Super Exclusive – बिहार पुलिस का जवान 50 हजार में एके-47 खरीदने के आरोप में हुआ गिरफ्तार, हथियार तस्करों से जुड़े है तार, कई और पुलिसवाले भी है NIA जांच टीम के रडार पर

सैफ़ अली,ब्यूरो कोर्डिनेटर, मुंगेर 

#NIA के डीएसपी एनके मालवीय के नेतृत्व में 13 सदस्यीय टीम एके-47 मामले की कर रही जांच

#गिरफ्तार धर्मवीर बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन की पटना शाखा चुनाव में कोषाध्यक्ष के पद का था उम्मीदवार

#मुंगेर ASP अभियान राणा नवीन सिंह के नेतृत्व आई पुलिस की टीम पुलिस लाइन से किया गिरफ़्तार

#मुंगेर पुलिस को कासिम बाजार निवासी गिरफ्तार हथियार तस्कर ने धर्मवीर कुमार के बाबत दी थी जानकारी

#मुंगेर पुलिस ने धर्मवीर के परिजनों से संपर्क कर एसपी साहब से मिलने का कई बार जारी किया था फरमान

पटना Live डेस्क।विगत दिनों बिहार के मुंगेर जिले से 20 एके-47 की बरामदगी मामले की गम्भीरता का आलम ये है कि इसकी जांच NIA डीएसपी एनके मालवीय के नेतृत्व में 13 सदस्यीय टीम कर रही है। लेकिन इसी बीच एक नए खुलासे के जांच की आंच राजधानी पटना के पुलिस लाइन तक पहुच गई है। इस मामले में मुंगेर एएसपी अभियान राणा नवीन सिंह के नेतृत्व में राजधानी पहुची पुलिस टीम ने पटना पुलिस की मदद से नवीन पुलिस आरक्षी केंद्र में छापेमारी करते हुए सिपाही धर्मवीर कुमार को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद धर्मवीर से शुरुआती पूछताछ के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर मुंगेर पुलिस टीम धर्मवीर को तुरंत अपने साथ लेकर चली गई। गिरफ्तार धर्मवीर कुमार ने इसी साल 15 फरवरी को संपन्न हुए पुलिस मेन्स एसोसिएशन के चुनाव में पटना शाखा खातिर कोषाध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा था।

महज 50 हजार में खरीदा था धर्मवीर ने AK-47  

दरअसल AK-47 बरामदगी मामले में मुंगेर पुलिस ने सूबे के विभिन्न जिलों से अबतक कई लोगों को  गिरफ्तार किया है। उनसे पुछताछ में एके-47 मामले में कुछ हथियार तस्करो ने पुुलिसवाले के जुड़े होने के बाबत जनाकारी दी थी। साथ ही हथियार बेचने की बात भी बताई थी। मिली जानकारी से कडी से कडी जोड़ते हुए मुंगेर पुलिस जांच टीम ने गिरफ्तार हथियार तस्करों से हथियार खरीदने के आरोप में शहर के कासिम बाजार थाना निवासी सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार सुरेंद्र ने स्वीकार किया कि उसने मंज़र आलम उर्फ मंजी, इमरान व शमशेर के माध्यम से 4 एके-47 हथियार खरीदने और फिर चारों हथियार उसने मुंगेर के ही अपराधियों एवं सफेदपोश बाहुबली के हाथों बेचा दिया था। पुलिस की पूछताछ में सुरेंद्र ने सिपाही धर्मवीर यादव का नाम भी बताया था। इसी बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA को इस प्रकरण की जांच गृह मंत्रालय ने सौप दी। मिली जिम्मेदारी तो डीएसपी के नेतृत्व में पिछले महिने 29 अक्टूबर को 13 सदस्यों वाली जांच टीम मुंगेर पहुच गई। तब मुंगेर एसपी ने बताया था कि अब से 47 मामले की पूरी जांच एनआइए की टीम करेगी जल्द ही जांच से जुड़े सारे दस्तावेज एनआईए को सौंपने दिया जायेगा। एनआइए ने जाँच शुरू की और फिर मुंगेर पुलिस सहयोगी की भूमिका में आ गई।

                                            वही, मिली जानकारी के आधार पर मुंगेर पुलिस ने सिपाही धर्मवीर को खोजना शुरू कर चुकी थी।धर्मवीर के बाबत तमाम जानकारियां इकट्ठा की गई। पता चला कि मूलरूप से खगड़िया का रहने वाला है, पर मुंगेर में कई जाननेवाले और रिश्तेदार मौजूद है। इससे धर्मवीर का मुंगेर से बाबस्ता गहरा जुड़ाव है। चुकी मामला खाकी से जुड़ा था तो ऐहतियातन सूत्रों से मिली जनाकारी के अनुसार पुलिस ने उसके रिश्तेदारों और परिजनों को कई दफा कहा कि धर्मवीर को सूचना दो कि जल्द से जल्द मुंगेर एसपी साहब से कार्यालय में आकर मिले। लेकिन तमाम प्रयासो के बावजूद धर्मवीर मुंगेर पुलिस के सामने उपस्थित ही नहीं हुआ।

