Super Exclusive -(ऑडियो) बिहार पुलिस का “पीपुल्स फ्रेंडली” खौफ़नाक चेहरा,बच्चे की सांसे टूट रही थी और एसडीपीओ साहब मॉ बहन और जीते हुए विधायक को झा ….. वैल्यू न देने की धमकी दे रहे थे

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पटना Live डेस्क। बिहार पुलिस के डीजीपी समेत तमाम वरीय पदाधिकारी पुलिस को “पीपुल्स फ्रेंडली”बनाने की समय समय पर ताकीद करते रहते है।।लेकिन अक्सर बिहार पुलिस के जवान और पदाधिकारी डीजीपी के आदेश को कितनी तवज्जो देते है इसका प्रमाण समय समय पर प्रदर्शन करते रहते है। लेकिन इस बार तो डीएसपी स्तर के एक अधिकारी ने तो  इंसानियत को शर्मशार किया है बल्कि बिहार पुलिस का वो “पीपुल्स फ्रेंडली” खौफ़नाक चेहरा दिखाया जो सोचकर भी आमआदमी खौफ में जीने लगे।
घटना के मूल में एक बच्चा जो रविवार को गांव के ही तालाब में डूब गया था। जिसे जीवित अवस्था मे तालाब से निकालकर उसके परिजन और ग्रामीण बच्चे के इलाज़ ख़ातिर झाझा स्थित डॉ अभय सिंह के क्लिनिक में ले कर पहुचे। लेकिन उसकी गंभीर हालत को क्लिनिक सह अस्पताल में अंदर जाने नही दिया जा रहा था। बेटे की टूटी सांसों और बाप की मजबूरी को देख मौके पर उपस्थित लोगों ने इसकी सूचना पूर्व लोकसभा उम्मीदवार उपेंद्र दास को दी। झाझा एसडीपीओ को उपेंद्र दास ने फोन कर मामले की जानकारी दी ताकि बच्चे का इलाज हो सके,लेकिन डीएसपी विनोद राउत साहब ने क्या कहा सुनिए इस रिकॉर्डिंग को। हालांकि इलाज में देरी होने के कारण बच्चे की मौत हो गई।
हद देखिये बच्चे की सांसे टूट रही थी और एसडीपीओ साहब मॉ बहन और जीते हुए विधायक तक को झा ….. वैल्यू न देने की धमकी दे रहे थे।


सेकंड राउंड – बच्चे की सांसे तब तक थम चुकी थी

एसडीपीओ साहब की करतूत और उम्मीदवार रहे बॉम्बे निवासी उपेंद्र दास के बीच औकात बताने घर ढाहने की धमकी भरी टेलीफोनिक कॉन्वर्सेशन के दौरान उस मासूम की धड़कने रुक गई और वो …
इधर दूसरी बार खुद एसडीपीओ ने उपेन्द्र दास को मुम्बई फ़ोन कर अपने सामने आने की चुनौती देते हैं। एसडीपीओ साहब कहते हैं कि,’उपेन्द्र दास, तुम अगर अपने ही बाप की औलाद हो और तुम्हरी माँ में ……..
तो एक बार सामने आ जाओ। तुम्हें हम बता देंगे कि पुलिस कैसे काम करती है। इसके बाद जब उपेन्द्र दास उन्हें वर्दी के वक्त ली गई कसम की याद दिलाते हैं तो एसडीपीओ विनोद राउत उन्हें मुकदमे की धमकी देते हैं। सुनिये बिहार की पीपुल्स फ्रेंडली पुलिस का खौफ़नाक सच जो एक मासूम की मौत के बाद भी अपने अकड़ और वर्दी के नशे में चूर ……

लेकिन ,सवाल तो उठता है आखिर उस मासूम का क्या दोष था?