बड़ी खबर – पटना में PCR में तैनात ख़ाकी वालो ने पेश की इन्सानियत की मिसाल, रक्तदान कर बचाई अनजान की जान, ज़ज़्बे को हमारा सलाम

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पटना Live डेस्क। अमूमन हम सभी पुलिस शब्द सुनते ही या तो फ्लैट फेस हो जाते है या आड़ा तिरछा मुह कर लेते है। लेकिन बदलते दौर में बिहार के ख़ाकी वालो ने भी इस छवि को बदलने की कवायद ख़ातिर छोटे छोटे ही सही पर बेहद कारगर कदम उठाने शुरू कर दिए है। वही बात अगर राजधानी पटना की करे तो एसएसपी मनु महाराज के नेतृत्व में बदलाव की परिपाटी लगतार परवान चढ़ रही है। एसएसपी पटना के दफ्तर में पीसीआर में तैनात ख़ाकी वालो ने एक बेहद सराहनीय पहल करते हूँ  एक अनजान इंसानी जिंदगी को काल के गाल में जाने से न केवल बचा लिया बल्कि खाकी में इंसान की गर्वीली छवि को बेहतर करने में बेहद कारगर योगदान दिया है।
नालन्दा के राजगीर में ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत एक्जेक्यूटिव इंजीनियर रामबली सिंह का सरकारी वाहन शनिवार की सुबह खुसरूपुर के समीप फोरलेन पर ट्रक से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गये। वही इस दुर्घटना में इंजीनियर साहब बेहद गंभीर रूप से जख्मी हो गये। वही, स्थानीय लोगो की मदद से गंभीर हालत में ईलाज खातिर पटना के राजाबाजार स्थित एक बेहद नामवर निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज़ किया जा रहा है।
दुर्घटना में बुरी तरह जख्मी एकक्यूटिव इंजीनियर को 2 यूनिट खून चढ़ाने की जब नौबत आई तो परिजन खून की व्यवस्था में जुट गए। इसी बीच इसकी जानकारी जब एसएसपी ऑफिस में स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में कंप्यूटर ऑपरेटर नीरज कुमार को हुई तो उन्होंने बेखटक एक अनजान शख़्स खातिर रक्तदान को तैयार हो गए। यह पहला वाकया नही हैं जब नीरज कुुुमार ने किसी अनजान घायल को खून दिया हो। नीरज अक्सर रक्तदान कर बेशकीमती इंसानी ज़िन्दगियों को बचाने की कवायद में निःस्वार्थ भाव से लगे रहते है।चुकी जरूरत 2 यूनिट की थी नीरज ने अपने सहकर्मी और पीसीआर में ही तैनात अमरजीत कुमार को खून देने खातिर राज़ी किया। चुकी इससे पहले अमरजीत ने कभी ब्लड डोनेट नही किया था वो शुरू में थोड़ा हीचकिचाए पर दोस्त की एक अनजान खातिर किये जा रहे  प्रयास को देखते हुए राज़ी हो गया।फिर क्या था दोनों खाकी वाले बिना देर किए खुद ही राजा बाज़ार स्थित पारस अस्पताल पहुचे और दो जवानों ने एकक्यूटिव इंजीनियर की जान बचाने की खातिर रक्तदान किया। ब्लड डोनेट कर नीरज और अमरजीत ने इंसानियत की मिसाल पेश किया है। साथ ही कही न कही खाकी की छवि को भीं जनसरोकारी करने में अहम योगदान दिया है।