक्रवार को राजद की दावेदारी खारिज कर दी.