Big Breaking -(वीडियो) गोपालगंज में सुशासन की पुलिस का हाल देखिये गर्भवती महिला को कुचलने वाली पुलिस की गाड़ी में दारू की बोतल और मुर्गा देखिये

विजय राज, संवाददाता, सिवान

पटना Live डेस्क। एक ओर जहां बिहार सरकार सूबे में जारी पूर्ण शराबबंदी की दूसरी वर्षगांठ पर शराबबन्दी की खूबियां गिनाने में मुतमईन वही दूसरी तरफ जिन कंधो के सहारे सूबे पूर्ण शराबबन्दी लागू करने की जिम्मेदारी सौंप कर इसे लागू करने का दावा करती है। वही शराबबन्दी को पालित लगाने में संलग्न है।
मिली जानकारी की अनुसार गोपालगंज जिले के मोहमदपुर थाना क्षेत्र के मोहमद पुर गांव में NH 101 के किनारे बना विनय कुमार महतो के घर मे मोहमदपुर थाना के पुलिस की बेलगाम रफ्तार से जा रही पेट्रोलिंग गाड़ी जा घुसी। जिसके कारण घर मे सो रही विनय महतो की 22 वर्षीय पत्नी किरण देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।


पुलिस की गाड़ी को घर में घुसने और महिला की मौत की खबर सुनते ही काफी संख्या में ग्रामीणों ने इकट्ठा हो गया और एनएच 101 को पूरी तरह बाधित करके प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। जिसको नियंत्रण में करने के लिए जिला के करीब आधा दर्जन थाने की पुलिस को तैनात किया गया है। ग्रामीणों ने पुलिस दुर्घटना ग्रस्त गाड़ी को जब खंगाला तो गाड़ी के अंदर खाली शराब की बोतल और शराब से भरी बोतल और एक जिंदा मुर्गा पाया गया। शराब और ज़िंदा मुर्गा देखते ही ग्रामीण उग्र हो गए और फिर उस गाड़ी में बैठे तीन पुलिस कर्मियों को भी ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। इसी बीच पुलिस गाड़ी में बैठा पुलिस ऑफिसर ASI अजय कुमार गहमागहमी का लाभ उठाते हुए घटनास्थल से भागने में सफल रहा। पुलिस के इस कारनामे पर तमाम तरह के सवाल खड़ा कर रहा है।
ग्रामीणोंका कहना है कि जहा एक तरफ बिहार सरकार द्वारा पूर्ण रूप से शराबबंदी है वहीं पर किस कानून के तहत पुलिस को इतनी छूट दी गई है की पुलिस अपने गाड़ी में शराब और मुर्गा लेकर घूम सके और खा सके पी सके। पुलिस शराब लेकर अपनी गाड़ी में घुमे तो कोई बात नही और आमआदमी के घर के पास शराब की खाली बोतल भी मिले तो अपराध है। ग्रामीणों ने पुलिस गाड़ी में शराब रखने का न केवल आरोप लगाया है बल्कि गाडी में शराब की बोतल और मुर्गे का पिक्चर भी बतौर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए घटना का सच बयान किया है।