बड़ी खबर – भाजपा को अब तक का सबसे बड़ा झटका सांसद ने लोकसभा और पार्टी से दिया इस्तीफा बोले – मैं गुजरात जाकर जनता को प्रधानमंत्री की असलियत बताऊंगा

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पटना Live डेस्क। भाजपा को प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के प्रलयंकारी जीत के बाद और ठीक गुजरात चुनाव से महज 24 घंटे पहले अब तक सबसे बड़ा झटका लगा है।महाराष्ट्र से भाजपा सांसद नाना पातोल ने न केवल लोकसभा से इस्तीफा दे दिया बल्कि साथ ही साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।।पटोले ने शुक्रवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से मिलकर सदन से इस्तीफा दे दिया। नाना भाऊ पटोले भारत की सोलहवीं लोक सभा के सांसद हैं। इस समय गुजरात चुनाव में उलझी बीजेपी को अब तक सबसे  बड़ा सियासी झटका लगा है।
शुक्रवार शाम को नागपुर जाने से पहले पटोले महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी मोहन प्रकाश से मुलाकात करेंगे और उन्होंने कहा कि भविष्य में उनकी भूमिका वो जल्द बताएंगे।मालूम हो कि पटोले पहले कांग्रेस में भी रह चुके हैं।लोकसभा चुनाव से पूर्व भाजपा में शामिल हुए। थे।
वही, अपने इस्तीफ़े के बाद पटोले ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ”सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की लेकिन उससे किसानों को नहीं बल्कि बीमा कंपनी को फायदा पहुंचा। सरकार की जितनी भी नीतियां है वो सभी बड़े-बड़े उद्योगों को फायदा पहुंचा रही है। वो दिन दूर नहीं जब यह सरकार सभी पब्लिक सेक्टर को निजी सेक्टर बना देगी और अंबानी और अडानी जैसे अमीरों को और अमीर बना देगी।’
साथ ही पटोले ने कहा कि वे गुजरात चुनाव में भी प्रचार करने जाएंगे। ये पूछने पर कि वे किसके लिए प्रचार करेंगे तो उन्होंने कहा,‘मैं गुजरात भी प्रचार करने जाऊंगा और वहां की जनता को बताऊंगा कि पीएम मोदी कैसे हैं? मैं उनकी असलियत जनता के सामने रखूंगा। मैं उनकी किसान और मजदूर विरोधी नीतियों को जनता के सामने पेश करुंगा।मैं हर उस पार्टी का समर्थन करुंगा जो भाजपा को हराएगी।’महाराष्ट्र में ओबीसी नेता के रूप में जाने जाते पटोले ने मोदी सरकार को बहुजन और दलित विरोधी बताया और कहा कि आयोग बनाने से कुछ नहीं होगा बल्कि सरकार को शोषित जातियों की जनगणना करनी होगी और तब ही उनकी सही जनसंख्या पता चलेगी तब उनके लिए काम किया जा सकता और सही योजना बनाई जा सकती है।नाना पटोले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात कर चुके हैं। भविष्य में किस पार्टी से जुड़ेंगे इस सवाल पर उन्होंने कहा कि वे अभी किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगे और महाराष्ट्र की जनता के बीच में जाकर उनकी राय लेंगे और उसके बाद जनता जिस पार्टी में भेजगी उसमें जाएंगे।  भारतीय जनता पार्टी के नानाभाऊ पटोले सोलहवीं लोक सभा के सांसद हैं।वर्ष 2014 के आमचुनाव में महाराष्ट्र के भन्डारा-गोंदिया से तत्कालीन एनसीपी कोटे से यूपीए सरकार के नागरिक उड्डयन  मंत्री रहे प्रफुल पटेल को हराकर चुनाव जीता था। बताया जा रहा हैं पटोले पिछले काफी समय से बीजेपी नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नाराज चल रहे थे। पटोले का आरोप था कि मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री के सामने किसानों के मुद्दे उठाए थे, जिसे नहीं सुना गया था। इसके बाद उन्होंने ये बात मीडिया में भी कही थी। तभी से वो नाराज चल रहे थे।
उल्लेखनीय है कि पटोले वही सांसद हैं जिन्होंन इसी साल सितंबर महीने में कहा था कि पीएम मोदी को सवाल पूछना अच्छा नहीं लगा और वो उस वक्त बहुत गुस्सा हो गए थे जब मैंने ओबीसी मंत्रालय और किसानों की आत्महत्या के बारे में सवाल करने की कोशिश की थी। जब मोदी से सवाल किया जाता है, तो वो पूछने लगते हैं कि क्या आपने पार्टी का घोषणा पत्र पढ़ा है और क्या सरकारी स्कीमों की जानकारी है आपको?’ उस दौरान पटोले ने यह दावा भी किया कि था कि ‘सभी केंद्रीय मंत्री हमेशा डरे रहते हैं।मैं मंत्री नहीं बनना चाहता, मैं हिटलिस्‍ट में हूं मगर मैं किसी से नहीं डरता।’
विदित हो कि प्रधानमंत्री दत्तक ग्राम योजना अर्थात किसी गाव को गोद लेकर उसका समग्र विकास करने हेतु नानाभाऊ ने तुमसर तहसील के बघेड़ा गांव को गोद लिया है। पटोले ने आरोप लगाया कि उन्होंने समय-समय पर प्रधानमंत्री के सामने इन मुद्दों को उठाया था, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।भाजपा नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा की अगुवाई में महाराष्ट्र के अकोला में किसानों को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं,इस प्रदर्शन में नाना पटोले ने भी हिस्सा लिया था।