Exposed सीरिज (Super Exclusive विडियो) 2 नवम्बर को पटना पुलिस लाइन विद्रोह – लंबे समय से जारी शोषण, प्रताड़ना के ज्वालामुखी विस्फोट था-देखिए आरक्षियों को कैसे नचवाते थे मुंशी

#डेंगू से महिला आरक्षी की मौत के बाद सिपाहियों के विद्रोह मामले अब लगातार नीत नए खुलासे हो रहा।
# महिला आयोग पहुची बर्खास्त महिला सिपाहियों ने
सार्जेट मेजर पर बेहद घिनौने आरोप लगाए है।
# बिहार के विभिन्न जिलों की महिला सिपाहियों ने मुंशी पर फिल्मी गीतों पर नचवाने के आरोप लगाए है,
# वही पुलिस यूनियन के एक पदधारी पर भी डीएसपी से समझौता करने के जबरदस्त दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

पटना Live डेस्क। मुल्क की आज़ादी के बाद बिहार के पुलिसिया इतिहास में सम्भवतः सबसे बड़ा विद्रोह शुक्रवार 2 नवम्बर के दिन सुबह सबेरे उस वक्त हुआ,जब राजधानी पटना के लोदीपुर स्थित पुलिस लाइन में  बीमारी से एक महिला सिपाही सविता कुमारी पाठक की अस्पताल में मौत हो गई। महिला सिपाही की मौत की खबर मिलते ही बाकी के सिपाही भड़क गये।पुलिस लाइन में तोड़फोड़ के बाद बाहर सड़क पर भी गाड़ियों को पलट दिया। ग्रामीण एसपी, डीएसपी सहित कई थानेदारों को पीटा गया। लाइन के बाहर स्थित मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ा तो लोदीपुर के ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों में जमकर पथराव हुआ। इस तरह करीब पांच घंटे तक लोदीपुर रणक्षेत्र बना रहा।

                       इस विद्रोह के दौरान हंगामे के दौरान ट्रेनी पुलिसवालों ने एसपी सिटी, सार्जेंट और डीएसपी की पिटाई की तो पुलिस लाइन पहुंचे एससपी को देखते ही पथराव किया।पुलिसवालों के हमले के दौरान सार्जेंट मेजर सह डीएसपी मसलाउद्दीन,एसपी सिटी और एसपी ग्रामीण को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।

 175 सिपाही बर्खास्त, 23 निलंबित

पुलिस लाइन में सिपाही विद्रोह मामले में कठोर कार्रवाई करते हुए नीतीश सरकार 175 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया। इनमें 167 नये और 8 पुराने सिपाही हैं। यह बिहार पुलिस के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। पटना जोनल आईजी नैयर हसनैन खां की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह कार्रवाई की।एक उच्चस्तरीय बैठक में रविवार को आईजी एनएच खां ने अनुशासन तोड़ने और घटना में शामिल सिपाही को सीधे सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वहीं घटना में शामिल पुलिस लाइन में तैनात 23 को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया गया हैं। इनमें तीन पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिन्हें अनुशासन बनाये रखने की जिम्मेदारी दी गई थी।

जोनल आईजी ने इसके साथ ही दस वर्षों से पुलिस लाइन में जमे 93 पुलिसकर्मी को स्थानांतरण की सिफारिश की। एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि सविता पाठक को छुट्टी नहीं देने पर तीन पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया।

आईजी नैयर हसनैन खां ने कहा कि डीजीपी के एस द्विवेदी के आदेश पर जांच में वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की गई है। पूरी जांच होने के बाद और भी जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विद्रोह-शोषण और अत्याचार के खिलाफ विस्फोट 

दअरसल, 2 नवम्बर को पटना नवीन आरक्षी केंद्र में तैनात आरक्षी सविता कुमारी पाठक की बीमारी से मौत के बाद महिला सिपाहियों पर किए जाने वाले अत्याचार की फेहरिस्त में नीत नए खुलासे हो रहे है। मामूली बातों पर भी पूरे बिहार के पुलिस लाइन में महिला और पुलिस आरक्षियों पर किस कदर जुल्म और तानाशाही भर अत्याचार होता है लगातार इसका खुलासा हो रहा है।
शनिवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य ऊषा विद्यार्थी से मिलने पहुंची आरक्षियों ने सनसनीखेज खुलासे किए। महिला सिपाहियों ने तस्वीरें मुहैया करा छोटे-छोटे काम के लिए नचवाने से लेकर लाइन डीएसपी से समझौता करने के दबाव बनाने का आरोप लगाया है।करीब 10 से 15 की संख्या में पहुंची आरक्षियों ने महिला आयोग की सदस्य ऊषा विद्यार्थी के सामने शिकायतों की झड़ी लगा दी। बताया कि नौकरी के नाम पर उनके साथ क्या-क्या किया जाता था। सर्विस बुक तैयार करने व अन्य छोटे-छोटे काम कराने के लिए थाने के मुंशी उनको फिल्मी गीतों पर नचवाते थे। इसके लिए उन्हें अपने रूम में भी बुलाया जाता था। आरक्षियों ने कहा कि ये काफी दिनों से चल रहा था। डर की वजह से हम अपना मुंह नहीं खोल पा रहे थे।

समझौता करने खातिर दबाव भी दिया जा रहा है

महिला आरक्षियों की शिकायतों का दौर यहीं नहीं थमा। उन्होंने कहा कि हम लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस एसोसिएशन के लोग कह रहे हैं कि लाइन डीएसपी मो. मसलेहउद्दीन से समझौता करलो। जो आरोप लगाएं हैं उन्हें वापस ले लो। सिपाहियों ने महिला आयोग से कहा कि हमारे साथ बुरा बर्ताव किया गया और विरोध जताने पर हमें ही बर्खास्त कर दिया गया। हमें भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाए।

                   महिला आरक्षियों का कहना है कि अभी तो महज कुछ बातें ही हम बता रहे है। अगर मुँह खोल लिया तो शायद प्रलय आ जायेगा। छोटी छोटी बातों पर जलालत, गालीगलौज़ तो आम बात है।