                           वही, दूसरी तरफ पुलिस को जानकारी मिली कि धर्मवीर वर्त्तमान में पटना जिला पुलिस बल में तैनात है और पुलिस लाइन में रहता है। जब लंबे इंतजार के बाद ये जानते हुए भी की पुलिस उसे ढूढ रही धर्मवीर मुंगेर एसपी के सामने उपस्थित नही हुआ। वही, दूसरा तरफ मामले की जांच खातिर पहुची NIA टीम ने मामले से जुड़ी तमाम जानकारी और दस्तावेज टटोल लिया। तब एनआइए टीम ने ख़ाकीवाले से पूछताछ करने की मंशा जाहिर की तो मंगलवार को मुंगेर से एएसपी अभियान राणा नवीन के नेतृत्व में एसपी बाबूराम ने एक टीम को पटना भेजा ताकि धर्मवीर को हिरासत लेकर मुंगेर लाया जा सके।                                            मुंगेर से पटना पहुचकर एएसपी अभियान एसएसपी मनु महाराज से मिले और उक्त के बाबत तमाम जानकारियों से अवगत कराते हुए मदद मांगी। इसके बाद पटना पुलिस की मदद से मुंगेर पुलिस  टीम ने पुलिस लाइन में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी देर रात छापेमारी की और धर्मवीर कुमार को गिरफ्तार किया। वही, पुलिस लाइन में देर रात अचानक हुई मुंगेर एएसपी के नेतृत्व में आई टीम और पटना पुलिस की सयुक्त टीम की इस पुलिसिया कार्रवाई को लेकर पूरे पुलिस लाइन में खलबली मच गई।                                                 उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार धर्मवीर पुलिस मेंस यूनियन की राजनीति से जुड़ा है।इसी साल फरवरी महिने में सम्पन्न हुए बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन की पटना शाखा के 11 पदों खातिर हुए चुनाव में कोषाध्यक्ष के पद ख़ातिर चुनाव लड़ा था पर जीत नही पाया।

क्या है धर्मवीर पर आरोप 

                                                      मूल रूप से खगड़िया निवासी धर्मवीर के ऊपर आरोप है कि उसने अवैध तरीके से हथियार तस्कर गिरोह से AK -47 केवल 50 हजार में खरीदा था। सूत्रों के मुताबिक धर्मवीर कुमार के तार भी हथियार तस्कर गिरोह से जुड़े हुए हैं। जांच टीम का मानना है कि इस गिरोह में और भी पुलिस के जवान शामिल हो सकते हैं जिनकी तलाश की जा रही है।                                      दरअसल, पिछले दिनों मुंगेर पुलिस ने हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया था। जिसमें इस बात का खुलासा हुआ कि कैसे यह गिरोह मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित आर्मी आर्डिनेंस डिपो से एके-47 चुराकर मुंगेर लाया करते थे और फिर उसे आगे नक्सलियों और अपराधियों को बेच दिया करते थे। इस गिरोह के भंडाफोड़ होने के बाद मुंगेर पुलिस ने शहर के कई इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान एके 47 की तलाश में पुलिस ने न केवल घरो की तलाशी ली बल्कि फर्श तक खोद डाले, जेसीबी की मदद से ज़मीन जंगल खोद डाले यहां तक नदी और नाले की उड़ाही की फिर तब जाकर कुएं और जमीन में छुपा कर रखे गए 20 एके 47 बरामद किया। इस पूरे मामले में बिहार और मध्य प्रदेश से अबतका तकरीबन दो दर्जन से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं और कई लोग NIA जांच टीम के राडार पर है।

एनआईए कर रही जांच                        

                             मुंगेर में अब तक 20 एके-47 और इसके स्पेयर पार्ट्स बरामद किये गये हैं। इस मामले की जांच में मुंगेर पुलिस द्वारा छह केस दर्ज किये गये और अबतक डेढ़ दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुंगेर में पहली बार 29 अगस्त को तीन एके-47 बरामद की गई थी। मामले में  किसी न किसी रूप में आतंकी या नक्सली कनेक्शन भी हो सकता है। मुंगेर पुलिस इस कनेक्शन को ढूंढने की कोशिश में जुटी हुई थी पर गृह मंत्रालय ने इस पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंप दी। फिर इस प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी मिलते ही NIA के डीएसपी एनके मालवीय के नेतृत्व में 13 सदस्यीय टीम एके-47 मामले से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच खातिर 29 अक्टूबर को मुंगेर पहुची और एसपी बाबू राम से सम्पर्क किया और केस से जुड़े सारे दस्तावेज एनआईए को सौंपने की बात कही। तब से आगे की जांच अब एनआईए कर रही है वही मुंगेर पुलिस जाँच में सहयोगी की भूमिका में है।