और पटना के गांधी मैदान में धूं-धूं कर जल उठी लंका और बुराई का प्रतीक रावण

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पटना Live डेस्क। पौराणिक कथा के अनुसार दशमी के दिन प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किया था। भगवान राम की रावण पर और माता दुर्गा की महिषासुर पर जीत के इस त्यौहार को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के रुप में देशभर में मनाया जाता है।

बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में भी रावण दहन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के अलावा इस मौके पर कई गणमान्य लोग उपस्थित हैं। विजया दशमी के मौके पर बुराई पर अच्छाई ने विजय पा ली। पहले रावण के सोने की लंका जली औऱ फिर उसके बाद उसके पूरे कुल खानदान का नाश करने के बाद अंतत: रावण भी जल गया।

इस बार रावण का पुतला 70 फीट, कुंभकर्ण 65 फीट और मेघनाथ का पुतला 60 फीट का बनाया गया था। रावण वध के आयोजन के आकर्षण के केंद्र में इस बार आतिशबाजी रही। रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के दहन के बाद 15 मिनट तक आतिशबाजी होती रही।

आतिशबाजी से पहले पेपर ब्लास्ट हुआ और इसके साथ 10,000 गुब्बारा एक साथ छोड़ा गया। गांधी मैदान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोई भी व्यक्ति बिना सुरक्षा जांच के प्रवेश नहीं कर सका। गांधी मैदान के हर गेट पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए। गेट पर ही महिलाओं की जांच की अलग व्यवस्था थी। 124 दंडाधिकारी के अलावा जगह जगह सीसीटीवी कैमरे लगाये गये।

 

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